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मां दुर्गा की पूजा करने के लिए नवरात्रि सबसे शुभ माना जाता है. जब नवरात्री शुरू होता है तो लोग अपने घर को साफ-सुथरा करके पूजा-पाठ की तैयारी करते हैं.
अगर आपके घर में रोज-रोज क्लेश होता है या फिर में तनाव बना रहता है. तो आप नवरात्री के समय में अपनी आदतों में थोड़ा बदलाव कर सकते हैं.
ऐसा करने के लिए आपको कुछ बड़ा काम नहीं करना है ये कुछ छोटे और आसान काम है जिसे करके आप आसानी से ऐसी समस्याओं को दूर कर सकते हैं.
घर के मेन गेट को एक साफ रखना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि वहां से अंदर बाहर पॉजटिव और नेगेटिव एनर्जी आती जाती है .
मेन गेट को एकदम अच्छे से धोकर चमका देना चाहिए. इसके बाद आपको वहां पर आम या अशोक के ताजे पत्तों का तोरण बनाकर लगाना चाहिए.
ऐसा करने से घर में बूरी शक्तियां एंट्री नहीं ले पाएंगी. एक और काम करना होगा, जिसमें आपको एक दीपक जलाकर मेन गेट पर रखना पड़ेगा. ऐसा करने से घर में आपके खुशहाली बनी रहती है.
नवरात्रि की पूजा करते समय हमेशा कपूर जलाकर आरती करना चाहिए. क्योंकि ये बहुत शुभ माना जाता है.
इससे घर का वातावरण बिल्कुल शुद्ध हो जाता है. ये उपाय करने से घर में मौजूद नेगेटिविटी दूर हो जाती है, और पॉजटिविटी बढ़ती है.
इसके बाद आपको पूरे घर में गंगाजल को छिड़कना चाहिए. इससे आपके घर में फैली उदासी और अशांति दूर हो जाएगी.
इससे घर में रहने वाले लोगों का मन शांत हो जाएगा और आपस में तालमेल बेहतर होगा.
अक्सर लोग रोजाना घर की सफाई में फर्श पर पोछा तो लगाते ही हैं. नवरात्रि के नौ दिनों में सुबह पोछा लगाते समय पानी में थोड़ा सा साधारण या सेंधा नमक मिला लें. न
मक मिले पानी से पोछा लगाने से घर में जमा पुरानी नेगेटिव एनर्जी तुरंत खत्म हो जाती है. ये उपाय घर के वास्तु दोष को दूर करने में भी बहुत मददगार साबित होता है.
इससे घर के सदस्यों के बीच होने वाली बेवजह की बहस रुक जाती है और माहौल हल्का तथा खुशनुमा बन जाता है.
शास्त्रों और मान्यताओं के अनुसार मां दुर्गा को लाल रंग बहुत ज्यादा पसंद होता है. इसलिए नवरात्रि की पूजा में माता रानी को लाल रंग के फूल जरूर अर्पित करने चाहिए.
आप पूजा में लाल गुड़हल या लाल गुलाब के ताजे फूल चढ़ा सकते हैं. लाल फूल चढ़ाने से माता रानी जल्द प्रसन्न होती हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं.
इस छोटे से उपाय से घर के सदस्यों के बीच प्यार, स्नेह और सम्मान बढ़ता है. घर में लंबे समय से चला आ रहा कलह धीरे-धीरे पूरी तरह समाप्त हो जाता है.
(Disclaimer): यह लेख सामान्य धार्मिक मान्यताओं, वास्तु शास्त्र के पारंपरिक सिद्धांतों और लोक विश्वासों पर आधारित है. इसका उद्देश्य पाठकों को सकारात्मक जीवन शैली के प्रति जागरूक करना है.