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Rajasthan Weather Update: राजस्थान के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है. राज्य के उत्तर-पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में बादल गरजने, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं.
मौसम विभाग के मुताबिक, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं, बीकानेर और चूरू जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है.
श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ में तेज हवाओं के साथ हो सकती है बारिश
मौसम विभाग के का कहना है कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों और आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से तीव्र बादल गरजने के साथ अचानक तेज हवाएं चल सकती हैं. इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. ऐसे में स्थानीय लोगों को मौसम में अचानक होने वाले बदलाव के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
बीकानेर और चूरू में भी बदलेगा मौसम का मिजाज
बीकानेर और चूरू जिलों में भी बदले मौसम का असर देखा जा सकता है. इन इलाकों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम बादल गरजने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अचानक तेज हवाएं चलने की संभावना है. साथ ही कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है.
11 अक्टूबर को बीकानेर संभाग और शेखावाटी में असर
मौसम विभाग के अनुसार, 10 और 11 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में मौसम का असर अधिक देखा जा सकता है. इन इलाकों में बादल गरजने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. साथ ही कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
इसके बाद 13 और 14 अक्टूबर को बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में मौसम फिर बदल सकता है. इस दौरान बादल गरजने और तेज हवाओं के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं.
इन इलाकों में मौसम रहेगा शुष्क
प्रदेश के शेष अधिकांश भागों में आगामी दिनों के दौरान मौसम शुष्क रहने की संभावना है. यानी बारिश और तेज हवाओं का असर उत्तर-पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के कुछ जिलों में ही रहेगा.
किसानों के लिए सलाह जारी
मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में खुले आसमान के नीचे रखी तैयार फसलों को बारिश से बचाने के लिए उचित इंतजाम करें. इसके साथ ही कृषि उपज मंडियों में खुले में रखे अनाज और अन्य कृषि जिंसों को भीगने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखने और ढकने की व्यवस्था करने की सलाह दी है.