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चावल खाने से लेकर तुलसी तोड़ने तक, रमा एकादशी पर भूलकर न करें ये बड़ी भूल

रमा एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है. इस पवित्र दिन व्रत और पूजा के दौरान कुछ खास नियमों का पालन करना बहुत जरूरी होता है. जानिए रमा एकादशी पर चावल, तुलसी और खान-पान से जुड़ी किन गलतियों से बचना चाहिए.

Written By Harsh Singh
Published: Nov 02, 2026, 06:07 PM IST | Updated: Nov 02, 2026, 06:15 PM IST
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 एकादशी की तिथि हिंदू धर्म में बहुत पवित्र और खास मानी जाती है. महीने में दो बार आने वाली इस तिथि पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा होती है.

माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने पर घर में खुशहाली आती है और मन को शांति मिलती है.

सभी एकादशी तिथियों में कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की रमा एकादशी का सबसे खास महत्व है. इस साल ये व्रत 05 नवंबर को है.

अगर आप भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो आपको कुछ खास नियमों का पालन जरूर करना चाहिए.

आज हम इस खबर में उन गलतियों के बारे में बताएंगे जिसको रमा एकादशी के दिन करने से बचना चाहिए.

भूलकर भी न तोड़ें तुलसी के पत्ते

इस दिन आपको तुलसी के पौधे की पत्तियां बिल्कुल भी नहीं तोड़नी चाहिए. साथ ही इस दिन आपको तुलसी के पौधे में पानी भी नहीं देना चाहिए.

क्योंकि इस दिन तुलसी के पौधे में जल चढ़ाना अशुभ होता है. भगवान को भोग लगाने के लिए तुलसी के पत्ते एक दिन पहले ही तोड़कर रख लेना चाहिए.

रमा एकादशी के दिन आपको शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाकर उनकी पूजा जरूर करना चाहिए.

चावल खाने से बनाएं पूरी दूरी

रमा एकादशी के दिन चावल खाना पूरी तरह वर्जित माना गया है. अगर आपने व्रत नहीं भी रखा है तो भी कोशिश करें कि उस दिन चावल न खाएं.

धार्मिक मान्यताओं के हिसाब से इस दिन चावल खाने से भगवान विष्णु नाराज हो जाते हैं. साथ ही कहा जाता है कि इस दिन जो चावल खा लेता है उसका मन अशांत रहता है.

सात्विक भोजन का ही करें सेवन

इस दिन आपको गलती से भी तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए. खाने में भूलकर भी मांस, शराब, लहसुन या प्याज का इस्तेमाल न करें.

आपको पूरी तरह से सात्विक रहकर व्रत और पूजा करनी चाहिए. घर पर भी अगर खाना बन रहा है तो एकदम सादा और बिना प्याज-लहसुन का ही होना चाहिए.

गुस्से और कड़वी बातों से बनाएं दूरी

इस पावन दिन पर मन को एकदम शुद्ध रखना चाहिए. न किसी पर गुस्सा करें और न किसी पर चिल्लाएं

साथ ही इस दिन झूठ बोलने और दूसरों की बुराई करने से भी बचें. शांत रहकर भगवान का नाम लेने और याद करने से ही पूजा का पूरा फल मिलता है.

फ्री में चीजें लेने से बचें

इस दिन आपको दान नहीं लेना चाहिए. चाहे कोई फ्री में ही क्यों न दे रहा हो. ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से इस दिन चीजें मुफ्त में लेने के बजाय दान करना चाहिए.

ऐसा करने से मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारियां पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय नियमों पर आधारित हैं. इसका उद्देश्य पाठकों तक धार्मिक जानकारी पहुंचाना है.

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About the Author

हर्ष सिंह जी न्यूज डिजिटल में एक अनुभवी और धारदार शैली के पत्रकार हैं. उन्होंने मार्च 2024 में जी न्यूज जॉइन किया था. वर्तमान में हर्ष धर्म और ज्योतिष से जुड़ी खबरों की खास कवरेज कर रहे हैं. वे देश-दुनिया के धार्मिक आयोजनों, अध्यात्म और ज्योतिषीय गणनाओं से जुड़े जरूरी अपडेट्स दर्शकों तक पूरी सटीकता के साथ पहुंचाते हैं. हर्ष को उनकी फैक्ट-आधारित और भरोसेमंद लेखन शैली के लिए जाना जाता है.बनारस के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट-ग्रेजुएशन करने वाले हर्ष अपनी पूरी ऊर्जा और समझ के साथ धर्म-कर्म और ऐस्ट्रो की दुनिया के खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं.अगर आप हर्ष सिंह से संपर्क करना चाहते हैं या उनसे जुड़ा कोई सुझाव साझा करना चाहते हैं, तो उन्हें इस ईमेल आईडी पर लिख सकते हैं: Harsh.singh@India.com
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