SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

बारां, बूंदी और उनियारा में हाथी के निशान पर चुनाव लड़ेंगे नरेश मीणा समर्थक, पंचायत चुनाव में बढ़ी हलचल....

राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले हाड़ौती की राजनीति में नया समीकरण बनता नजर आ रहा है. किसान नेता नरेश मीणा के तीसरे मोर्चे को बहुजन समाज पार्टी (BSP) का समर्थन मिला है. जानकारी के अनुसार, बारां, बूंदी और उनियारा क्षेत्र में तीसरे मोर्चे के प्रत्याशी BSP के चुनाव चिह्न हाथी पर चुनाव लड़ेंगे. इससे पहले आम आदमी पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद तीसरा मोर्चा नए विकल्प तलाश रहा था. BSP के साथ आने से पंचायत चुनाव में मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है.

Written By Ansh Raj
Published: Oct 16, 2026, 12:16 PM IST | Updated: Oct 16, 2026, 12:19 PM IST
Image Credit: Rajasthan Panchayat Polls
Join

राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं. इसी बीच हाड़ौती क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है. किसान नेता नरेश मीणा के तीसरे मोर्चे को बहुजन समाज पार्टी (BSP) का साथ मिल गया है. इस घटनाक्रम के बाद बारां, बूंदी और उनियारा क्षेत्र में पंचायत चुनाव का मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है. तय रणनीति के अनुसार, इन क्षेत्रों में तीसरे मोर्चे के प्रत्याशी BSP के चुनाव चिह्न हाथी पर चुनाव लड़ेंगे.

BSP के साथ आने से तीसरे मोर्चे को मिला नया विकल्प
पंचायत चुनाव से पहले नरेश मीणा के समर्थक अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे थे. इसी दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) से टिकट मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही थी. हालांकि, सूत्रों के अनुसार, कोशिशों के बावजूद नरेश मीणा समर्थकों को AAP से टिकट नहीं मिल सके. इसके बाद तीसरा मोर्चा दूसरे राजनीतिक विकल्पों पर विचार कर रहा था.

अब बहुजन समाज पार्टी के समर्थन से तीसरे मोर्चे को चुनाव लड़ने के लिए नया रास्ता मिल गया है. तय योजना के मुताबिक, बारां, बूंदी और उनियारा क्षेत्र में समर्थक BSP के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरेंगे. इससे प्रत्याशियों को एक साझा चुनावी मंच मिलने की संभावना है.

ये भी पढ़ें- झुंझुनूं में बिछने लगी पंचायती राज की बिसात: राजघराना रिसोर्ट से निकला कांग्रेस की जीत का 'मास्टरफॉर्मूला'

बारां, बूंदी और उनियारा पर नजर
हाड़ौती की राजनीति में बारां और बूंदी अहम क्षेत्र हैं. वहीं, उनियारा में भी तीसरे मोर्चे के प्रत्याशियों की चुनावी रणनीति पर नजर रहेगी. BSP के सिंबल पर चुनाव लड़ने के फैसले से स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं.

हालांकि, इस नए गठजोड़ का वास्तविक असर कितना होगा, यह प्रत्याशियों की स्थिति, स्थानीय मुद्दों और मतदाताओं के रुख पर निर्भर करेगा. पंचायत चुनाव में स्थानीय नेतृत्व, विकास कार्य, ग्रामीण सुविधाएं और क्षेत्रीय समस्याएं भी परिणामों को प्रभावित कर सकती हैं.

ये भी पढ़ें- मदन राठौड़ का गहलोत पर पलटवार, बोले- समाज में धूमिल हो रही आपकी छवि

 

प्रमोद जैन भाया पर पहले लगा चुके हैं आरोप
इससे पहले नरेश मीणा ने पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया पर आरोप लगाया था कि उन्होंने आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर उनके समर्थकों के टिकट कटवाए. यह नरेश मीणा का आरोप था. इस मामले में संबंधित पक्ष का जवाब सामने आने पर उसका पक्ष भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए.

AAP से टिकट नहीं मिलने के बाद BSP के साथ चुनाव लड़ने की रणनीति तीसरे मोर्चे के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इससे समर्थकों को चुनावी मैदान में उतरने के लिए साझा चुनाव चिह्न मिल सकता है.

पंचायत चुनाव में कितना बदलेगा मुकाबला?
BSP के समर्थन के बाद नरेश मीणा के तीसरे मोर्चे की चुनावी तैयारी को नई दिशा मिली है. अब नजर इस बात पर रहेगी कि बारां, बूंदी और उनियारा में कितने प्रत्याशी हाथी के निशान पर मैदान में उतरते हैं और उन्हें स्थानीय स्तर पर कितना समर्थन मिलता है. फिलहाल इस घटनाक्रम ने हाड़ौती में पंचायत चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है. चुनावी नतीजों से ही साफ होगा कि BSP और तीसरे मोर्चे का यह साथ स्थानीय राजनीति में कितना प्रभाव डाल पाता है.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES