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Navratri 2026: नवरात्र में पहली बार घर पर घटस्थापना या अखंड ज्योति? जान लें ये जरूरी बातें

Navratri 2026: नवरात्र प्रारंभ होने जा रही हैं, इसके पहले दिन भक्‍त अपने घर में घटस्‍थापना करेंगे और अखंड ज्‍येाति जलाएंगे. जो लोग पहली बार अपने घर में मां दुर्गा की पूजा के लिए घटस्‍थापना कर रहे हैं, वे कुछ जरूरी नियम और विधि जान लें, ताकि कोई गलती न हो.

Written By Shraddha Jain
Published: Oct 08, 2026, 11:11 AM IST | Updated: Oct 08, 2026, 11:14 AM IST
Image Credit: नवरात्र घटस्‍थापना 11 अक्‍टूबर 2026, रविवार को होगी, उसकी विधि और जरूरी नियम. (Photo: AI)
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शारदीय नवरात्र आश्विन मास के शुक्‍ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होती हैं, जो कि इस साल 11 अक्टूबर 2026, रविवार से शुरू हैं. इसी दिन मां दुर्गा की पूजा के लिए घटस्‍थापना होगी और अखंड ज्‍योति जलाई जाएगी. जो लोग अपने घर में पहली बार घटस्‍थापना कर रहे हैं या अखंड ज्‍योति जला रहे हैं, उन्‍हें कुछ समय पहले से ही इसकी सारी तैयारी कर लेना चाहिए और नियम जान लेने चाहिए. ताकि सही विधि से मां दुर्गा की 9 दिन तक पूजा हो और उनका पूरा आशीर्वाद प्राप्‍त हो सके.

घटस्‍थापना की विधि

- उत्तर-पूर्व दिशा यानी कि ईशान कोण को देवी-देवताओं की दिशा माना गया है. लिहाजा घटस्‍थापना की व्‍यवस्‍था इसी दिशा में करें. ऐसा संभव न हो तो उत्‍तर या पूर्व दिशा में कलश स्‍थापना करें.

- घटस्‍थापना से एक दिन पहले घर की अच्‍छी तरह साफ-सफाई कर लें, जिस स्‍थान पर घटस्‍थापना करनी है, वहां की भी सफाई कर लें. उसके आसपास कबाड़ या अपवित्र वस्‍तु न रहे.

- घटस्‍थापना से पहले गंगाजल छिड़क कर जगह पवित्र करें. फिर चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं. मां दुर्गा की तस्‍वीर स्‍थापित करें.

- कलश जलाएं, जौ उगाने वाला मिट्टी का कलश स्‍थापित करें. पान के पत्‍ते, सुपारी, रोली, कुमकुम आदि से माता की पूजा करें. फूल अर्पित करें, भोग लगाएं. धूप-दीप जलाएं.

- मां दुर्गा के मंत्र पढ़ें. दुर्गा कवच, दुर्गा चालीसा का पाठ करें, मां दुर्गा की आरती करें.

घटस्‍थापना-अखंड ज्‍योति से जुड़े नियम

- घटस्‍थापना ऐसे स्‍थान पर न करें, जहां लोगों की आवाजाही हो, बल्कि शांत जगह पर करें. ताकि शांति से मां दुर्गा की पूजा, पाठ, मंत्र जाप आदि कर सकें.

- पूजा में गलती से भी खंडित पूजा सामग्री या खराब सामग्री, टूटे हुए चावल उपयोग करने की गलती न करें.

- अखंड ज्योति जलाने से पहले उसकी सुरक्षा का इंतजाम कर लें, ताकि वह बुझे न. इसके लिए दीपक के ऊपर कांच की घेरन रख दें, ताकि हवा से दीपक बुझे न.

- जिस घर में घटस्‍थापना हो, अखंड ज्‍योति जले उस घर को खाली न छोड़ें. ऐसी व्‍यवस्‍था करें कि 9 दिन 24 घंटे घर में कोई न कोई रहे.

- अखंड ज्‍योति में तेल, घी पर्याप्‍त रहे, पूरा खत्‍म होने से पहले ही उसमें घी-तेल डालते रहें.

- अखंड ज्‍योति की बाती रुई की बजाय कलावे से बनानी शुभ मानी जाती है.

- ऐसे घर में गलती से भी तामसिक चीजें न लाएं, न बनाएं, न सेवन करें. वरना मां दुर्गा नाराज हो सकती हैं.

(Disclaimer: घटस्थापना और अखंड ज्योति से जुड़े नियम अलग-अलग धार्मिक परंपराओं में भिन्न हो सकते हैं. यहां दी गई जानकारी प्रचलित धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. पूजन से पहले बुजुर्गों से अपने परिवार की परंपरा जान लें.)
 

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About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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