निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस में अंदरूनी कलह, सिंबल से लेकर टिकट तक विवाद
Rajasthan Local Body Election: राजस्थान निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर घमासान तेज हो गया है. भीलवाड़ा में 17 प्रत्याशियों के सिंबल समय पर जमा नहीं होने से विवाद खड़ा हो गया, जबकि पाली में टिकट के बदले पैसे लेने के आरोप लगे. कई जिलों में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने टिकट बंटवारे का विरोध किया है.
Congress Ticket Controversy: राजस्थान में निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस के अंदर टिकट को लेकर घमासान मचा हुआ है. कई जिलों में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण पर सवाल उठाए हैं. कहीं बाहरी उम्मीदवार को टिकट देने का आरोप है तो कहीं पैसे लेकर टिकट बांटने की बात कही जा रही है. भीलवाड़ा में तो पार्टी के 17 प्रत्याशियों के सिंबल समय पर जमा नहीं होने से मामला और गंभीर हो गया.
भीलवाड़ा में सिंबल को लेकर हंगामा
भीलवाड़ा में कांग्रेस के विधायक और प्रभारी 17 प्रत्याशियों के सिंबल लेकर करीब 3 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे. आरोप है कि तब तक प्रक्रिया बंद हो चुकी थी. कलेक्टर ने सिंबल लेने से इनकार कर दिया. इसके बाद कांग्रेस के घोषित प्रत्याशी और पार्टी नेता कलेक्ट्रेट पहुंच गए और हंगामा शुरू हो गया. रात तक धरना-प्रदर्शन चलता रहा. यदि निर्वाचन अधिकारी सिंबल स्वीकार नहीं करते हैं तो इन प्रत्याशियों को पार्टी के आधिकारिक सिंबल के बजाय निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ना पड़ सकता है. इससे उनके चुनावी समीकरण पर असर पड़ने की आशंका है.
15 जिलों में टिकट को लेकर विरोध
पाली, जोधपुर, जयपुर, अलवर, हिंडौन, बाड़मेर और जैसलमेर समेत करीब 15 जिलों में टिकट वितरण का विरोध सामने आया है. कार्यकर्ताओं ने बाहरी लोगों, नेताओं के करीबियों और गलत उम्मीदवारों को टिकट देने के आरोप लगाए हैं. जयपुर में भी दो स्थानों पर धरना हुआ. पाली में जिला अध्यक्ष शिशुपाल सिंह पर 5 लाख रुपये लेकर टिकट देने का आरोप लगाते हुए नाराज दावेदारों ने विरोध किया. मामला इतना बढ़ा कि सिंह को एक अस्पताल में जाकर बचना पड़ा. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
दिव्या मदेरणा धरने पर बैठीं
ओसियां की पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा भी विवाद के बीच धरने पर बैठ गईं. उन्होंने भाजपा विधायक भैराराम सियोल पर नामांकन का समय खत्म होने के बाद भी आरओ कक्ष में मौजूद रहने का आरोप लगाया.
कई नेताओं के टिकट कटे
नागौर में कांग्रेस ने पूर्व सभापति मांगीलाल भाटी का वार्ड नंबर 10 से टिकट काटकर उनके भांजे प्रवीण सोलंकी को उम्मीदवार बनाया है. अलवर में पूर्व सभापति बीना गुप्ता और पूर्व उप सभापति देवेंद्र कौर को भी टिकट नहीं मिला. वहीं महवा नगर पालिका के वार्ड 35 से कांग्रेस ने अजय बोहरा को मैदान में उतारा है. बोहरा 2018 में महवा विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रह चुके हैं.
डोटासरा ने कही जांच की बात
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पार्टी ने पहले से ऑब्जर्वर नियुक्त कर सक्रिय कार्यकर्ताओं की जानकारी जुटाई थी और उसी आधार पर प्रत्याशियों का चयन किया गया. उन्होंने भीलवाड़ा में सिंबल जमा नहीं होने के मामले में प्रशासन पर आरोप लगाया और कहा कि सिंबल समय पर क्यों जमा नहीं हो पाए, इसकी जांच कराई जा रही है.