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Rajasthan Weather Update: राजस्थान में मानसून की विदाई से पहले मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है. मौसम केंद्र जयपुर की ओर से जारी चेतावनी के अनुसार, 18 सितंबर 2026 को प्रदेश के कई हिस्सों में मेघगर्जन के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है.
19 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार बाड़मेर, बालोतरा, जालोर, पाली, सिरोही, ब्यावर, अजमेर, टोंक, बूंदी, भीलवाड़ा, राजसमंद, उदयपुर, प्रतापगढ़, सलूम्बर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, झालावाड़ और कोटा जिलों तथा आसपास के क्षेत्रों में मौसम खराब होने की संभावना है.
इन इलाकों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम मेघगर्जन के साथ अचानक तेज हवाएं चल सकती हैं. हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है. मौसम केंद्र ने इन क्षेत्रों के लिए येलो स्तर की निगरानी जारी की है.
जयपुर समेत कई संभागों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के दैनिक पूर्वानुमान के मुताबिक, 18 सितंबर को भरतपुर, कोटा, उदयपुर, जयपुर और अजमेर संभागों में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. वहीं बीकानेर और जोधपुर संभागों में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है.
इससे पहले 17 सितंबर को प्रदेश में कई जगह मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 17 सितंबर को फलौदी में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जयपुर में 37.8 मिमी, सीकर में 26 मिमी और कोटा में 11.6 मिमी बारिश दर्ज की गई.
19 सितंबर के बाद कमजोर होगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है. इसी अवधि में पश्चिमी राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने का अनुमान है.
20 सितंबर को दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इसके बाद 21 सितंबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है. दैनिक पूर्वानुमान में 21 से 23 सितंबर तक पूर्वी और पश्चिमी दोनों राजस्थान में मौसम शुष्क रहने का अनुमान दिया गया है.
आंधी-बारिश के दौरान क्या सावधानी रखें?
येलो अलर्ट वाले क्षेत्रों में मौसम खराब होने पर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. विशेष रूप से मेघगर्जन और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने तथा सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह है. मौसम केंद्र के अलर्ट में किसी विशेष बड़े प्रभाव की संभावना नहीं जताई गई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर तेज हवा, बिजली गिरने और बारिश के दौरान सावधानी जरूरी है.
किसानों के लिए मौसम केंद्र ने पककर तैयार और खुले में रखी फसलों को बारिश से बचाने के उचित उपाय करने की सलाह दी है. खुले में रखे अनाज और पशुओं को भी सुरक्षित रखने तथा आने वाले दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए फसलों में कीटनाशक या अन्य रसायनों के छिड़काव की योजना बनाने की सलाह दी गई है.