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Churu News: सरदारशहर में शुक्रवार शाम एक लोकल सिंगर के रोड शो के दौरान ऐसी घटना सामने आई, जिसने जश्न के आयोजनों में आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए. पुलिस थाने के सामने से गुजर रहे रोड शो के कारण गंभीर हालत में प्रसूता को अस्पताल लेकर जा रही एंबुलेंस रास्ते में फंस गई. एंबुलेंस चालक के अनुसार, करीब 15 मिनट तक रास्ता मिलने का इंतजार करना पड़ा. इस दौरान तेज आवाज में बज रहे डीजे और लोगों की भीड़ के बीच एंबुलेंस का सायरन भी सुनाई नहीं देने की बात सामने आई. अब इस मामले में रोड शो की अनुमति और प्रशासन की संभावित कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
गंभीर हालत में प्रसूता को किया गया था रेफर
मिली जानकारी के अनुसार, जयसंगसर निवासी एक प्रसूता की हालत गंभीर होने पर उसे स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से सरदारशहर के राजकीय उप जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया था. प्रसूता को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस रवाना हुई, लेकिन रास्ते में रोड शो के चलते परेशानी खड़ी हो गई.
एंबुलेंस जब सरदारशहर पुलिस थाने के सामने पहुंची, उस समय एक लोकल सिंगर का रोड शो वहां से गुजर रहा था. सड़क पर लोगों की भीड़ और डीजे की तेज आवाज के कारण एंबुलेंस को आगे निकलने का रास्ता नहीं मिल पाया. चालक के मुताबिक, जिस रास्ते को पार करने में सामान्य तौर पर करीब एक मिनट लगता है, वहां एंबुलेंस को लगभग 15 मिनट तक इंतजार करना पड़ा.
डीजे के शोर में दब गया एंबुलेंस का सायरन
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चिंताजनक बात यह रही कि एंबुलेंस के सायरन के बावजूद उसे तुरंत रास्ता नहीं मिल सका. रोड शो में शामिल लोग जश्न में व्यस्त थे. आरोप है कि मौके पर मौजूद लोगों ने न तो डीजे बंद करवाने की पहल की और न ही एंबुलेंस के लिए तत्काल रास्ता खाली कराया.
एक तरफ रोड शो में संगीत और जश्न का माहौल था, तो दूसरी तरफ एंबुलेंस में गंभीर हालत में एक प्रसूता अस्पताल पहुंचने का इंतजार कर रही थी. ऐसी स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण हो सकता है. इसके बावजूद एंबुलेंस को करीब 15 मिनट तक रास्ते में रुकना पड़ा. इस घटना ने सार्वजनिक आयोजनों के दौरान लोगों की जिम्मेदारी और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
पुलिस थाने के सामने पहुंचने पर मिला रास्ता
बताया जा रहा है कि जब रोड शो पुलिस थाने के ठीक सामने पहुंचा, तब पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस का सायरन सुना. इसके बाद पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस को रोड शो से आगे निकलवाया, जिसके बाद उसे रास्ता मिल सका.
पुलिस की मदद से एंबुलेंस आगे तो बढ़ गई, लेकिन उससे पहले हुई देरी ने इस पूरे मामले को गंभीर बना दिया. सवाल यह है कि जब सड़क पर किसी आपातकालीन वाहन के पहुंचने की स्थिति बनती है, तो उसे रास्ता देने के लिए तत्काल व्यवस्था क्यों नहीं हो पाई.
बिना अनुमति रोड शो निकालने का आरोप
इस मामले में रोड शो की अनुमति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. जानकारी के अनुसार, आयोजन के लिए पुलिस प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी. हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि और प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है.
यदि रोड शो बिना अनुमति निकाला गया था, तो यह जांच का विषय होगा कि आयोजकों ने जरूरी प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया. साथ ही, भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के लिए पहले से इंतजाम किए गए थे या नहीं, इसकी भी पड़ताल जरूरी है. पुलिस प्रशासन से समन्वय और उचित व्यवस्था होने पर ऐसी स्थिति से बचने की संभावना थी.
अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजरें
सरदारशहर की इस घटना ने कई अहम सवाल खड़े किए हैं. क्या रोड शो और जुलूस के आयोजकों की जिम्मेदारी नहीं है कि वे एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता खुला रखें? क्या तेज आवाज में डीजे बजाने और भीड़ जुटने के दौरान यातायात व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए? यदि आयोजन बिना अनुमति हुआ था, तो क्या संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी?
फिलहाल, इस मामले में पुलिस और प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है. अब नजर इस बात पर है कि रोड शो की अनुमति को लेकर जांच होती है या नहीं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं.
यह घटना याद दिलाती है कि सार्वजनिक आयोजनों में मनोरंजन और जश्न के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है. एंबुलेंस को रास्ता देना महज यातायात नियमों का पालन नहीं, बल्कि किसी की जिंदगी बचाने से जुड़ा मामला है. राहत की बात यह रही कि पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस को आगे निकलवाया, लेकिन करीब 15 मिनट की देरी ने व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े कर दिए.