आपने अपने घर या आस-पास के घरों ये देखा होगा कि अचानक से इलेक्ट्रॉनिक चीजें बार-बार खराब होने लगती हैं.
अगर आप एक समान ठीक करवा रहे हैं तो थोड़ा समय होते हीं दूसरा कोई समान खराब हो जाएगा.
आप सबक मन में यही सवाल आता होगा कि आखिर ऐसा होता क्यों है. हम सब यही सोचते हैं कि ये बस तकनीकी खराबी है, और उसपर हम ध्यान नहीं देते हैं.
लेकिन इसके पीछे वास्तु की समस्या हो सकती है. अगर वास्तु शास्त्र की मानें तो अगर घर में वास्तु का संतुलन बिगड़ेगा, तो ऐसी चीजें देखने को मिल सकती है.
इसके वजह से आपके घर में तरह-तरह के नुकसान देखने को मिल सकते हैं. खर्च बढ़ने लगता है. इस खबर में हम जानेंगे कि ऐसा क्यों होता है और इससे बचने का उपाय क्या है.
हमारे घर की दक्षिण-पूर्व दिशा को अग्नि कोण कहा जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि वो अग्नि तत्व का सेंटर माना जाता है.
अगर इस दिशा में कूड़ा रखते हैं या पानी की टंकी बनाते हैं, तो ये एक बड़ा कारण होता है आपके घर में समस्याओं को बढ़ाने का, जिससे आपके घर के घर के बिजली और इलेक्ट्रॉनिक सामान बार-बार खराब होने लगते हैं.
ऐसा होने के कारण जो सबसे ज्यादा प्रभावित मोटर और माइक्रोवेव होते हैं. इसी वजह से हमेशा अग्नि कोण की शुद्धता और उसकी ऊर्जा का खास ध्यान रखना चाहिए.
घर की उत्तर-पश्चिम दिशा को वायव्य कोण कहा जाता है, और ये वायु तत्व और गति से जुड़ी हुई दिशा माना जाता है.
अगर इस दिशा में कोई प्रॉब्लम होती है तो इसका सीधा असर घर के मशीनों और गाड़ियों पर होता है.
घर की गाड़ियां अचानक खराब होने लगती हैं. जिससे आपका खर्चा बढ़ने लगता है. इसलिए आपको वायु की गति को बना के रखना चाहिए.
आपको उत्तर-पश्चिम दिशा को हमेशा साफ सुथरा रखना चाहिए. अगर आपके घर में भारी समान ज्यादा हैं तो इस दिशा में रखने से बचना चाहिए.
ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को जल तत्व और शांति का सेंटर माना जाता है.
अगर आप इस पवित्र स्थान पर भारी लोहा, कबाड़ या कूड़ा-कचरा रखते हैं, तो इससे पानी की पाइपलाइन और सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें पैदा होने लगती हैं.
पानी के फ्लो में रुकावट आने से घर के सदस्यों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
इसलिए ईशान कोण को हमेशा हल्का और एकदम साफ-सुथरा रखना ही सबसे बेहतर माना जाता है.
ब्रह्म स्थान घर के एकदम बीच में होता है. जो पूरे घर के ऊर्जा मुख्य केंद्र होता है. अगर वहां कोई भारी समान रख दिया, तो पूरे घर की ऊर्जा प्रवाह स्लो हो जाती है.
ऊर्जा का फ्लो धीरे होने के वजह से घर के भीतर नेगेटिविटी बढ़ने लगती है. साथ ही तरह-तरह की समस्याएं घर को घेर लेती हैं.
अगर आपके घर ऐसी समस्या हमेशा बनी रहती है, तो फिर सबसे पहले घर का सारा कबाड़ बाहर फेक दें,
अगर घर में खराब घड़ी, टूटे हुए बर्तन या बंद पड़े गैजेट्स हैं तो ठीक करवा कर रख लें या हो सके तो फेक दें.
कहा जाता है कि ऐसी चीजों के घर में रहने का मतलब आपके जीवन की समस्याएं नहीं रूकेंगी.
घर के खिड़कियों और दरवाजों को सुबह के समय में खोलकर रखना चाहिए. जिससे घर में पॉजटिव एनर्जी का फ्लो होता रहे.
(Disclaimer): यह लेख वास्तु शास्त्र की सामान्य मान्यताओं और पारंपरिक जानकारियों पर आधारित है. इसका उद्देश्य पाठकों तक जानकारी पहुंचाना है.