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कब है कार्तिक अमावस्या, यहां जानिए क्या है स्नान-दान पूजा का शुभ मुहूर्त

इस साल कार्तिक अमावस्या कब है, इस दिन का स्नान-दान और पूजा करने का शुभ मुहूर्त क्या है? मां लक्ष्मी और विष्णु जी की विशेष कृपा पाने के लिए आइए इस बारे में विस्तार से जानें.

कब है कार्तिक अमावस्या, यहां जानिए क्या है स्नान-दान पूजा का शुभ मुहूर्त

Amavasya kab hai November 2026 mein: हिंदू धर्म में वैसे तो हर अमावस्या तिथि का बहुत महत्व है लेकिन इनमें कार्तिक अमावस्या तिथि को अति पवित्र माना जाता है. यह तिथि दीपावली से संबंधित है. मां लक्ष्मी, भगवान गणेश की पूजा के लिए कार्तिक अमावस्या को सर्वश्रेष्ठ तिथि माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन दीपदान करने शुभ होता है और स्नान-दान व पूजा-पाठ करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है. कार्तिक अमावस्या पर घरों से लेकर मंदिरों में दीया जलाने का विधान है. ऐसा करने से घर और जीवन में सकारात्मकता आती है. घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है. आइए जानें इस दिन किन देव-देवता की पूजा करें, इस साल कार्तिक अमावस्या कब है और इस दिन स्नान-दान का शुभ मुहूर्त क्या है?

कार्तिक अमावस्या 2026 कब है?

पंचांग के अनुसार, कार्तिक कृष्ण अमावस्या तिथि 8 नवंबर, रविवार के दिन सुबह 11:27 बजे शुरू होकर अगले दिन 9 नवंबर, सोमवार को दोपहर के समय 12:31 बजे समाप्त होगी. इस तरह उदयातिथि में स्नान-दान के लिए कार्तिक अमावस्या की तिथि 9 नवंबर को मान्य होगी. वहीं, प्रदोष काल के अनुसार, दिवाली इस साल 8 नवंबर को मानाई जाएगी.

कार्तिक अमावस्या 2026 दान-स्नान का मुहूर्त

पंचांग अनुसार कार्तिक अमावस्या पर स्नान का शुभ मुहूर्त- 9 नवंबर को सुबह 04:53 बजे से लेकर 05:46 बजे तक.
अभिजीत मुहूर्त- 9 नवंबर को सुबह 11:43 से लेकर दोपहर 12:26 बजे तक. (इस मुहूर्त में दान किया जा सकता है.)
पंचांग अनुसार कार्तिक अमावस्या पर पूजा का शुभ मुहूर्त- 9 नवंबर को शाम 05:54 बजे से लेकर शाम 07:50 बजे तक.
पंचांग अनुसार कार्तिक अमावस्या पर प्रदोष काल- 9 नवंबर को शाम 05:31 बजे से रात 08:09 बजे तक.

कार्तिक अमावस्या का महत्व

कार्तिक अमावस्या तिथि का सनातन धर्म में बड़ा महत्व बताया गया है. यह तिथि अति पवित्र और पुण्य फलदायी मानी गई है. इस दिन स्नान आदि कर जो भी व्यक्ति मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान विष्णु की उपासना करता है उसके जीवन से दुख और धन संबंधी दिक्कतें दूर होती हैं. कार्तिक अमावस्या पर अगर पितरों की शांति के निमित्त दान और तर्पण करें तो घर में शांति का संचार होता है, रुके काम बनते हैं. इस तिथि पर अन्न, वस्त्र और अन्य उपयोगी सामानों का दान करना शुभ माना जाता है.

(डिस्क्लेमर- यह लेख सामान्य पंचांग और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. मुहूर्त स्थानीय पंचांग के अनुसार बदल सकते हैं. किसी भी पूजा, दान या उपाय को करने से पहले अपने स्थानीय पंडित या ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें.)

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About the Author

Padma Shree Shubham

Padma Shree Shubham

पद्मा श्री शुभम् को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव. मॉस कम्‍युनिकेशन ग्रेजुएट और हिंदी लिटरेचर से पोस्‍ट ग्रेजुएट. मीडिया में डिजिटल प्लेटफॉर्म से करियर शुरू करने के बाद कई संस्थाओं में काम किया. Nedrick News, TFI Post जैसी संस्थाओं में कार्यरत रहीं. इसके बाद Zee News जॉइन किया. समाचार और वर्तमान घटनाओं पर लिखने पढ़ने में रुचि. धर्म और ज्योतिष में अधिक रुचि. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष संबंधी लेख लिखने में कार्यरत. पद्मा से आप padma.shubham@India.com मेल के जरिए सीधे संपर्क कर सकते हैं.
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