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ये हैं पितृ पक्ष की सबसे अहम तिथियां, इन पर जरूर करें तर्पण-श्राद्ध, पूर्वज भर-भरकर देंगे आशीर्वाद

पितृ पक्ष प्रारंभ हो गए हैं और इन 15 दिनों में कुछ तिथियां विशेष मानी गई हैं, जिसमें पूर्वजों की आत्‍मा की शांति के लिए श्राद्ध-तर्पण जरूर करें. देखें ये महत्‍वपूर्ण तिथियां और उनका महत्‍व.

Written By Shraddha Jain
Published: Sep 28, 2026, 01:06 PM IST | Updated: Sep 28, 2026, 01:10 PM IST
Image Credit: पितृ पक्ष की 4 प्रमुख तिथियां और उनका महत्‍व. (Photo:AI)
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हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का समय पूर्वजों के प्रति श्रद्धा-सम्‍मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का समय होता है. धार्मिक मान्‍यता है कि इस दौरान पितरों की आत्‍मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और दान करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. जीवन में सुख-समृद्धि आती है. परिवार फलता-फूलता है. हालांकि कई लोगों के लिए समय की कमी या अन्‍य कारणों से सभी 16 दिन पितृ कर्म करना संभव नहीं हो पाता है. ऐसे में कुछ खास तिथियों पर श्राद्ध-तर्पण करके भी पितरों की कृपा पा सकते हैं. जानिए ये विशेष तिथियां कौन-सी हैं और इस साल कब पड़ रही हैं.

पितृ पक्ष की प्रमुख तिथियां

महाभरणी श्राद्ध - 29 सितंबर 2026, मंगलवार

इस तिथि का संबंध भरणी नक्षत्र से है. यानी कि इस दिन भरणी नक्षत्र रहता है. धार्मिक मान्‍यता है कि इस दिन श्राद्ध करने से परिवार के उन सभी पितरों की आत्‍मा को शांति मिलती है, जो अविवाहित रहे हों या जिनकी असमय मृत्‍यु हो गई है. इस दिन ऐसे ज्ञात-अज्ञात पितरों के लिए श्राद्ध-तर्पण करें.

मातृ नवमी - 4 अक्टूबर 2026, रविवार

पितृ पक्ष की नवमी तिथि परिवार की दिवंगत महिलाओं को समर्पित है. इस दिन सभी महिला पूर्वजों के लिए श्राद्ध-तर्पण किया जाता है इसलिए इसे मातृ नवमी कहते हैं. इस दिन दादी, नानी, बहन, सास, मां आदि महिला रिश्‍तेदारों में जिनका भी निधन हो चुका है और उनकी तिथि ज्ञात न हो तो उन सभी के लिए मातृ नवमी पर श्राद्ध करें. इस दिन ब्राह्मणों और कन्‍याओं को भोजन कराना उत्‍तम माना गया है.

मघा श्राद्ध - 7 अक्टूबर 2026, बुधवार

पितृ पक्ष के दौरान जिस दिन दोपहर में मघा नक्षत्र पड़ता है उस दिन मघा श्राद्ध किया जाता है. जो कि इस साल 7 अक्‍टूबर को पड़ रहा है. मघा नक्षत्र के देवता पितृ माने गए हैं, ऐसे में मान्‍यता है कि इस दिन तर्पण करने से पितृ तृप्‍त होते हैं. साथ ही जिन पूर्वजों का वास्‍तविक तिथि पर श्राद्ध नहीं हो पाया, उनका भी इस दिन तर्पण-पिंडदान कर सकते हैं.

सर्वपितृ अमावस्‍या - 10 अक्टूबर 2026, शनिवार

यह सबसे अहम तिथियों में से एक है. इस दिन सभी पितरों के लिए श्राद्ध करके पितरों को विदाई दी जाती है. यह पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है. जिन पितरों की मृत्‍यु तिथि पता नहीं है, उनका श्राद्ध भी इस दिन किया जाता है.

(Disclaimer: पितृ पक्ष, श्राद्ध और तर्पण से जुड़ी मान्यताएं धार्मिक आस्था और परंपराओं पर आधारित हैं. तिथि एवं पूजा विधि के लिए अपने स्थानीय पंचांग और कुल-परंपरा के अनुसार निर्णय लें.)

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About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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