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खाकी में बढ़ा महिलाओं का दम: राजस्थान पुलिस में शामिल हुईं 438 नई महिला कांस्टेबल

Jaipur News: राजस्थान पुलिस अकादमी में बैच-102 की 438 महिला कांस्टेबलों की ट्रेनिंग पूरी हुई. दीक्षांत परेड में डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने उन्हें कर्तव्य, अनुशासन और जनसेवा का संकल्प दिलाया. उत्कृष्ट प्रशिक्षुओं को सम्मानित भी किया गया.

खाकी में बढ़ा महिलाओं का दम: राजस्थान पुलिस में शामिल हुईं 438 नई महिला कांस्टेबल
Image Credit: राजस्थान पुलिस में 438 नई महिला कांस्टेबल शामिल हुईं.

Jaipur News: जयपुर में राजस्थान पुलिस के बेड़े में सोमवार को 438 नई महिला कांस्टेबल शामिल हुईं. राजस्थान पुलिस अकादमी में बैच-102 की दीक्षांत परेड के साथ इन महिला कांस्टेबलों का प्रशिक्षण पूरा हुआ. राष्ट्रगीत के साथ शुरू हुए समारोह में नवप्रशिक्षित महिला कांस्टेबलों ने शानदार मार्चपास्ट किया. परेड कमांडर प्रियंका बेनीवाल के नेतृत्व में महिला कांस्टेबलों ने अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया.

समारोह के मुख्य अतिथि डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली. इस दौरान उन्होंने नवप्रशिक्षित कांस्टेबलों को कर्तव्य, अनुशासन और जनसेवा का संकल्प दिलाया. प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित भी किया गया. समारोह में पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था संजय कुमार अग्रवाल, एडीजीपी बिपिन पाण्डेय, एडीजीपी एवं आरपीए निदेशक संजीब कुमार नार्ज़ारी सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

वर्दी के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ती है
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने नवप्रशिक्षित कांस्टेबलों को संबोधित करते हुए कहा कि कठोर प्रशिक्षण पूरा हो गया है, लेकिन सीखने की यात्रा अब शुरू हुई है. उन्होंने कहा कि वर्दी के साथ सिर्फ अधिकार नहीं मिलते, बल्कि जनता का विश्वास, संवैधानिक जिम्मेदारी, साहस, निष्पक्षता और सेवा का अवसर भी मिलता है.

उन्होंने पुलिसकर्मियों से हर परिस्थिति में संवेदनशील रहने की अपील की. डीजीपी ने कहा कि किसी पीड़ित व्यक्ति के साथ पुलिसकर्मी का व्यवहार और उसकी प्रतिक्रिया उसके जीवन में स्थायी बदलाव ला सकती है. इसलिए अधिकारों का इस्तेमाल हमेशा कानून और न्याय के अनुरूप होना चाहिए.

नए कानूनों और डिजिटल साक्ष्य पर जोर
डीजीपी ने कहा कि पुलिसिंग का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. आज जनता त्वरित, पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह पुलिस व्यवस्था चाहती है. नए आपराधिक कानून लागू हो चुके हैं, ऐसे में पुलिसकर्मियों के लिए उनका गहन अध्ययन जरूरी है.

उन्होंने डिजिटल साक्ष्य के इस्तेमाल पर भी जोर दिया. उनका कहना था कि तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से अनुसंधान प्रक्रिया को तेज करने और मुकदमों का समयबद्ध निस्तारण करने में मदद मिल सकती है. पहली बार केंद्रीय गृह मंत्रालय के मॉडल सिलेबस के अनुरूप प्रशिक्षण दिया गया है. इसे आमजन की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है.

राजस्थान पुलिस के सामने कई चुनौतियां
डीजीपी ने राजस्थान पुलिस के सामने मौजूद चुनौतियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश की लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी पुलिस के लिए चुनौती हैं. इसके अलावा सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहें, फर्जी खबरें और डीपफेक भी पुलिसिंग के सामने नई चुनौतियां बनकर सामने आए हैं. ऐसे माहौल में पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता का विश्वास हासिल करना और उसे लगातार बनाए रखना है.

महिला पुलिसकर्मियों को दिया खास संदेश
438 नई महिला कांस्टेबलों को संबोधित करते हुए डीजीपी ने कहा कि महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका और जिम्मेदारी विशेष है. उन्होंने माना कि ड्यूटी और परिवार के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता, लेकिन आत्मविश्वास और व्यावसायिक दक्षता के साथ हर चुनौती का सामना किया जा सकता है. उन्होंने महिला कांस्टेबलों से कठिन से कठिन ड्यूटी में आगे बढ़कर नेतृत्व करने और खुद को साबित करने का आह्वान किया. डीजीपी ने कहा कि वर्दी के साथ उन्हें विशेष शक्ति और विशेष जिम्मेदारी मिली है. जनता के विश्वास को बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.

