भाषा चुनें
  • Hindi
  • English
  • Marathi
  • Bengali
  • Tamil
  • Malayalam
  • Gujarati
  • Telugu
  • Kannada
  • Odisha
  • Z Bharat
  • ZEE PHH
  • ZEE Business
  • WION
राज्य चुनें
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • मध्य प्रदेश
  • छत्‍तीसगढ़
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • बिहार
  • झारखण्ड
  • राजस्‍थान
  • हिमाचल प्रदेश
  • हिन्दीEnglishमराठीবাংলাதமிழ்മലയാളംગુજરાતીతెలుగుಕನ್ನಡଓଡ଼ିଶାZ BharatPHHBusinessWION
  • facebookyoutubetwitterlinkedinwhatsapp
Zee News Hindi
App
Zee News Hindi
  • News
  • वीडियो
  • फोटोज़
  • रील्स
  • लाइव ब्लॉग
  • राज्य चुनें

Add Zee Business As A Preferred Source
App
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • LIVE टीवी
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • ज़ी न्यूज़ हिंदी
  • /धर्म
  • /तीन पिंडियां, एक शक्ति! वैष्णो देवी के दरबार में कौन-सी देवियां देती हैं दर्शन? क्‍या है उनका रहस्‍य?

तीन पिंडियां, एक शक्ति! वैष्णो देवी के दरबार में कौन-सी देवियां देती हैं दर्शन? क्‍या है उनका रहस्‍य?

देवी मां के पवित्र तीर्थ वैष्‍णो देवी में मानव निर्मित कोई मूर्ति नहीं है, बल्कि भक्‍त गुफा में स्थित 3 पिंडियों के दर्शन करते हैं. जिन्‍हें 3 देवियों का रूप माना गया है. जानिए इन पिंडियों का रहस्‍य कि ये कब कहां कैसे प्रकट हुईं?

Written ByShraddha Jain
Published: Oct 18, 2026, 09:23 AM IST|Updated: Oct 18, 2026, 09:28 AM IST
joinshare
तीन पिंडियां, एक शक्ति! वैष्णो देवी के दरबार में कौन-सी देवियां देती हैं दर्शन? क्‍या है उनका रहस्‍य?
Image Credit: माता वैष्‍णो देवी धाम में स्थि‍त 3 पिंडियों का आध्‍यात्मिक महत्‍व और उनके प्रकट होने की कहानी. (Photo:AI)

About the Author

Shraddha Jain

Shraddha Jain

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
Read More

ट्रेंडिंग

  • न्यूज़
  • फोटो
  • वीडियो
चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का बिहार पर दिखेगा असर, 28 अक्टूबर से बारिश के आसार, 29 को पूरे राज्य में 'ऑरेंज अलर्ट'

चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का बिहार पर दिखेगा असर, 28 अक्टूबर से बारिश के आसार, 29 को पूरे राज्य में 'ऑरेंज अलर्ट'

2

PM मोदी के पिता पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: गजेंद्र सिंह शेखावत और अतुल भंसाली ने कांग्रेस को घेरा

3

SBI-PNB-HDFC में 16 दिन नहीं होगा काम! चेक करें नवंबर में कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

4

एटम बम का घमंड धड़ाम: भारत की परमाणु पावर से 'जिन्नालैंड' में हड़कंप; बिलबिला उठे सियासतदान

5

BJP vs Congress: 1 नवंबर को कांग्रेस की रैली के जवाब में बीजेपी करेगी पदयात्रा

logo
  • contact us
  • privacy policy
  • legal
  • investor info
  • advertise with us
© 1998-2026 Indiadotcom Digital Private Limited, All Rights Reserved.

जम्‍मू के कटरा में भक्‍त कठिन चढ़ाई चढ़कर त्रिकूट पर्वत पर स्थित वैष्‍णो देवी धाम पहुंचते हैं. जहां पवित्र गुफा में 3 पिंडियों के रूप में विराजमान देवी के दर्शन करते हैं. हर साल लाखों भक्‍त इस धाम में आते हैं, जिनमें से कई भक्‍तों के मन में यह सवाल आता है कि यहां 3 पिंडियां ही क्‍यों है, ये कैसे प्रकट हुईं? आइए जानते हैं कि ये 3 पिंडियां किन 3 देवियों का रूप हैं और इस गुफा में कब कैसे मिलीं और इनकी पूजा कैसे प्रारंभ हुई?

