SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

राजस्थान के पहलवानों को मिलेगा 1100 किलो देसी घी, हवाई सफर से भी मिलेगी राहत

कोटा के 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले के कुश्ती दंगल में 600 से ज्यादा पहलवानों को 1100 किलो देसी घी, खेल का सामान और हवाई यात्रा की सुविधा दी जा रही है. राजस्थान राज्य कुश्ती संघ का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देना है.

Reported By Chetan Gurjar Written By Ansh Raj
Published: Nov 03, 2026, 06:41 PM IST | Updated: Nov 03, 2026, 08:34 PM IST
Join

राजस्थान के पहलवानों को कुश्ती में बेहतर प्रदर्शन के लिए अब अच्छी डाइट और जरूरी सुविधाएं मिल रही हैं. कोटा के 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले में आयोजित चंबल राजस्थान केसरी कुश्ती दंगल में प्रदेशभर से 600 से ज्यादा पहलवान हिस्सा ले रहे हैं. राजस्थान राज्य कुश्ती संघ की ओर से इन खिलाड़ियों को करीब 1100 किलो देसी घी, खेल से जुड़ा जरूरी सामान और प्रतियोगिताओं में आने-जाने के लिए हवाई यात्रा की सुविधा दी जा रही है. इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर तैयारी का मौका देना है, ताकि वे मैट पर दम दिखाकर राजस्थान और देश के लिए पदक जीत सकें.

पहलवानों को बांटा जा रहा 1100 किलो देसी घी

राजस्थान राज्य कुश्ती संघ के अध्यक्ष और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के ओएसडी राजीव दत्ता ने बताया कि खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन के लिए नियमित अभ्यास के साथ बेहतर डाइट और जरूरी संसाधन भी जरूरी हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए संघ पहलवानों को सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है.

पहलवानों को एक और पांच किलो के डिब्बों में देसी घी दिया जा रहा है. संघ का कहना है कि जो खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतेंगे, उनकी खान-पान और खेल से जुड़ी जरूरतों में भी सहयोग किया जाएगा.

ये भी पढ़ें- जयपुर से मुंबई 8 हजार और मुंबई से जयपुर 25 हजार! दिवाली पहले शहर लौटने पर महंगा हुआ AIR टिकट

हवाई सफर से बचेगा समय, कम होगी थकान

पहलवानों के लिए हवाई यात्रा की सुविधा भी काफी अहम है. खिलाड़ियों का कहना है कि प्रतियोगिताओं में शामिल होने के लिए लंबी दूरी का सफर करने में काफी समय लगता था. इससे थकान भी होती थी और प्रतियोगिता से पहले आराम करने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता था.

हवाई यात्रा से खिलाड़ियों का समय बचेगा और वे प्रतियोगिता में उतरने से पहले बेहतर तरीके से आराम कर सकेंगे. इसके अलावा पहलवानों को जूते, ड्रेस, पानी की बोतल और जरूरत का दूसरा सामान भी उपलब्ध कराया जा रहा है.

महिला पहलवानों में भी दिख रहा उत्साह

कुश्ती दंगल में महिला पहलवान भी पूरे उत्साह के साथ हिस्सा ले रही हैं. संघ का प्रयास है कि राजस्थान में कुश्ती को मजबूत आधार मिले और ज्यादा से ज्यादा युवा इस खेल से जुड़ें. खिलाड़ियों को जरूरी सुविधाओं के अभाव में पीछे न रहना पड़े, इसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं.

नशे से दूर रहने का संदेश दे रहा कुश्ती दंगल

इस बार कुश्ती दंगल की थीम 'Kick the Drugs, Pick the Sports' रखी गई है. इसके जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने और खेलों को अपनाने का संदेश दिया जा रहा है. आयोजकों का उद्देश्य है कि युवा खेलों में अपना भविष्य बनाएं और राजस्थान के खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें.
 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

चेतन गुर्जर , राजस्थान के टोंक जिले के गांव थड़ी से आते हैं. उन्होंने साल 2019 में जयपुर से पत्रकारिता की शुरुआत की और आज तक (Aaj Tak) के साथ अपनी सेवाएं दीं. फिर साल 2023 में उन्होंने कोटा में रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी संभाली. वे कोटा जिले की प्रमुख खबरों, अपराध, राजनीति, शिक्षा और जनहित से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते रहे हैं. अक्टूबर 2026 से उन्होंने जी मीडिया (Zee Media) के साथ नई शुरुआत की है और अब कोटा में जी मीडिया के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES