Sikar News: राजस्थान के सीकर की कोतवाली थाना पुलिस ने जयपुर रेंज आईजी टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 18 साल से फरार चल रहे 35 हजार रुपये के इनामी आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार किया है. आरोपी पर B.Ed करवाने के नाम पर विद्यार्थियों से लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप है. पुलिस के अनुसार, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए देश के 17 राज्यों में अलग-अलग कोचिंग संस्थानों में केमिस्ट्री पढ़ाता रहा. इस दौरान उसने देहरादून में मकान भी खरीद लिया था.
कोतवाली थाना प्रभारी सुनील कुमार जांगिड़ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कल्याण सिंह (56) पुत्र भूर सिंह, निवासी बोरटा, जिला जालौर है. पुलिस टीम ने देहरादून के प्रेमनगर स्थित उसके मकान पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया. आरोपी तक पहुंचने के लिए जयपुर रेंज आईजी कार्यालय और सीकर कोतवाली पुलिस की टीम एयरटेल फाइबर टेक्नीशियन बनकर उसके घर पहुंची थी. आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों में उसे न्यायालय द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका था.
कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले विद्यार्थियों से की थी ठगी
पुलिस के अनुसार, आरोपी कल्याण सिंह अपने साथी विकास सक्सेना के साथ साल 2007-08 में सीकर के अशोक विहार में जनरल एजुकेशन सेंटर नाम से प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग चलाता था. यहां विद्यार्थियों को आरएएस और सरकारी शिक्षक भर्ती जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाती थी. उस समय राजस्थान में सरकारी शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया के दौरान B.Ed डिग्री की आवश्यकता होने के कारण दोनों आरोपियों ने विद्यार्थियों को नोएडा और गाजियाबाद से B.Ed करवाने का भरोसा दिलाया.
आरोप है कि दोनों ने करीब 30 विद्यार्थियों से प्रति विद्यार्थी 70 से 80 हजार रुपए तक वसूले, लेकिन उनकी B.Ed नहीं करवाई. इस मामले में साल 2008 से 2013 के बीच आरोपियों के खिलाफ 23 मुकदमे दर्ज हुए. आरोपी विकास सक्सेना को कुछ मामलों में गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि कल्याण सिंह फरार चल रहा था. इसके बाद में न्यायालय ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया और उस पर 35 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया.
17 राज्यों में कोचिंग संस्थानों में पढ़ाता रहा आरोपी
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि आरोपी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है. सीकर में मामले दर्ज होने के बाद वह हैदराबाद, दिल्ली सहित देश के 17 राज्यों में अलग-अलग बड़ी कोचिंग संस्थानों में केमिस्ट्री पढ़ाता रहा और इसी दौरान अपनी पहचान छिपाकर फरारी काटता रहा. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने गांव में परिवार और रिश्तेदारों से भी संपर्क बंद कर दिया था. ठगी और कमाई से जुटाए गए पैसों से उसने देहरादून में मकान खरीद लिया था और वहीं रहने लगा था.
मुखबिर की सूचना पर बनाई गिरफ्तारी की योजना
लंबे समय से फरार आरोपी की तलाश कर रही पुलिस को हाल ही में मुखबिर से सूचना मिली कि कल्याण सिंह देहरादून के प्रेमनगर इलाके में रह रहा है. इसके बाद रेंज आईजी राहुल प्रकाश और सीकर एसपी संजीव नैन के निर्देशन में जयपुर रेंज आईजी साइबर सेल और सीकर कोतवाली पुलिस ने सूचना का सत्यापन किया. योजना के तहत पुलिस टीम एयरटेल फाइबर टेक्नीशियन बनकर आरोपी के घर पहुंची. आरोपी के घर पर मौजूद मिलने के बाद टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में ठगी के मामलों और फरारी के दौरान उसके ठिकानों से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आ सकती हैं.
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
आरोपी की गिरफ्तारी में जयपुर रेंज आईजी कार्यालय के एएसआई रत्नदीप, हेड कांस्टेबल राकेश और रोशन तथा सीकर कोतवाली थाने के हेड कांस्टेबल करणपाल और आशीष कुमार की अहम भूमिका रही.
Report- Ashok Singh Shekhawat