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अपने देश में घर, दुकान या नई गाड़ी के आगे नींबू-मिर्च लटकी देखना बहुत ही आम बात है. जब भी हम किसी दुकान के मेन गेट पर काले धागे में एक नींबू और 5 या 7 हरी मिर्च पिरोई हुई देखते हैं, तो सबसे पहले दिमाग में बुरी नजर का ख्याल आता है.
ज्यादातर लोग मानते हैं कि ये सिर्फ पूजा-पाठ या टोटके से जुड़ा मामला है. लेकिन सच ये है कि इस पुरानी परंपरा के पीछे सिर्फ आस्था ही नहीं, बल्कि हमारे बुजुर्गों के कई व्यावहारिक और काम के तरीके भी छिपे हुए हैं.
हमारे समाज में नींबू-मिर्च को बुरी नजर से बचने का सबसे आसान तरीका माना जाता है. लोगों की ऐसी मान्यता है कि अगर किसी की नजर या जलन की भावना आपके घर या दुकान पर पड़ती है, तो उसका बुरा असर इस नींबू-मिर्च पर चला जाता है.
इसी वजह से नया काम शुरू करते ही या नई गाड़ी खरीदते ही लोग सबसे पहले नींबू-मिर्च बांधते हैं. हालांकि यह पूरी तरह से लोगों की आस्था और विश्वास पर निर्भर करता है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.
नींबू-मिर्च टांगने के पीछे एक बहुत ही काम का व्यावहारिक कारण भी है. नींबू की खटास और मिर्च का तीखापन छोटे-छोटे कीड़े-मकोड़ों को दूर रखता है. हरी मिर्च में 'कैप्साइसिन' नाम का तत्व होता है, जिसकी तेज गंध कीड़ों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होती है.
पुराने जमाने में जब बाजार में आज की तरह कीटनाशक स्प्रे नहीं मिलते थे, तब हमारे बड़े-बुजुर्ग कीट-पतंगों को दरवाजे से दूर रखने के लिए इस देसी तरीके का इस्तेमाल करते थे.
एक पुरानी सोच यह भी रही है कि दरवाजे पर टंगी नींबू-मिर्च आसपास के माहौल को थोड़ा साफ रखती है. जब नींबू और मिर्च धागे में बिंधे होते हैं, तो उनसे हल्की-हल्की गंध निकलती रहती है.
पुराने समय में लोग मानते थे कि इससे दरवाजे के आसपास का वातावरण थोड़ा बेहतर रहता है. हालांकि आज का विज्ञान इस बात को पूरी तरह नहीं मानता कि इससे हवा शुद्ध होती है, लेकिन लोक परंपराओं में यह विचार सालों से चला आ रहा है.
अगर धार्मिक मान्यताओं की बात करें तो नींबू-मिर्च लगाने के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन सबसे खास माना जाता है. लोग मानते हैं कि इन दो दिनों में इसे लगाने से नकारात्मक शक्तियाँ दूर रहती हैं.
आमतौर पर एक काले धागे में एक नींबू के साथ 5 या 7 हरी मिर्च पिरोई जाती हैं. हालांकि अलग-अलग इलाकों और परिवारों में इसे पिरोने और लगाने का तरीका थोड़ा अलग भी हो सकता है. लोग अपनी पारिवारिक परंपरा के हिसाब से इसे अपनाते हैं.
धूप और हवा लगने की वजह से नींबू और मिर्च हफ्तेभर में सूखने लगते हैं. इसलिए इन्हें बहुत लंबे समय तक लटकाकर रखने के बजाय समय-समय पर बदल देना चाहिए. ज्यादातर लोग शनिवार या मंगलवार के दिन पुरानी नींबू-मिर्च उतारकर नई लगा लेते हैं.
उतारी गई पुरानी लटकन को घर के डस्टबिन में फेंकने के बजाय किसी सुनसान जगह या मिट्टी में डाल दिया जाता है. इस तरह यह परंपरा हमारी आस्था, पुरानी जीवनशैली और समझदारी का एक सुंदर मेल है.
(Disclaimer): यह लेख ठाणे पुलिस द्वारा भिवंडी अदालत में दाखिल की गई आधिकारिक चार्जशीट, पुलिस अधिकारियों के बयानों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित एक विवरणात्मक रिपोर्ट है. इसका उद्देश्य पाठकों तक मामले से जुड़ी निष्पक्ष जानकारी पहुंचाना है.