Aaj Ka Panchang: आज से पंचक होंगे शुरू, बन रहे 2 अशुभ योग, देखें राहुकाल समेत 21 अक्टूबर का पूरा पंचांग
Today Panchang: आज दोपहर तक आश्विन शुक्ल दशमी तिथि रहेगी और उसके बाद से एकादशी तिथि प्रारंभ होगी. साथ ही आज सुबह से ही पंचक भी शुरू होंगे. देखें 21 अक्टूबर 2026, बुधवार का पंचांग.
Aaj Ka Panchang 21 October 2026: पश्चिम बंगाल में आज विजयादशमी पर्व मनाया जाएगा, साथ ही मैसूर दशहरा भी आज ही है. दोपहर तक दशमी तिथि रहेगी, इसके बाद आश्विन शुक्ल एकादशी प्रारंभ होगी. साथ ही आज सुबह विद्यारंभ संस्कार भी किया जाएगा. हालांकि आज कई अशुभ योग भी बन रहा है. एक ओर व्यतिपात योग बन रहा है, दूसरी ओर आज से पंचक भी शुरू हो रहे हैं. दोपहर में राहुकाल रहेगा. हालांकि बुधवार रहने से आज अभिजीत मुहूर्त नहीं रहेगा. 21 अक्टूबर के पंचांग में देखें आज के पूजा के शुभ मुहूर्त, अशुभ काल, योग, नक्षत्र आदि.
21 अक्टूबर 2026 का पंचांग
आज की तिथि - दोपहर 02:12 बजे तक आश्विन शुक्ल दशमी रहेगी और इसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ होगी.
आज का वार - बुधवार.
आज के व्रत-त्योहार - पश्चिम बंगाल विजया दशमी, मैसूर दशहरा.
आज के ग्रह गोचर - द्रिक पंचांग के अनुसार 05:59 बजे सूर्य और चंद्रमा मिलकर व्यतिपात बनाएंगे. सुबह 06:59 बजे चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे. इसके साथ ही पंचक प्रारंभ होगा.
आज का नक्षत्र - शाम 07:47 बजे तक धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा और इसके बाद शतभिषा नक्षत्र प्रारंभ होगा.
आज के योग - 20 अक्टूबर की देर रात 12:49 बजे से गण्ड योग बनेगा, जो कि पूरे दिन रहेगा.
सूर्य व चंद्रमा का समय
सूर्योदय - सुबह 06:30 बजे
सूर्यास्त - शाम 05:52 बजे
चन्द्रोदय - दोपहर 02:50 बजे
चन्द्रास्त - 21 व 22 अक्टूबर की रात 02:33 बजे
(शहर के हिसाब से उदय व अस्त के समय में कुछ मिनट या सेकेंड का अंतर देखा जा सकता है)
आज के शुभ काल
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04:54 बजे से 05:42 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त - Nil
अमृत काल - सुबह 08:37 बजे से 10:20 बजे तक
आज के अशुभ काल
राहुकाल - दोपहर 12:11 बजे से 01:36 बजे तक
यम गण्ड - सुबह 07:55 बजे से 09:20 बजे तक
कुलिक - सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:11 बजे तक
दुर्मुहूर्त - सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:34 बजे तक
वर्ज्यम् - सुबह 03:17 बजे से 04:57 बजे तक
करण
गर - दोपहर 02:12 बजे तक
वणिज - दोपहर 02:12 बजे से 22 अक्टूबर की तड़के सुबह 02:36 बजे तक
(Disclaimer- यह जानकारी पारंपरिक पंचांग गणनाओं पर आधारित है. स्थान एवं गणना पद्धति के अनुसार समय और विवरण में अंतर संभव है.)