जयपुर कमिश्नरेट में धरना खत्म: गोविंद सिंह डोटासरा बोले- रितु बराला को न्याय दिलाकर रहेंगे
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में रितु बराला मामले को लेकर कांग्रेस ने धरना खत्म कर दिया है. गोविंद सिंह डोटासरा ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि न्याय के लिए कांग्रेस कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी.
NSUI की रितु बराला के साथ मारपीट का मामला राजस्थान में राजनीतिक टकराव का मुद्दा बन गया है. जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में करीब 42 घंटे तक चले कांग्रेस के धरने के बाद बुधवार को पार्टी ने आंदोलन समाप्त कर दिया है. कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि अब इस मामले को अदालत में उठाया जाएगा. इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस और भाजपा सरकार के बीच सियासी बयानबाजी को नया मुद्दा दे दिया है.
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बुधवार को पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल से वार्ता की. बैठक में रितु बराला प्रकरण में जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग और पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई.
क्या बोले पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल
पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को बताया कि रितु बराला 19 अक्टूबर को मोतीडूंगरी थाने पहुंची थीं. उनकी शिकायत लेने के बाद दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने से संपर्क किया गया. जयपुर पुलिस के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने जानकारी दी कि 13 अक्टूबर की घटना के संबंध में पहले ही एफआईआर दर्ज है और मामले की जांच जारी है. इसी आधार पर जयपुर पुलिस ने उसी घटना के संबंध में अलग से जीरो एफआईआर दर्ज करने से इनकार किया. पुलिस कमिश्नर ने कांग्रेस नेताओं को इस संबंध में लिखित जवाब भी सौंपा.
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डोटासरा बोले- कांग्रेस इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेगी
पुलिस के जवाब के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेगी. पार्टी का तर्क है कि शिकायत दिए जाने के बाद भी जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर विचार किया जाना चाहिए था. कांग्रेस ने कहा है कि यदि मामले में पुलिस अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी.करीब 42 घंटे तक चले धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए. बुधवार को वार्ता और लिखित जवाब मिलने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया. कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि आंदोलन खत्म हुआ है, लेकिन मामले को लेकर पार्टी की कानूनी लड़ाई जारी रहेगी.
रितु बराला प्रकरण के जरिए कांग्रेस राजस्थान की भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन को घेर रही है. वहीं, पुलिस का पक्ष है कि दिल्ली में पहले से दर्ज एफआईआर की जांच चल रही है, इसलिए जयपुर में दूसरी एफआईआर दर्ज करने का औचित्य नहीं है.हालांकि एक बात साफ़ है कि पंचायत चुनाव के बीच कांग्रेस के सीनीयर लीडर्स तीन दिन तक जयपुर पुलिस के साथ एक एफआईआर के लिए उलझते रह गए और पंचायत चुनाव क़ो समय नहीं दे पाए क्योंकि आदेश राहुल गांधी का था.