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Pitru Paksha 2026: पितरों के श्राद्ध कर्म के तुरंत बाद कौन से 5 काम वर्जित, पितृ नाराज हो जाएं उससे पहले जान लें

Pitru Paksha 2026 Ke Niyam: पितरों के श्राद्ध कर्म के तुरंत बाद किन 5 कामों को करने की मनाही होती है, इस बारे में आइए विस्तार से जानें ताकि पितृ नाराज न हों और अपनी कृपा घर पर बनाए रखें.

Written By Padma Shree Shubham
Published: Sep 17, 2026, 01:16 PM IST | Updated: Sep 17, 2026, 01:25 PM IST
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Pitru Paksha Prohibited Work: हिंदू धर्म में पितरों के तर्पण और श्राद्ध कर्म को बहुत महत्व दिया गया है. पितर जब प्रसन्न रहते हैं तो घर के लोगों को आशीर्वाद देते हैं और अपनी कृपा घर पर बनाए रखते हैं. ऐसे में इस बात पर गौर करना जरूरी है कि पितरों से जुड़े कौन से नियमों का पालन करें ताकि वे प्रसन्न रहें, नाराज न हों और उनकी आत्मा भी शांत व तृप्त हो सके. पितरों की आत्मा की शांति के लिए पितृपक्ष में उनका श्राद्ध कर्म, पिंडदान और तर्पण करने का विधान है.

धार्मिक मान्यता है कि पितरों का पिंडदान और श्राद्ध कर्म करने से पितृदोष से व्यक्ति को मुक्ति मिलती है. हालांकि इससे जुड़ा एक जरूरी नियम ये है कि पितरों का श्राद्ध और पूजन करने के तुरंत बाद कुछ कार्यों को कतई नहीं करना चाहिए. नहीं तो श्राद्ध का शुभ फल प्राप्त नहीं होता है और पितृ नाराज भी सकते हैं. आइए विस्तार से जानें कि वो कौन से काम हैं जिनको श्राद्ध-तर्पण के तुरंत बाद भूलकर भी नहीं करना चाहिए.

नया कार्य और यात्रा न करें

श्राद्ध कर्म संपन्न करने के ठीक बाद कोई भी लंबी यात्रा न करें. यात्रा विफल हो सकती है. इसके अलावा श्राद्ध कर्म पूरा करने के तुरंत बाद कोई भी नए कार्य को शुरू न करें. कार्य का कोई शुभ परिणाम प्राप्त नहीं होगा.

श्राद्ध के तुरंत बाद भोजन करने से बचें

पितरों का तर्पण करके घर आएं तो तुरंत भोजन करने न बैठ जाएं. बल्कि  ब्राह्मण, कौआ, कुत्ता, गाय, चींटी आदि को भोजन करवाएं. पितरों की पूजा तभी संपन्न मानी जाती है. जब इन नियमों को पूरा कर लें तभी करीब 1 घंटे बाद ही भोजन करें.

तामसिक भोजन का सेवन न करें

पितरों की पूजा के बाद भूल से भी तामसिक भोजन जैसे लहसुन, प्याज, मांस आदि का सेवन न करें. जिस घर में पितरों की पूजा हो रही हो वहां पर भूलकर भी मास न बनाएं और न खाएं. नहीं तो पूजा का शुभ फल नहीं मिलेगा और पितृ भी नाराज हो जाएंगे.

श्राद्ध के तुरंत बाद विश्राम करना वर्जित है

श्राद्ध के तुरंत बाद आकर सोएं न या विश्राम न करें. धार्मिक मान्यता है कि पितृ पूजन के बाद दान-पुण्य करना करना चाहिए. गरीबों को खाना खिलाना चाहिए. न कि आराम करना चाहिए. पितरों को याद कर उनको प्रणाम करना चाहिए या पितृ मंत्रों का जाप करना भी शुभ परिणाम दे सकता है. पितरों की पूजा के एक पहर बात ही विश्राम करें यानी 3 या 4 घंटे बीत जानें पर. हालांकि, बूढ़े और बीमारों के लिए यह नियम बाध्य नहीं है.

घर में अशांति न फलाएं

पितरों की पूजा करने के बाद इस बात का पूरा ध्यान रखें कि घर में शांति बनी रहे और घर में बहस और लड़ाई न हो. घर के बुजुर्गों का सम्मान करें, उनका दिल न दुखाएं. इन बातों पर ध्यान न दें तो पितरों की आत्मा को ठेस पहुंचती है और तर्पण-श्राद्ध के बाज भी उनकी आत्मा शांत नहीं होती है.

(डिस्क्लेमर- यह जानकारी पारंपरिक वास्तु एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है. बताए गए उपायों के प्रभाव और परिणाम व्यक्ति विशेष की परिस्थितियों, आस्था, स्थान तथा अन्य कारकों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें और किसी भी प्रकार के निश्चित परिणाम या लाभ का दावा न मानें.)

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About the Author

पद्मा श्री शुभम् को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव. मॉस कम्‍युनिकेशन ग्रेजुएट और हिंदी लिटरेचर से पोस्‍ट ग्रेजुएट. मीडिया में डिजिटल प्लेटफॉर्म से करियर शुरू करने के बाद कई संस्थाओं में काम किया. Nedrick News, TFI Post जैसी संस्थाओं में कार्यरत रहीं. इसके बाद Zee News जॉइन किया. समाचार और वर्तमान घटनाओं पर लिखने पढ़ने में रुचि. धर्म और ज्योतिष में अधिक रुचि. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष संबंधी लेख लिखने में कार्यरत. पद्मा से आप padma.shubham@India.com मेल के जरिए सीधे संपर्क कर सकते हैं.
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