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Sri ganganagar News: श्रीगंगानगर के नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी क्षेत्र में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर चल रहे विवाद में बुधवार देर रात सहमति बन गई. प्लांट के विरोध में ग्रामीण पिछले करीब पांच महीने से आंदोलन कर रहे थे. प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सहमति नहीं बनने के बाद बुधवार को नरसिंहपुरा-बिरानी में महापंचायत आयोजित की गई थी.
महापंचायत में पहुंचे सांसद और RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने ग्रामीणों की मांगों को लेकर करीब 100 गाड़ियों के काफिले के साथ श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया. पुलिस ने चूनावढ़ थाना क्षेत्र में महियावाली टोल नाके के पास काफिले को रोक दिया. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-62 को जाम कर दिया.
रात 2 बजे तक धरने पर बैठे रहे बेनीवाल
काफिला रोके जाने के बाद हनुमान बेनीवाल अपने समर्थकों के साथ महियावाली टोल पर धरने पर बैठ गए. उन्होंने ग्रामीणों के साथ रात में ही श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट का घेराव करने का ऐलान किया था. प्रदर्शन के चलते प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ. आखिरकार रात करीब 2 बजे ADM सुभाष चंद्र, ADM नयन गौतम, ASP दीपक शर्मा और नीलम चौधरी की मध्यस्थता में वार्ता हुई. बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी.
कमेटी करेगी प्लांट पर दोबारा विचार
श्रीगंगानगर उपखंड अधिकारी नयन गौतम रात करीब 2 बजे NH-62 पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच पहुंचे. उन्होंने बताया कि ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट के प्रस्ताव पर कमेटी फिर से विचार करेगी. ग्रामीणों की मांगों को जयपुर भेजे जाने की बात भी कही गई. प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलने के बाद हनुमान बेनीवाल और उनके सैकड़ों समर्थकों ने करीब चार घंटे से जाम हाईवे को खोल दिया. इसके साथ ही देर रात चला प्रदर्शन समाप्त हो गया.
पहले कहां प्रस्तावित था कचरा प्लांट?
ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर विवाद नया नहीं है. पहले श्रीगंगानगर के पास चक 6-जेड में प्लांट प्रस्तावित किया गया था. स्थानीय लोगों के विरोध के बाद इसकी जगह बदलने का फैसला हुआ. इसके बाद वर्ष 2016 में प्लांट के लिए शहर से करीब 7-8 किलोमीटर दूर नेतेवाला के चक 1 जी छोटी को चुना गया. नेतेवाला में करीब 10 साल तक प्रक्रिया चलती रही. इस दौरान सरकारी स्वीकृतियां और एनओसी हासिल की गईं. करीब 78 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत होने के साथ निर्माण का ठेका भी दिया गया था.
नरसिंहपुरा में शिफ्टिंग के बाद फिर विरोध
नेतेवाला में भी ग्रामीणों के विरोध के बीच प्रशासन ने इस साल प्लांट को नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी क्षेत्र में शिफ्ट करने का प्रस्ताव रखा. नई जगह को लेकर भी स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया. इसके बाद करीब पांच महीने से आंदोलन चल रहा था, जो बुधवार को बड़े प्रदर्शन और हाईवे जाम तक पहुंच गया.
खेती और जलस्रोतों पर असर की चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित प्लांट से आसपास की गोशालाओं, कृषि भूमि और जलस्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. उनका दावा है कि कचरा और प्लास्टिक उड़कर गोविंद गोधाम गोशाला तक पहुंच सकता है. इसके अलावा प्लांट से निकलने वाली दुर्गंध के कारण धार्मिक और सामाजिक आयोजनों पर भी असर पड़ने की आशंका ग्रामीणों ने जताई है.
रात करीब 2 बजे बनी सहमति के बाद फिलहाल हाईवे जाम समाप्त हो गया है और ग्रामीणों की मांगों को आगे विचार के लिए भेजे जाने की बात कही गई है.