राजस्थान के डूंगरपुर जिले में पंचायतीराज चुनाव के दौरान मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला. झोंथरी पंचायत समिति के राउमावि खरवेड़ा मतदान केंद्र पर गुरुवार को सुबह से ही लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने पहुंचे. मतदाता पहचान पत्र लेकर अपनी बारी का इंतजार करते हुए कतारों में खड़े नजर आए. इसी दौरान बांसवाड़ा-डूंगरपुर के सांसद राजकुमार रोत भी मतदान करने पहुंचे. उन्होंने पहले मतदान केंद्र पर मौजूद लोगों से मुलाकात की और फिर कतार में लगकर अपना वोट डाला. मतदान के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधा और पंचायत चुनाव में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) की जीत का दावा किया.
आदिवासी क्षेत्रों में बीएपी का जनाधार बढ़ने का दावा
सांसद राजकुमार रोत ने कहा कि आदिवासी बहुल इलाकों में भारत आदिवासी पार्टी का जनाधार लगातार मजबूत हो रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार जिला प्रमुख और पंचायत समितियों में प्रधान पद पर बीएपी पूर्ण बहुमत हासिल करेगी. उनके मुताबिक, पार्टी को क्षेत्र के लोगों का समर्थन मिल रहा है और इसका असर पंचायत चुनाव के नतीजों में दिखाई देगा. यह सांसद का राजनीतिक दावा है. चुनाव में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी, इसका फैसला मतगणना के बाद ही साफ होगा.
डबल इंजन सरकार पर लगाए आरोप
मतदान के बाद मीडिया से बातचीत में रोत ने बीजेपी की डबल इंजन सरकार पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन की प्रक्रिया के दौरान ही सरकार को अपनी हार का अंदाजा हो गया था. सांसद के अनुसार, फैसले जनता की सुविधा को ध्यान में रखकर लेने के बजाय सरकार की सहूलियत के हिसाब से किए गए.
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का असर आम लोगों पर पड़ रहा है और जनता कई समस्याओं का सामना कर रही है. रोत ने रोजगार गारंटी योजना मनरेगा का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि ऐसी जनकल्याणकारी योजनाएं बंद हो रही हैं या प्रभावित हो रही हैं. इससे गरीब और जरूरतमंद लोगों की परेशानियां बढ़ रही हैं.
NEET पेपर लीक और अर्थव्यवस्था के मुद्दों पर भी घेरा
बीएपी सांसद ने NEET पेपर लीक, देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सरकार की आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में सरकार की विफलताओं के कारण देशभर में उसके खिलाफ माहौल बन रहा है.
रोत ने कहा कि डबल इंजन सरकार का दावा केवल दिखावे तक सीमित है, साफ जमीनी स्तर पर लोग बीजेपी की नीतियों से परेशान हैं. उन्होंने पंचायत चुनाव में बीएपी के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई. डूंगरपुर में मतदान के बीच सांसद के इन बयानों से पंचायत चुनाव का राजनीतिक माहौल भी चर्चा में रहा. अब चुनाव परिणाम से ही साफ होगा कि मतदाताओं ने किस पार्टी और उम्मीदवार पर भरोसा जताया है.