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इस साल कब मनाई जाएगी वाल्मीकि जयंती, इस पर्व पर कौन से 5 काम कर जीवन में ला सकते हैं सकारात्मक बदलाव

Valmiki Jayanti 2026 Kab Hai: हर साल आश्विन पूर्णिमा तिथि पर वाल्मीकि जयंती मनाने का विधान है. ऐसे आइए जानें इस साल यह जयंती कब मनाई जाएगी. इस दिन कौन से 5 काम कर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं.

Written By Padma Shree Shubham
Published: Oct 23, 2026, 08:16 PM IST | Updated: Oct 23, 2026, 08:24 PM IST
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Valmiki Jayanti Kab Hai: हिंदू धर्म में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर्व का विशेष महत्व है. इस दिन महाकाव्य रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि को स्मरण करने का मौका मिलता है. इस दिन श्रद्धापूर्वक महर्षि वाल्मीकि पूजा करें और उनसे प्रेरणा लें. हर साल की तरह इस साल भी आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि पर महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई जाएगी. आइए विस्तार से जानें वाल्मीकि जयंती से जुड़ी जरूरी जानकारियां क्या हैं.

कब मनाई जाएगी वाल्मीकि जयंती 2026?

पंचांग के अनुसार, इस साल आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को सुबह 11:55 बजे शुरू होगी और तिथि का समापन 26 अक्टूबर की सुबह 09:41 बजे होगा. उदया तिथि के अनुसार साल 2026 में महर्षि वाल्मीकि जयंती सोमवार के दिन 26 अक्टूबर को मनाई जाएगी.

कौन थे महर्षि वाल्मीकि?

महर्षि वाल्मीकि एक महान ऋषि और कवि हैं जिन्होंने महाकाव्य रामायण की रचना की है जो भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों को गहराई से बताता है. माता सीता के संघर्षों को बताता है और सिखाता है कि पारिवारिक संबंधों के साथ ही सामाजिक स्तर पर कैसे अपनी मर्यादा में रहकर धर्म के रास्ते पर चल सकते हैं. महर्षि की यह रचना भारतीय साहित्य, संस्कृति के साथ ही लोकपरंपराओं को बताती है. वाल्मीकि जयंती महर्षि वाल्मीकि के ज्ञान को आत्मसात करने, उनके साहित्यिक योगदान समझने और  उनके आध्यात्मिक जीवन से प्रेरणा लेने का एक मौका है ताकि अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके और हर कदम सत्य, करुणा, ज्ञान और अच्छे आचरण के साथ आगे बढ़ा जा सके.

कैसे मनाई जाती है वाल्मीकि जयंती?

वाल्मीकि जयंती के मौके पर महर्षि वाल्मीकि के मंदिरों में पूजा की जाती है और शोभा यात्राएं निकालने की भी परंपरा है. रामायण का पाठ करें और राम जी के भजन गाएं. इस दिन कीर्तन करें. कुछ जगहों पर सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. जरूरतमंदों की सेवा की जाती है और महर्षि वाल्मीकि के विचारों को लोगों तक पहुंचाया जाता है.

महर्षि वाल्मीकि जयंती पर क्या-क्या करें?

भगवान राम की पूजा करें और उनके जीवन से मिलने वाली प्रेरणा को अपनाएं.
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर वाल्मीकि जी की विशेष पूजा-अर्चना करें.
परिवार के साथ मिलकर अखंड रामायण पाठ करें. पूरा पाठ नहीं कर सकते हैं तो उसके चुनिंदा अंशों का पाठ भी कर सकते हैं.
सांध्य दीपदान करें यानी शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर अगर दीपक जलाएंगे तो जीवन में सकारात्मकता आएगी.
निर्धन और जरूरतमंदों को वस्त्र दान करें. भोजन और शिक्षण सामग्री दान करें.

(डिस्क्लेमर- यह सामग्री धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं एवं उपलब्ध धार्मिक स्रोतों पर आधारित है. विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और परंपराओं के अनुसार व्रत-त्योहारों की तिथि, पूजा-विधि एवं मान्यताओं में अंतर संभव है. पाठक इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के रूप में देखें.)

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About the Author

पद्मा श्री शुभम् को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव. मॉस कम्‍युनिकेशन ग्रेजुएट और हिंदी लिटरेचर से पोस्‍ट ग्रेजुएट. मीडिया में डिजिटल प्लेटफॉर्म से करियर शुरू करने के बाद कई संस्थाओं में काम किया. Nedrick News, TFI Post जैसी संस्थाओं में कार्यरत रहीं. इसके बाद Zee News जॉइन किया. समाचार और वर्तमान घटनाओं पर लिखने पढ़ने में रुचि. धर्म और ज्योतिष में अधिक रुचि. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष संबंधी लेख लिखने में कार्यरत. पद्मा से आप padma.shubham@India.com मेल के जरिए सीधे संपर्क कर सकते हैं.
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