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महालक्ष्मी व्रत के आखिरी दिन न करें ये 5 काम, नाराज हो सकती हैं मां लक्ष्मी! क्‍या खाएं, ये भी जान लें

16 दिन के महालक्ष्मी व्रत का आज 3 अक्‍टूबर को समापन है. इस दिन विधि-विधान से व्रत रखें, पूजा करें, साथ ही कुछ गलतियों से बचें. वरना व्रत का फल भी पूरा नहीं मिलेगा और धन की देवी लक्ष्‍मी नाराज भी हो सकती हैं. जानिए आज क्‍या करें और क्‍या न करें?

महालक्ष्मी व्रत के आखिरी दिन न करें ये 5 काम, नाराज हो सकती हैं मां लक्ष्मी! क्‍या खाएं, ये भी जान लें
Image Credit: महालक्ष्‍मी व्रत के जरूरी नियम. (Photo:Ai)

धन-वैभव, समृद्धि पाने के लिए महालक्ष्‍मी व्रत रखा जाता है. कुछ लोग 16 दिन के पूरे व्रत करते हैं तो कुछ आश्विन कृष्‍ण अष्‍टमी को यानी कि आखिरी दिन व्रत करते हैं. व्रत के समापन के दिन भी यदि विधिवत व्रत-पूजा की जाए और नियमों का पालन करें तो लक्ष्‍मी जी की कृपा से जीवन में धन-वैभव बढ़ता है, तंगी दूर होती है. साथ ही व्रत के दिन क्‍या खाएं और क्‍या न खाएं यह जानना भी जरूरी है. जानिए महालक्ष्‍मी व्रत के समापन के दिन कौन-से काम करने से बचना चाहिए.

आज न करें ये काम

गंदगी- मां लक्ष्‍मी उन स्‍थानों पर कभी वास नहीं करती हैं, जहां गंदगी हो. ऐसे में उनकी पूजा के इस विशेष दिन घर को गंदा न रहने दें. पूजा स्‍थान के साथ बाकी घर भी साफ और व्‍यवस्थित करें.

तामसिक चीजें - घर में न तो कोई तामसिक चीजें लाएं और न ही उनका सेवन करें. जैसे- प्‍याज लहसुन, नॉनवेज, शराब आदि.

पूजा सामग्री का सही निपटान - कई बार लोग पूजा तो विधि-विधान से करते हैं लेकिन पूजा के बाद सामग्री का अनादर कर बैठते हैं. जबकि पूजा सामग्री को सम्‍मानपूर्वक हटाएं. पूजा के बाद अक्षत, फूल, कलावा आदि इधर-उधर न फेंकें. बल्कि फूलों को गमले में डालें, अक्षत किसी को दान कर दें, कुछ दाने लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख दें.

झगड़ा-अपमान - मां लक्ष्‍मी उस जगह पर वास करती हैं जहां प्रेम और शांति हो. लिहाजा न तो किसी से बुरा बोलें और न ही झगड़ा-विवाद करें.

बिना पूजा के पारण - धार्मिक मान्‍यता है कि हर व्रत का पूरा फल तभी मिलता है जब उसका पारण भी विधिवत किया जाए. लिहाजा पूजा के बाद अपने यहां की परंपरा अनुसार पारण करें. इस दिन दान-पुण्‍य भी करें.

​महालक्ष्मी व्रत में क्या खाएं

महालक्ष्‍मी व्रत में सात्विक चीजों जैसे - फल, दूध, दही साबूदाना, आलू आदि का सेवन करने की ही मान्‍यता है. आप ताजे फल जैसे - सेब, केला, अनार आदि मौसमी फल खा सकते हैं. जूस पी सकते हैं. लेकिन किसी भी तरह का नमक खाने से बचें. सामान्‍य नमक तो व्रत में वैसे भी नहीं खाया जाता है लेकिन इस व्रत में सेंधा नमक खाने से भी बचना चाहिए. यदि ज्‍यादा जरूरत लगे तो सेंधा नमक खा सकते हैं. अनाज न खाएं, जरूरत के अनुसार कुट्टू, सिंघाड़े या राजगीर के आटे से बनी रोटियां या पूरी का सेवन करें. बेहतर है कि हैवी चीजें खाने से बचें.

(Disclaimer: यह सामग्री धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं एवं उपलब्ध धार्मिक स्रोतों पर आधारित है. विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और परंपराओं के अनुसार व्रत-त्योहारों की तिथि, पूजा-विधि एवं मान्यताओं में अंतर संभव है. पाठक इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के रूप में देखें.)

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About the Author

Shraddha Jain

Shraddha Jain

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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