3 देवियों का रूप हैं 3 पिंडियां

धार्मिक मान्‍यता के अनुसार, ये 3 पिंडियां मां महाकाली, मां महालक्ष्मी और मां महासरस्वती का रूप हैं. यानी कि ये तीनों अलग हैं, उनका अपना-अपना महत्‍व है लेकिन ये देवियां तीनों एक ही शक्ति हैं. साथ ही इन पिंडियों का खास आध्‍यात्मिक महत्‍व है.  

मां महाकाली : देवी महाकाली को हिंदू धर्म में साहस, शक्ति और अधर्म का विनाश करने वाली देवी के रूप में पूजा गया है. यह रूप व्‍यक्ति को नकारात्‍मक शक्तियों से लड़ने के साथ-साथ अपने अंदर की बुराइयों से लड़ने की भी प्रेरणा देता है.

मां महालक्ष्‍मी : हिंदू धर्म में देवी लक्ष्‍मी को धन, समृद्धि, वैभव और सुख की देवी माना गया है. देवी का यह रूप प्रेरणा देता है कि जीवन में धन-वैभव अर्जित करें, साथ ही उसका सदुपयोग भी करें. ताकि परिवार में सुख और जीवन में संतुलन रहे.

मां महासरस्‍वती: ज्ञान, बुद्धि और विवेक की देवी सरस्‍वती हैं. वे ज्ञान और विवेक का महत्‍व बताती हैं और अज्ञान से ज्ञान के प्रकाश की ओर बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

संतुलन सिखाती हैं ये पिंडियां

इन तीनों पिंडियों के एकसाथ होने का गहरा आध्‍यात्मिक महत्‍व हैं. ये बताती हैं कि जीवन में संतुलन बेहद जरूरी है. यानी कि व्‍यक्ति ज्ञानी हो, साहसी हो और समृद्ध हो, तभी जीवन सुख-शांति से गुजरता है. इनमें से यदि एक की भी कमी हो तो जीवन में अशांति, समस्‍याएं बढ़ती हैं.

(यह भी पढ़ें: जल गया दैत्य निशुंभ का 'वध स्थल', नवरात्र में जले प्राचीन मंदिर में होती है तिब्बती देवता की पूजा!) 

कैसे प्रकट हुईं ये पिंडियां?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, भैरवनाथ एक शक्तिशाली तांत्रिक था. उसे अपनी शक्ति का बेहद अहंकार था. एक बार की बात है उसने माता वैष्‍णो देवी से विवाह करने की सोची और इसके लिए त्रिकूट पर्वत पहुंच गया, जहां वैष्‍णो देवी तपस्‍या में लीन थीं. भैरवनाथ ने उनकी तपस्‍या भंग करने की कोशिश की. मां ने उसे लौट जाने की चेतावनी दी लेकिन वह नहीं माना.

तब माता ने महाकाली का रूप धारण किया और त्रिशूल से भैरवनाथ का वध कर दिया. भैरवनाथ जब मृत्‍यु को प्राप्‍त हो रहा था, तब उसे अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने माता से क्षमा मांगी. मां ने उसे म‍ुक्ति दी और वरदान दिया कि जो भी भक्‍त वैष्‍णो देवी आएगा, वो भैरवनाथ के भी दर्शन करेगा, तभी उसकी यात्रा पूर्ण होगी.

इसके बाद माता वैष्‍णो देवी अंतर्ध्‍यान हो गईं, उन्‍होंने शरीर रूप त्‍याग दिया और महाकाली, महालक्ष्मी व महासरस्वती- इन तीनों शक्तियों के प्रतीक के रूप में तीन प्राकृतिक पिंडियों का रूप लेकर गुफा में ध्‍यानस्‍थ हो गईं. इसलिए इन पिंडियों को स्‍वयंभू कहा जाता है.

पंडित श्रीधर ने खोजी गुफा

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर दी गई प्रचलित कथा के अनुसार, माता के एक परम भक्‍त पंडित श्रीधर थे, जो‍ कि कटरा के पास ही एक गांव में रहते थे. उन्‍हें एक बार स्‍वप्‍न में त्रिकुटा पर्वत और इन 3 पिंडियों के दर्शन हुए. फिर उन्‍होंने पर्वत पर इस गुफा को खोजा. तब से ही माता के स्‍वरूप इन पिंडियों की पूजा अनवरत जारी है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित पौराणिक परंपराओं पर आधारित है. इसका उद्देश्य किसी की आस्था को ठेस पहुंचाना नहीं है.)

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:
mythology