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Pitru Paksha 2026: घर से दूर रहकर नहीं कर पा रहे श्राद्ध कर्म? जहां हैं वहीं कर लें बस ये 5 काम, मिलेगी पितृ ऋण से मुक्ति!

Pitru paksha 2026 Remedies: अगर कोई व्यक्ति घर से दूर रह रहा है और श्राद्ध कर्म नहीं कर पा रहा है तो ऐसी स्थिति में उसे क्या करना चाहिए, कौन से 5 आसान उपाय करके वह पितृ ऋण से मुक्ति पा सकता है? आइए इस लेख में विस्तार से जानें.

Written By Padma Shree Shubham
Published: Sep 27, 2026, 09:01 AM IST | Updated: Sep 27, 2026, 12:06 PM IST
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Pitru Paksha Easy Shradh Rules: सनातन धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व बताया गया है. यह समय पूर्ण रूप से पूर्वजों को सम्मान देने और उनके तर्पण के लिए समर्पित है. इस साल पितृपक्ष 26 सितंबर से शुरू हो चुका है. इस दिन से ही तिथि अनुसार पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए उनका श्रद्धा कर्म किया जाएगा. तर्पण और पिंडदान करने से पितृ दोष दूर होता है और पूर्वजों के ऋण से मुक्ति मिलती है. परिजन को पूर्वजों की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है.

पितृदोष और पितृ ऋण से मुक्ति पाने के लिए लोग अपने पैतृक घर में विधि-विधान से श्राद्ध कर्म करते हैं. लेकिन कई लोग घर से दूर रहने के कारण पितृपक्ष के दौरान अपने पैतृक घर नहीं जा पाते हैं और न तो पूर्वजों का तर्पण कर पाते हैं. काम या किसी अन्य कारणों से घर से दूर रहते हैं, लेकिन पूर्वजों के लिए सम्मान का भाव रखते हैं. पितरों की आत्मा की शांति, उनके मोक्ष और आशीर्वाद के लिए सच्ची श्रद्धा के साथ श्राद्ध और तर्पण करना चाहते हैं. लेकिन घर से दूर रहने के कारण ऐसा कर पाना आसान नहीं हो पाता है. ऐसे में जहां भी रह रहे हैं वहीं पर अगर अपने सामर्थ्य के अनुसार अगर कुछ विशेष उपाय कर लें तो पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है और पितृ दोष और ऋण से मुक्ति मिल सकती है. आइए जानें पितृपक्ष में अपने पूर्वजों की शांति और कृपा प्राप्ति के लिए कौन से 5 उपाय करें.

पितृ ऋण से मुक्ति के लिए करें ये 5 उपाय

भोजन कराएं

घर से दूर रह रहे लोग पितृपक्ष में पितरों को प्रसन्न करने के लिए हर दिन पशु-पक्षियों को भोजन कराएं. अपने घर की छत या बालकनी में पक्षियों के लिए अनाज छोड़ें और पानी रखें. पशुओं को रोटी खिलाएं और फल आदि भी खिलाएं.

गोसेवा करें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर पैतृक घर से बाहर भी रह रहे हैं तो पितृपक्ष में गोसेवा करें. आस-पास के गोशाला जाएं और गायों को प्रणाम कर उन्हें जल पिलाएं व हरी घास खिलाकर उनकी सेवा करें. चारा या रोटी खिलाएं और पितरों की शांति के लिए प्रार्थना करें. हो सके तो पितृ पक्ष से ही हर दिन नियमित रूप से गायों की सेवा करें.

पौधा लगाएं

पितरों की स्मृति को लंबे समय तक बनाए रखने और उनकी विशेष कृपा पाने के लिए पूर्वजों के नाम पर पितृ पक्ष में पौधा जरूर लगाएं. इसी के साथ इन पौधों की नियमित रूप से सेवा करें और देखरेख करें.

दान करें

पितृपक्ष में गरीबों की मदद करें, जरूरतमंदों को भोजन कराएं और धन का दान करें. जरूरी चीजों को दान करना भी शुभ होगा. दान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं. घर के सभी काम पूरे होने लगते हैं.

दीपक जलाएं

पितृपक्ष में हर शाम को घर में दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अगर तेल से दीपक जलाएं, दिन या शाम में पीपल के पेड़ की जड़ में पानी डालें, कच्चा दूध और काले तिल को मिलाकर भी पीपल के पेड़ में डालें, पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं, दीपक जलाकर पूर्वजों का ध्यान करें और उनकी शांति के लिए प्रार्थना करें. दीपक जलाने और जल चढ़ाने के इस उपाय को करने से पितृ तृप्त होते हैं और पितृ ऋण से भी मुक्ति मिलती है.

(डिस्क्लेमर- यह जानकारी पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. बताए गए उपायों के प्रभाव और परिणाम व्यक्ति विशेष की परिस्थितियों, आस्था, स्थान तथा अन्य कारकों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें और किसी भी प्रकार के निश्चित परिणाम या लाभ का दावा न मानें.)

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About the Author

पद्मा श्री शुभम् को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव. मॉस कम्‍युनिकेशन ग्रेजुएट और हिंदी लिटरेचर से पोस्‍ट ग्रेजुएट. मीडिया में डिजिटल प्लेटफॉर्म से करियर शुरू करने के बाद कई संस्थाओं में काम किया. Nedrick News, TFI Post जैसी संस्थाओं में कार्यरत रहीं. इसके बाद Zee News जॉइन किया. समाचार और वर्तमान घटनाओं पर लिखने पढ़ने में रुचि. धर्म और ज्योतिष में अधिक रुचि. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष संबंधी लेख लिखने में कार्यरत. पद्मा से आप padma.shubham@India.com मेल के जरिए सीधे संपर्क कर सकते हैं.
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