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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति की छोटी-छोटी आदतें उसे बुरी या अच्छी जिंदगी दे सकती है. इतना ही नहीं, यही आदतें बताती है कि किस ग्रह का व्यक्ति पर कैसा प्रभाव पड़ सकता है. ऐसे ही जूते-चप्पल से जुड़ी कुछ आदतें व्यक्ति पर बुरा प्रभाव डाल सकती है. आइए इस लेख में विस्तार से जानें कि जूते-चप्पल का शनि ग्रह से क्या संबंध है और जूता पहनते समय कौन सी 3 गलतियां नहीं करनी चाहिए.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जूते-चप्पल का सीधा संबंध शनि ग्रह से है. शनि देव कर्मफल दाता है और जब कोई व्यक्ति जूतों को गलत तरीके से पहनता है है या फटे जूते पहनता है तो उसके कर्म और भाग्य दोनों पर ही इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. कार्यक्षेत्र में सफलता पाने के लिए शनि ग्रह का शुभ स्थिति में होना बहुत जरूरी है और इसके लिए जूते-चप्पल को साफ और व्यवस्थित रखने से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. गंदे और फटे जूते जीवन की सभी नकारात्मकता को कई गुना बढ़ा देते हैं.
एस्ट्रोलॉजर प्रदुमन सूरी बताते हैं कि कई लोगों की आदत होती है कि वो कभी भी किसी दूसरे के जूते पहन लेते हैं या फिर किसी से उधार मांगकर जूते पहनते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसे शुभ नहीं माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि हर व्यक्ति की ऊर्जा अलग होती है और उसके जूते-चप्पलों में भी उसकी ऊर्जा का प्रभाव रहता है। यदि आप किसी दूसरे व्यक्ति के जूते पहनती हैं, तो उसकी नकारात्मक ऊर्जा आपके जीवन में प्रवेश कर सकती है। इससे मानसिक तनाव, काम में बाधा और दुर्भाग्य का सामना करना पड़ सकता हैं।
ज्योतिष के अनुसार कभी भी गंदे, टूटे या फटे जूते न पहनें. जीवन में नकारात्मकता फैलती है. लंबे समय तक पुराने जूते न पहनें. नहीं तो आत्मविश्वास में कमी और कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं. समय-समय पर जूता साफ करते रहने से जीवन की बाधाएं भी दूर होती रहती हैं.
घर में जूते को हमेशा व्यवस्थित रखें. जूते को यहां-वहां फैलाकर न रखें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा रूम के आसपास तो जूते-चप्पल रखना ही नहीं चाहिए. बिखरे हुए जूते-चप्पल घर के वास्तु को खराब करते हैं जिससे धन हानि और काम में बाधाएं आती है. मानसिक अशांति और जीवन में अस्थिरता बनी रहती है. घर में जूतों को कभी भी गलत दिशा में न रखें. इससे वास्तु दोष लगता है. जिससे किसी भी काम में सफलता नहीं मिलती है. मुख्य द्वार के आस-पास जूते चप्पल न रखें. ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं हो पाता है. वास्तु अनुसार जूतों को दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा में रखें. उत्तर-पश्चिम में भी जूतों को रखा जा सकता है. जूतों को हमेशा बंद अलमारी में ही रखें.
(डिस्क्लेमर- यह जानकारी पारंपरिक वास्तु एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है. बताए गए उपायों के प्रभाव और परिणाम व्यक्ति विशेष की परिस्थितियों, आस्था, स्थान तथा अन्य कारकों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें और किसी भी प्रकार के निश्चित परिणाम या लाभ का दावा न मानें.)