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Ashok Gehlot: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निकाय चुनावों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने पुलिस और प्रशासन के इस्तेमाल, दबाव बनाने और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए. गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव में जीत-हार से किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए, लेकिन दबाव और तानाशाही जैसी स्थिति स्वीकार नहीं की जा सकती. उन्होंने आने वाले पंचायत चुनावों को लेकर भी विपक्षी दलों से एकजुट होकर इन मुद्दों पर आवाज उठाने की अपील की.
पुलिस-प्रशासन के इस्तेमाल का लगाया आरोप
गहलोत ने आरोप लगाया कि निकाय चुनावों के दौरान पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया गया. उन्होंने कहा कि धमकाने, मकान तोड़ने के नोटिस देने, लोगों को थाने बुलाने और गिरफ्तारी जैसे कदम उठाए गए. गहलोत के मुताबिक, उन्होंने अपने पूरे जीवन में पुलिस और प्रशासन की ऐसी दबंगता नहीं देखी. इसी तरह के आरोप गहलोत और कांग्रेस के दूसरे नेताओं की ओर से पहले भी लगाए गए हैं.
हाईकोर्ट की सुनवाई का भी किया जिक्र
गहलोत ने चुनाव से जुड़े मामलों में हाईकोर्ट की सुनवाई का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अदालत को रात करीब 2 बजे तक सुनवाई करनी पड़ी. गहलोत ने इसे लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय बताया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजस्थान के निकाय चुनाव में उत्तर प्रदेश और हरियाणा की पुलिस के इस्तेमाल की बात सामने आई.
वोटर लिस्ट के आरोपों का किया समर्थन
पूर्व मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी की ओर से वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर लगाए गए आरोपों का भी समर्थन किया. उन्होंने कहा कि मतदाता का सम्मान और उसका वोट सुरक्षित रहना चाहिए. गहलोत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी दोहराई और इन पूरे मामलों की न्यायिक जांच कराने की बात कही.
नितिन नवीन के स्वागत पर भी तंज
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के जयपुर दौरे और उनके स्वागत को लेकर भी गहलोत ने तंज कसा. उन्होंने कहा, “ये सवाल भजनलाल जी से पूछो, उनके हाईकमान आए हैं.” उन्होंने स्वागत के दौरान फोटो और वीडियो में कौन आगे और कौन पीछे खड़ा है, इस पर भी टिप्पणी की. गहलोत ने कहा कि डिप्टी सीएम की स्वागत वाली फोटो तक काट दी गई.
मेयर चुनाव को लेकर भी उठाया मुद्दा
इतना ही नहीं पूर्व सीएम ने मेयर चुनावों का जिक्र करते हुए भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि अगर ऐसी परंपरा को आगे बढ़ने की छूट दी गई तो आने वाली युवा पीढ़ी और लोकतंत्र के भविष्य को लेकर चिंता करनी होगी. निकाय चुनावों के दौरान प्रशासन के इस्तेमाल के आरोपों को लेकर भाजपा ने इन्हें खारिज किया है और कहा है कि पार्षद अपनी पसंद से वोट करने के लिए स्वतंत्र हैं.
पंचायत चुनाव से पहले विपक्ष से एकजुट होने की अपील
गहलोत ने आगामी पंचायत चुनावों को लेकर भी चेताया. इसके साथ गहलत ने विपक्षी दलों से इन मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की. पूर्व सीएम का कहना है कि चुनाव में हार-जीत सामान्य बात है, लेकिन चुनावी प्रक्रिया में दबाव और सरकारी तंत्र के कथित इस्तेमाल पर सवाल उठना जरूरी है.