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शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू होने वाला है. इस त्योहार का हमारे सनातन धर्म में बहुत महत्व है. शास्त्रों की मानें तो इस दौरान जो मां दुर्गा की पूजा करता है उसकी समस्याएं दूर हो जाती है.
त्योहार के आते ही लोग अपने अपने घरों में कलश की स्थापना करते हैं और देवी मां को खुश करने के लिए तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं.
वास्तु शास्त्र के मुताबिक आज हम आपको बताएंगे कि शारदीय नवरात्र के पहले दिन अपने घर के मेन गेट पर ऐसा कौन-सा निशान बनाना चाहिए जिससे घर में सालभर सुख और समृद्धि बनी रहे.
इस दौरान लोग अपने घर में कई तरह के शुभ निशान बनाते हैं. लेकिन वास्तु की माने तो मेन गेट पर हल्दी या लाल रोली से ॐ का निशान बनाना बेहद शुभ माना जाता है.
जैसा कि हम जानते हैं ॐ को केवल एक शब्द नहीं माना जाता है. इसमें ब्रह्मांड की अपार पॉजटिव एनर्जी समाई हुई है. जब भी आप अपने घर के मेन गेट पर ये निशान बनाते हैं, वैसे ही ये आपके घर में आने वाले नेगेटिव एनर्जी को ब्लाक कर देता है.
साथ में ये निशान आपके घर चल रहे पुराने वास्तु दोष को भी खत्म कर देता है. इससे घर में शांति बनी रहती है. परिवार के लोगों का मन पूजा-पाठ में लगता है, साथ उनके बीच और प्यार भी बढ़ता है.
घर का मेन गेट आपके आने जाने का साधन नहीं है. यहां से पॉजटिव और नेगेटिव एनर्जी भी आती है. इसलिए शारदीय नवरात्र के पहले दिन मेन गेट पर स्वास्तिक का निशान बनाना चाहिए.
वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि स्वास्तिक का निशान बनाने से आपको बहुत अच्छा फल मिलता है. ये घर में आने ऊर्जा को शुभ और पॉजटिव बना देती है. इससे घर का माहौल एकदम अच्छा मजेदार बना रहता है.
घर मां दुर्गा की असीम कृपा बनी रहती है. इतना ही नहीं आपका बहुत समय से अगर कोई काम रुका है, तो इसको लगाने से वो भी पूरा हो जाएगा.
आपने अपने सभी शुभ कामों कलश को जरूर देखा होगा. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ये खुशहाली, सुख और समृद्धि का प्रतीक होता है.
बस इसी वजह से शारदीय नवरात्र के पहले दिन ही इसे अपने गेट पर रोली या हल्दी कलश के निशान को बना लेना चाहिए.
अगर आपने गेट पर कलश का निशान बना लिया है तो ये आपके घर में शुभ ऊर्जा को लाने का काम करेगा. कहा जाता है ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. जिससे घर में कभी भी पैसे की कमी नहीं होती है.
कलश का निशान होना इस बात कि गारंटी होती है कि आपके घर मे कभी भी खाने-पीने की नहीं होगी. आपका अन्न भंडार हमेशा भरा रहेगा. जो भी आपके घर आएगा उसका तृप्त होकर ही जाएगा.
नवरात्र के पहले दिन मेन गेट पर मां लक्ष्मी के चरण चिन्ह लगाना या सिंदूर से बनाना बहुत ही शुभ होता है. ये मां लक्ष्मी को अपने घर में आदर के साथ बुलाने का एक धार्मिक तरीका है.
चरण लगाने से पहले इस बात का पूरा ध्यान रखें कि मेन गेट एकदम साफ-सुथरा हो और आसपास जरा सा भी कूड़ा-कचरा न हो.
लक्ष्मी जी के चरण हमेशा इस तरह लगाएं कि उनका रुख बाहर से अंदर की तरफ आता हुआ दिखे. इससे घर में बरकत होती है और तिजोरी कभी खाली नहीं रहती है.
शास्त्रों और वास्तु में बताए गए ये छोटे-छोटे उपाय बहुत ही आसान और असरदार होते हैं. नवरात्र के नौ दिन माता रानी की साधना के सबसे पावन दिन होते हैं.
अगर आप पहले दिन से ही अपने घर के प्रवेश द्वार को स्वच्छ रखकर इन चार पवित्र चिह्नों को उकेरते हैं, तो घर की नकारात्मकता हमेशा के लिए बाहर हो जाती है.
इससे परिवार के सदस्यों की तरक्की के रास्ते खुलते हैं, अचानक होने वाले नुकसान रुकते हैं और पूरे साल घर में सुख, शांति और समृद्धि का माहौल बना रहता है.
(Disclaimer): यह लेख हिंदू धर्मग्रंथों, वास्तु शास्त्र के नियमों और प्रचलित धार्मिक मान्यताओं में उपलब्ध जानकारियों पर आधारित है.