हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी मनाई जाती है. इसे देव प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं. इसी दिन पाताल लोक में विश्राम कर रहे भगवान विष्णु 4 महीने की योगनिद्रा से जागते हैं. इसके अगले दिन भगवान विष्णु और तुलसी जी का विवाह होता है. इस साल देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह की तारीख क्या है, जान लें. श्रीहरि और लक्ष्मी जी की कृपा पाने के लिए तो यह दिन खास होते ही हैं, साथ ही जल्द शादी का उपाय करने के लिए भी तुलसी विवाह का दिन विशेष होता है.
द्रिक पंचांग के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 की सुबह 07:15 बजे कार्तिक शुक्ल एकादशी तिथि प्रारंभ होगी और 21 नवंबर की सुबह 06:31 बजे समाप्त होगी. देवउठनी एकादशी 20 नवंबर 2026, शुक्रवार को है. अगले दिन 21 नवंबर को ही एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा और शाम को तुलसी विवाह रचाया जाएगा.
देवशयनी एकादशी यानी कि आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक 4 महीने जब श्रीहरि विष्णु आराम करते हैं, तब सृष्टि का कार्यभार शिव जी संभालते हैं. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य जैसे - शादी नहीं होती हैं. तुलसी विवाह को भगवान विष्णु और तुलसी का विवाह होते ही शादियां प्रारंभ हो जाती हैं.
जिन लोगों की शादी में देरी हो रही है, वे तुलसी विवाह के दिन कुछ खास उपाय कर सकते हैं. इससे उनकी जल्द शादी होने के योग बनने की मान्यता है.
इसके लिए तुलसी विवाह के दिन जिन लड़का या लड़की की शादी नहीं हो रही है, किसी कारण से बार-बार बाधा आ रही है. वे तुलसी विवाह के दिन शाम को शादी की चुनरी या कलावा तुलसी के पौधे में बांधें. इस दौरान 11 बार "ॐ वल्लभाय स्वाहा" मंत्र बोलें. लड़की यह उपाय कर रही है तो वह चुनरी बांधने के साथ ही तुलसी माता को सिंदूर भी अर्पित करें.
- तुलसी विवाह के दिन तुलसी के पत्ते न तोड़ें.
- देवउठनी एकादशी के साथ-साथ इस दिन भी चावल न खाएं.
- तामसिक चीजों जैसे प्याज-लहसुन, नॉनवेज, शराब आदि न खाएं, न घर में लाएं.
- इस शुभ दिन काले कपड़े न पहनें.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारी पर आधारित है. Zee News इसकी पुष्टि नहीं करता. किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित पंडित या ज्योतिषी से सलाह जरूर लें.)