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हमारे देश में हर कोई चाहता है कि उसके घर में सुख, शांति और धन बना रहे. इसके लिए लोग कई तरह के धार्मिक उपाय करते हैं. इन्हीं उपायों में से एक है घर में मां लक्ष्मी के चरण पादुका लगाना.
अक्सर लोग त्योहारों या दिवाली के दिन मुख्य द्वार पर लक्ष्मी जी के पैरों के निशान वाले स्टिकर या धातु के चरण लगाते हैं. मान्यता है कि ऐसा करने से घर में देवी लक्ष्मी का वास होता है.
लेकिन कई बार लोग बिना सोचे-समझे इन्हें गलत जगह या गलत दिशा में लगा देते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार गलत तरीके से लगाए गए चरण फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकते हैं.
लक्ष्मी चरण पादुका असल में माता लक्ष्मी के पवित्र पैरों के निशानों का एक जोड़ा होता है. बाजार में यह कागज के स्टिकर, सिंदूर के थपे या फिर तांबे, पीतल और चांदी जैसी धातुओं में आसानी से मिल जाते हैं.
इसे घर के मुख्य दरवाजे या पूजा घर में लगाना बेहद शुभ माना जाता है. इसका सीधा सा मतलब यह होता है कि हम पूरे आदर के साथ माता लक्ष्मी को अपने घर में आने का न्योता दे रहे हैं.
अगर इन्हें सही वास्तु नियमों के साथ लगाया जाए, तो घर की आर्थिक तंगी दूर होती है और बरकत बनी रहती है.
वास्तु के हिसाब से मां लक्ष्मी के चरणों को लगाने के लिए कुछ खास जगहें तय की गई हैं. सबसे पहली जगह घर का मुख्य द्वार है. इसे चौखट के ठीक अंदर की तरफ जमीन या दहलीज पर लगाना चाहिए.
इसके अलावा आप इसे अपने पूजा घर में मां लक्ष्मी की मूर्ति या फोटो के पास रख सकते हैं. अगर आप चाहें तो अपनी तिजोरी या पैसे रखने वाली अलमारी के पास भी इन चरणों को लगा सकते हैं.
इन जगहों पर लक्ष्मी चरण रखने से धन में बढ़ोतरी होती है और बेफिजूल के खर्चे रुकते हैं.
मां लक्ष्मी के चरण लगाते समय सबसे बड़ी सावधानी दिशा और पैरों के रुख को लेकर रखनी चाहिए. चरणों की उंगलियों का रुख हमेशा घर के अंदर की तरफ होना चाहिए.
इसका मतलब होता है कि मां लक्ष्मी आपके घर के भीतर कदम रख रही हैं. अगर उंगलियों का मुंह बाहर की तरफ होगा, तो इसका अर्थ मां का घर से बाहर जाना माना जाता है.
दिशा की बात करें तो उत्तर, उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण और पूर्व दिशा सबसे उत्तम मानी जाती है. उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर की मानी गई है, इसलिए इस दिशा में चरण लगाना बहुत फलदायी होता है.
लोग अक्सर जल्दबाजी में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे वास्तु दोष लगता है. सबसे पहली गलती यह है कि लक्ष्मी चरण को कभी भी घर से बाहर जाते हुए न लगाएं.
दूसरी बात, इन चरणों पर किसी का पैर नहीं पड़ना चाहिए. इसलिए इन्हें चलने-फिरने के सीधे रास्ते में लगाने से बचें. इसके अलावा दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके लक्ष्मी चरण कभी न लगाएं.
जहां भी चरण लगाएं, वहां गंदगी या धूल-मिट्टी नहीं होनी चाहिए. उस जगह की साफ-सफाई का रोजाना ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है.
डिस्क्लेमर: यह लेख वास्तु शास्त्र की मान्यताओं, लोक परंपराओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसका उद्देश्य पाठकों तक वास्तु से जुड़ी सही जानकारी पहुंचाना है.