)
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव 2026 के दौरान डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र में ईवीएम में खराबी का मामला सामने आया है. भीलूड़ा ग्राम पंचायत के बूथ नंबर 88 पर मशीन में तकनीकी समस्या आने से करीब दो घंटे तक मतदान प्रभावित रहा. इस दौरान वोट डालने पहुंचे मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा. घटना ने मतदान केंद्रों पर की गई प्रशासनिक तैयारियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.
सुबह 9:41 बजे EVM में आई खराबी
डूंगरपुर जिले की झोथरी, सीमलवाड़ा, भंडारी, चिखली, गलियाकोट, सागवाड़ा और पाडवा पंचायत समितियों में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था. इसी बीच सागवाड़ा पंचायत समिति के अंतर्गत भीलूड़ा ग्राम पंचायत के बूथ नंबर 88 पर सुबह 9 बजकर 41 मिनट पर ईवीएम में तकनीकी खराबी आ गई. इसके चलते मतदान प्रक्रिया रुक गई. इस बूथ पर कुल 1,043 मतदाता पंजीकृत हैं. मशीन में खराबी आने से पहले 144 मतदाता ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर पाए थे. इसके बाद मतदान करीब दो घंटे तक बाधित रहा.
सूचना के बाद भी समय पर नहीं पहुंची नई मशीन
जानकारी के अनुसार, ईवीएम में खराबी आने के बाद संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई थी. नई मशीन उपलब्ध कराने में देरी हुई. इसके चलते मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचे लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा. दूर-दराज से मतदान करने आए कई मतदाता भीषण धूप में कतारों में खड़े रहे. इंतजार से परेशान कुछ लोग बिना वोट डाले ही वापस लौट गए. इस स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और मतदाताओं में नाराजगी देखने को मिली.
प्रशासनिक तैयारियों पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने मतदान केंद्र पर मशीन खराब होने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था में हुई देरी पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि चुनाव जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए बैकअप और आपातकालीन इंतजाम पर्याप्त होने चाहिए, ताकि तकनीकी समस्या आने पर मतदान ज्यादा देर तक बाधित न हो. मतदाताओं को हुई परेशानी के बाद निर्वाचन विभाग की व्यवस्थाओं और त्वरित कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई. हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर मशीन में खराबी आने के तकनीकी कारणों का पता नहीं चल पाया है.
सुबह 11:50 बजे दोबारा शुरू हुआ मतदान
करीब दो घंटे के इंतजार के बाद निर्वाचन विभाग की टीम सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर नई ईवीएम लेकर बूथ पर पहुंची. पुरानी मशीन को बदलने के बाद मतदान प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी गई.
इस घटना के चलते बूथ पर मतदान कुछ समय तक पूरी तरह प्रभावित रहा. अब इस मामले में मतदान केंद्रों पर तकनीकी खराबी से निपटने के लिए जरूरी वैकल्पिक व्यवस्थाओं और समय पर मशीन उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.