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Rajasthan Weather Update: राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है. मौसम केंद्र जयपुर के दैनिक पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश के कुछ हिस्सों से अगले तीन से चार दिनों में मानसून की विदाई के लिए मौसम परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. हालांकि मानसून पूरी तरह विदा होने से पहले पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है.
मंगलवार, 22 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभागों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. वहीं पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान जताया गया है.
22 सितंबर को इन संभागों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार 22 सितंबर को बारिश की गतिविधियां मुख्य रूप से पूर्वी राजस्थान तक सीमित रहेंगी. कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभागों में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. इसके उलट पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहने की संभावना है. इससे साफ है कि मंगलवार को पूरे प्रदेश में बारिश का कोई व्यापक दौर नहीं रहेगा. पूर्वी हिस्से के चुनिंदा इलाकों में ही स्थानीय स्तर पर बारिश देखने को मिल सकती है.
मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा फिलहाल जैसलमेर, नागौर और सीकर से होकर गुजर रही है. अगले 2 से 3 दिनों में राजस्थान के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल रहने की संभावना है.
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभागों के अधिकांश इलाकों में अगले 4 से 5 दिनों तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की प्रबल संभावना है. इसी अवधि में पूर्वी राजस्थान के भी अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है.
25 से 27 सितंबर के बीच फिर बन सकता है बारिश का माहौल
23 और 24 सितंबर को प्रदेश के दोनों हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का पूर्वानुमान है. इसके बाद 25 से 27 सितंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान में एक बार फिर कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना बन रही है.
इस दौरान कोटा, उदयपुर, भरतपुर, अजमेर और जयपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. 22 सितंबर को मौसम विभाग ने किसी भी जिले के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है.
किसानों को फसलों को सुरक्षित रखने की सलाह
मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए मौसम केंद्र जयपुर ने किसानों के लिए जरूरी सलाह भी जारी की है. पककर तैयार हो चुकी और खुले आसमान के नीचे रखी खरीफ फसलों को बारिश से बचाने की उचित व्यवस्था करने को कहा गया है.
कृषि उपज और अनाज मंडियों में खुले में रखे अनाज एवं अन्य जिंसों को भीगने से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम करने की सलाह दी गई है. साथ ही फसलों में कीटनाशक और अन्य रसायनों का छिड़काव आगामी दिनों में बारिश की संभावना को ध्यान में रखकर करने को कहा गया है.