हाईकोर्ट ने खारिज कीं दो दर्जन याचिकाएं, जानें पंचायत चुनाव के बीच अदालत क्यों नहीं देगी दखल?
राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव और आरक्षण लॉटरी प्रक्रिया को चुनौती देने वाली दो दर्जन याचिकाएं खारिज कर दीं. अदालत ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता. मतदाता सूची में बदलाव की मांग भी उठाई गई थी.
Rajasthan Panchayat Elections: राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत चुनावों को चुनौती देने वाली दो दर्जन याचिकाएं खारिज कर दी हैं. जस्टिस आनंद शर्मा ने इन याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया. याचिकाओं में पंचायत चुनाव से जुड़े अलग-अलग मामलों, आरक्षण लॉटरी प्रक्रिया और मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के तरीके पर सवाल उठाए गए थे. अदालत ने चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद इसमें हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया.
आरक्षण लॉटरी और मतदाता सूची पर उठाए सवाल
याचिकाकर्ताओं ने पंचायत चुनाव से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. कुछ याचिकाओं में आरक्षण लॉटरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे. वहीं, कुछ याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उनका नाम मतदाता सूची में गलत स्थान पर दर्ज है. उन्होंने इसे सही करने की मांग की थी.
इन याचिकाओं में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर अदालत से राहत मांगी गई थी. हालांकि, हाईकोर्ट ने दो दर्जन याचिकाओं को खारिज कर दिया.
सरकार की ओर से दी गई यह दलील
सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता कपिल प्रकाश माथुर ने सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने अदालत को बताया कि पंचायती राज चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. चुनाव के पहले दो चरणों का मतदान संपन्न हो गया है, जबकि तीसरे चरण का मतदान होना है.
उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूचियां तैयार हो चुकी हैं और अब उनमें किसी भी तरह का बदलाव संभव नहीं है. ऐसे में चुनाव प्रक्रिया के इस चरण में मतदाता सूची में बदलाव की मांग पर विचार करना संभव नहीं है.
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नोटिफिकेशन जारी नहीं होने की दलील पर अदालत का जवाब
दूसरी ओर, याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि अभी तक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है. इस पर अदालत ने स्पष्ट किया कि नोटिफिकेशन भी चुनाव प्रक्रिया का ही एक हिस्सा है.
हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के इस चरण में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिकाएं खारिज कर दीं. इस फैसले के साथ पंचायत चुनाव से जुड़ी दो दर्जन याचिकाओं पर अदालत की सुनवाई पूरी हुई.