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राजस्थान में 15 अक्टूबर को मौसम बदलने के आसार हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के जयपुर केंद्र ने प्रदेश के कई जिलों में मेघगर्जन, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है. मौसम विभाग के जारी चेतावनी बुलेटिन में कुछ क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट और अन्य इलाकों के लिए येलो अलर्ट दर्शाया गया है. ऐसे में लोगों को अपने जिले की मौसम चेतावनी पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है.
जयपुर समेत इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, जयपुर, दौसा और सीकर जिलों तथा आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से तीव्र मेघगर्जन के साथ अचानक तेज हवाएं चलने की संभावना है. इन इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. इसके साथ हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है.
ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों में मौसम के अचानक बदलने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है. खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के आसपास रहने से बचना चाहिए. हालांकि, बारिश और हवा का वास्तविक असर जिले के अलग-अलग हिस्सों में अलग हो सकता है.
इन जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने चूरू, झुंझुनूं और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों तथा आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम बदलने की संभावना जताई है. इन इलाकों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम मेघगर्जन के साथ अचानक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. हल्की से मध्यम बारिश होने के भी आसार हैं.
इसके अलावा अलवर जिले और आसपास के क्षेत्रों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है. खैरथल-तिजारा जिले तथा आसपास के इलाकों में भी गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है.
ऑरेंज और येलो अलर्ट का क्या मतलब है?
मौसम विभाग ऑरेंज अलर्ट के जरिए लोगों और संबंधित एजेंसियों को संभावित खराब मौसम के प्रति अधिक सतर्क रहने का संकेत देता है. वहीं, येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरी सावधानी बरतने की आवश्यकता है. अलर्ट का रंग संभावित मौसम की गंभीरता और उससे जुड़े जोखिम के स्तर को समझने में मदद करता है.
बारिश और तेज हवाओं के दौरान क्या सावधानी रखें?
मेघगर्जन के दौरान खुले मैदान में खड़े होने से बचें. बिजली चमकने पर पेड़ों, बिजली के खंभों और धातु की संरचनाओं से दूर रहें. तेज हवाएं चलने पर कमजोर दीवारों, होर्डिंग और अस्थायी ढांचों के पास खड़े न हों. वाहन चलाते समय भी सावधानी रखें और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रुकें.