अपराध नियंत्रण पर पुलिस का फोकस
डीजीपी ने बताया कि पिछले वर्ष राजस्थान पुलिस का फोकस अपराध नियंत्रण, साइबर सुरक्षा, संगठित अपराध पर कार्रवाई, तकनीकी पुलिसिंग और जन सुरक्षा को मजबूत करने पर रहा. उन्होंने कहा कि हत्या, डकैती और लूट जैसे गंभीर अपराधों में कमी दर्ज की गई है. एसटीएफ और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स लगातार कार्रवाई कर रही हैं. साइबर अपराध से निपटने के लिए 1930 हेल्पलाइन को मजबूत किया गया है. साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर के पूरी तरह सक्रिय होने से साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई और प्रभावी होने की उम्मीद है. डीजीपी ने पेपर लीक और डमी अभ्यर्थियों के मामलों में एसओजी-एटीएस की कार्रवाई का भी जिक्र किया.

पुलिस थाने को सेवा केंद्र बनाने पर जोर
डीजीपी ने कहा कि राजस्थान पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध नियंत्रण नहीं, बल्कि नागरिक केंद्रित पुलिसिंग भी है. पुलिस थानों को सेवा केंद्र की तरह विकसित करना होगा. थाने आने वाले हर नागरिक का सम्मान के साथ स्वागत हो, उसकी शिकायत धैर्य से सुनी जाए और शिकायत दर्ज करने में देरी न हो. उन्होंने बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और बच्चों के प्रति विशेष संवेदनशीलता रखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि ईमानदारी पुलिसकर्मी की सबसे बड़ी पूंजी है. इसलिए भ्रष्टाचार और पक्षपात से हमेशा दूर रहना जरूरी है.

AI और नई तकनीक की समझ जरूरी
डीजीपी ने कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीक के बिना पुलिसिंग आगे नहीं बढ़ सकती. ऑनलाइन ट्रेनिंग और विभिन्न पोर्टल्स के जरिए पुलिसकर्मियों को लगातार अपना तकनीकी ज्ञान अपडेट करना होगा. उन्होंने कहा कि एक बेहतर पुलिसकर्मी के लिए केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है. संवाद कौशल, धैर्य, सहानुभूति, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और तनाव प्रबंधन जैसे सॉफ्ट स्किल भी जरूरी हैं.

प्रशिक्षण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले सम्मानित
दीक्षांत समारोह में प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया. सर्वश्रेष्ठ निशानेबाज का सम्मान निधि शेखावत को मिला. इनडोर में प्रथम स्थान राशिका मीणा ने हासिल किया, जबकि कंप्यूटर में प्रथम रहीं रवीना को भी सम्मानित किया गया. ऑलराउंडर का सम्मान प्रियंका बेनीवाल को मिला. प्रशिक्षकों में आउटडोर के लिए नीतेश शर्मा और इनडोर के लिए मीना वर्मा को सम्मान दिया गया.

साहस और मानवीय संवेदना के लिए डीजीपी डिस्क
समारोह में साहस और मानवीय संवेदना के लिए कई पुलिसकर्मियों को डीजीपी डिस्क से भी सम्मानित किया गया. विकास कुमार और दीपक लवाना ने नहर में डूबती महिला की जान बचाने में साहस दिखाया. सुरेश कुमार ने नए कानूनों को लेकर आयोजित प्रदर्शनी में विशेष योगदान दिया. सुरेश चंद को सेंट्रल बैंड में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया. अनिल कुमार योगी और सुरेंद्र कुमार गुर्जर ने गंभीर हालत में एक महिला को छाबड़ा से बारां अस्पताल पहुंचाकर मानवीय संवेदना का परिचय दिया. इन सभी को डीजीपी डिस्क से सम्मानित किया गया.

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About the Author

Vishnu Prakash Sharma

Vishnu Prakash Sharma

जी राजस्थान में सीनियर कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत विष्णु प्रकाश शर्मा पत्रकारिता के क्षेत्र में विगत 30 वर्षों से सक्रिय हैं. जी मीडिया में वे BJP, तीसरा मोर्चा,  RSS सहित अन्य राजनीतिक विषय या गृह, वित्त और क्राइम से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से कवर करते हैं. बात चाहे बीजेपी संगठन में किसी भी हलचल की या फिर पार्टी के वीवीआईपी दौरों से लेकर कानून व्यवस्था से जुड़ी खबरों की, विष्णु शर्मा सक्रिय रूप से इन सभी की न्यूज कवर कर दर्शकों तक पहुंचाते हैं। राजनीतिक और गृह-पुलिस की खबरों पर भी गहरी पकड़ रखते हैं. राजनीति से जुड़ी हर छोटी बड़ी खबरों को भी दर्शकों तक पहुंचाते हैं.  विष्णु प्रकाश शर्मा जी मीडिया समूह से पहले दैनिक भास्कर में 10 साल, राजस्थान पत्रिका में 12 साल, फर्स्ट इंडिया न्यूज 7 महीने कार्य कर चुके हैं.
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