11 अक्टूबर 2026 से शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो रही हैं और 19 अक्टूबर 2026 को समापन होगा. इस दौरान मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा की जाती है. मां दुर्गा के 9 रूपों का संबंध ज्योतिष में 9 रत्नों से भी जोड़ा गया है. रत्न शास्त्र के अनुसार, नवरात्र का समय रत्न धारण करने के लिए शुभ होता है. हर दिन का अलग रत्न है, जिसे उस दिन विधिवत तरीके से धारण करना रत्न की ताकत को बढ़ा सकता है. लेकिन ये ध्यान रखें कि रत्न विशेषज्ञ की सलाह से कुंडली के अनुसार ही करें.
पहला दिन - मां शैलपुत्री का संबंध चंद्रमा ग्रह से है और इनका शुभ रत्न मोती माना जाता है.
दूसरा दिन - मां ब्रह्मचारिणी का संबंध मंगल ग्रह से है और इनका शुभ रत्न मंगा है.
तीसरा दिन - मां चंद्रघंटा का संबंध शुक्र ग्रह से है और इनका शुभ रत्न हीरा है.
चौथा दिन - मां कूष्मांडा का संबंध सूर्य ग्रह से है और इनका शुभ रत्न माणिक्य है.
पांचवा दिन - मां स्कंदमाता का संबंध बुध ग्रह से है और इनका शुभ रत्न पन्ना है.
छठा दिन - मां कात्यायनी का संबंध बृहस्पति/गुरु ग्रह से है और इनका शुभ रत्न पुखराज है.
सातवां दिन - मां कालरात्रि का संबंध शनि ग्रह से है और इनका शुभ रत्न नीलम है.
आठवां दिन - मां महागौरी का संबंध राहु ग्रह से है और इनका शुभ रत्न गोमेद है.
नौवां दिन - मां सिद्धिदात्री का संबंध केतु ग्रह से है और इनका शुभ रत्न लहसुनिया है.
ज्योतिष में राशि अनुसार शुभ रत्न भी बताए गए हैं और व्यक्तिगत तौर पर कुंडली का अध्ययन करके भी शुभ रत्न बताए जाते हैं. ताकि संबंधित ग्रह को ताकतवर करके शुभ फल पाया जा सके. राशि के अनुसार शुभ रत्न भी जान लें.
मेष - लाल मूंगा यह रत्न साहस, ऊर्जा और दृढ़ता बढ़ाने वाला है. इसका संबंध मंगल ग्रह से है.
वृषभ - हीरा शुक्र से संबंधित रत्न है जो धन, समृद्धि, सौंदर्य, आकर्षण व भौतिक सुखों देने वाला माना गया है.
मिथुन - पन्ना रत्न बुध ग्रह से संबंधित हैं. जो बुद्धि, संवाद और सीखने की क्षमता से जुड़ा है.
कर्क - मोती चंद्रमा से संबंधित है, जिसका संबंध मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन तथा माता से है.
सिंह - माणिक्य सूर्य का रत्न है. इसका संबंध तेज, आत्मविश्वास और नेतृत्व से है.
कन्या - पन्ना रत्न और बुध ग्रह से है. यह रत्न संवाद, विश्लेषण, बुद्धि से है.
तुला - तुला के स्वामी शुक्र हैं जिसका रत्न हीरा है. हीरा पैसा, प्रेम, सुंदरता, लग्जरी लाइफ से है.
वृश्चिक - वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल का संबंध लाल मूंगा से है, जो साहस, शक्ति और संघर्ष से है.
धनु - इसके स्वामी गुरु ग्रह हैं जिन्हें मजबूत करने के लिए पीला पुखराज रत्न पहना जाता है. यह रत्न ज्ञान, गुरु-कृपा और आध्यात्मिक विकास से जोड़ा जाता है.
मकर - मकर के स्वामी शनि हैं, जिनका रत्न नीलम है. नीलम अनुशासन, धैर्य और मेहनत से जुड़ा है.
कुंभ - कुंभ के स्वामी शनि हैं. शनि को मजबूत करने के लिए नीलम रत्न धारण किया जाता है.
मीन - मीन राशि के स्वामी गुरु हैं, जिनका रत्न पीला पुखराज है.
ध्यान रखें कि सिर्फ राशि देखकर महंगा रत्न न खरीदें. बल्कि अपनी जन्मकुंडली के अनुसार विशेषज्ञ से सलाह लें. साथ ही रत्न लेते समय वे असली हैं या नहीं चैक करें. साथ ही उनका सर्टिफिकेट लें.
(Disclaimer: रत्नों से जुड़े ये संबंध ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं. रत्न धारण करने का निर्णय केवल राशि के आधार पर न लें. व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार योग्य ज्योतिषी की सलाह लेना उचित माना जाता है.)