राजेंद्र राठौड़ की मौजूदगी में 13 निर्दलीय पार्षदों ने थामा BJP का दामन, सभापति चुनाव से पहले को मजबूती
Rajendra Rathore: चूरू के सुजानगढ़ में सभापति चुनाव से पहले राजनीतिक घटनाक्रम तेज हो गया है. राजेंद्र राठौड़ की मौजूदगी में 13 निर्दलीय और बागी पार्षद भाजपा में शामिल हुए. 60 सदस्यीय नगर परिषद में चुनाव परिणाम के बाद भाजपा के 31 पार्षद थे. अब 13 निर्दलीय पार्षदों के शामिल होने से भाजपा के साथ जुड़े पार्षदों की संख्या 44 हो गई है. सभापति पद के लिए 21 सितंबर को मतदान होना है.
Rajasthan mayor Chunav: चूरू जिले की सुजानगढ़ नगर परिषद में सभापति चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. शुक्रवार शाम आयोजित एक कार्यक्रम में 13 निर्दलीय और बागी पार्षद भाजपा में शामिल हो गए. यह सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम पूर्व विधानसभा नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ की मौजूदगी में हुआ. कार्यक्रम के दौरान सभी पार्षदों को भाजपा का दुपट्टा पहनाकर पार्टी में शामिल कराया गया. इस घटनाक्रम के बाद सभापति चुनाव को लेकर नगर परिषद में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं.
चुनाव परिणाम में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी
सुजानगढ़ नगर परिषद में कुल 60 वार्ड हैं. 14 सितंबर को घोषित चुनाव परिणामों के अनुसार भाजपा ने 31 वार्डों में जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस को 9 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 20 सीटें मिली थीं. इस तरह भाजपा चुनाव परिणाम के बाद सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई थी. अब 13 निर्दलीय पार्षदों के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी के साथ जुड़े पार्षदों की संख्या 44 हो गई है. हालांकि सभापति चुनाव में अंतिम स्थिति मतदान और निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान स्पष्ट होगी.
राजेंद्र राठौड़ की मौजूदगी में सदस्यता
भाजपा में शामिल होने वाले पार्षदों का स्वागत राजेंद्र राठौड़ ने किया. इस दौरान उन्होंने पार्षदों को भाजपा का दुपट्टा पहनाया और पार्टी की सदस्यता दिलाई. सामने आई जानकारी के अनुसार, भाजपा की ओर से कहा गया कि ये पार्षद पार्टी की नीतियों और विचारधारा से प्रभावित होकर भाजपा परिवार में शामिल हुए हैं. कार्यक्रम के दौरान राजेंद्र राठौड़ के संबोधन में एक दिलचस्प बात भी सामने आई. उन्होंने दो बार पार्षदों के स्थान पर ‘विधायक’ शब्द का इस्तेमाल किया. इसके बाद यह बात भी चर्चा का विषय बनी.
21 सितंबर को सभापति का चुनाव
सुजानगढ़ नगर परिषद के सभापति पद के लिए 21 सितंबर को चुनाव होना है. ऐसे में मतदान से ठीक पहले 13 निर्दलीय पार्षदों का भाजपा में शामिल होना महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है. चुनाव परिणाम में भाजपा के पास पहले ही 31 सीटें थीं और अब 13 निर्दलीय पार्षदों के जुड़ने से भाजपा के साथ जुड़े पार्षदों की संख्या 44 हो गई है. अब सभी की नजरें 21 सितंबर को होने वाले सभापति चुनाव पर हैं. मतदान के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नए राजनीतिक समीकरण का नगर परिषद के नेतृत्व पर क्या असर पड़ता है.