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पंचायत चुनाव 2026: जयपुर में लागू हुई निषेधाज्ञा, हथियार से लेकर जुलूस तक पर पाबंदी

Rajasthan News: जयपुर में पंचायत चुनाव को लेकर पुलिस ने कानून-व्यवस्था का मोर्चा संभाल लिया है. जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों तथा ग्राम पंचायत के चुनाव को देखते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. BNSS की धारा 163 के तहत जारी आदेश 4 अक्टूबर से आचार संहिता खत्म होने तक प्रभावी रहेगा. हथियारों के प्रदर्शन से लेकर भड़काऊ भाषण और सोशल मीडिया पर धार्मिक उन्माद फैलाने वाले कंटेंट तक पर सख्ती रहेगी.

Reported By Vishnu Prakash Sharma Edited By SAGAR CHAUDHARY
Published: Oct 04, 2026, 02:50 PM IST | Updated: Oct 04, 2026, 02:56 PM IST
Image Credit: Rajasthan Panchayat Chunav
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Rajasthan Panchayat Chunav 2026: राजस्थान में पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है. चुनाव आयोग की ओर से कार्यक्रम घोषित होने के बाद अब जयपुर पुलिस ने भी कानून-व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है. जयपुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. आदेश के अनुसार झोटवाड़ा, आमेर, चाकसू, कोटखावदा, सांगानेर, बस्सी और तूंगा क्षेत्र में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों तथा पंचायत के चुनाव चार चरणों में होने हैं. चुनाव शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए प्रतिबंधात्मक कदम उठाए गए हैं.

4 अक्टूबर 2026 से निषेधाज्ञा
आचार संहिता समाप्त होने तक प्रभावी
BNSS धारा 163
पंचायत चुनाव 2026

किस चीज पर रहेगी रोक
निषेधाज्ञा के तहत सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लेकर चलने और उनके प्रदर्शन पर रोक रहेगी. रिवॉल्वर, पिस्टल, बंदूक, तलवार, भाला, चाकू और अन्य घातक हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया गया है. हालांकि चुनाव ड्यूटी में तैनात पुलिस, अर्द्धसैनिक बल, होमगार्ड और मतदान दल के कर्मचारियों को इससे छूट रहेगी. इसके अलावा बिना अनुमति जुलूस, सभा, धरना और भाषण आयोजित नहीं किए जा सकेंगे. लाउडस्पीकर या ध्वनि प्रसारण यंत्र के लिए संबंधित पुलिस उपायुक्त की पूर्व अनुमति जरूरी होगी. अनुमति मिलने पर भी सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही ध्वनि प्रसारण की अनुमति रहेगी.

चुनाव में इन पर रहेगी नजर
भड़काऊ भाषण
साम्प्रदायिक नारे
जातिगत द्वेष
सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार
सरकारी संपत्ति पर पोस्टर/नारे
बिना अनुमति चुनावी जुलूस

सोशल मीडिया को लेकर भी निर्देश
पुलिस ने सोशल मीडिया को लेकर भी साफ निर्देश दिए हैं. फेसबुक, X, व्हाट्सऐप और यूट्यूब समेत इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या विघटनकारी दुष्प्रचार करने पर कार्रवाई होगी. सार्वजनिक और सरकारी संपत्तियों पर पोस्टर, होर्डिंग, नारे या चुनावी प्रतीक लगाने पर भी रोक रहेगी.

धार्मिक स्थल नहीं बनेंगे चुनाव प्रचार का मंच
धार्मिक स्थलों को चुनाव प्रचार का मंच बनाने की भी इजाजत नहीं होगी. मंदिर, मस्जिद, गिरिजाघर, गुरुद्वारा या अन्य पूजा स्थलों का चुनाव प्रचार के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. मतदान केंद्र के आसपास भी पोस्टर, झंडे, चुनाव चिन्ह या प्रचार सामग्री के प्रदर्शन पर रोक रहेगी.

4 अक्टूबर से लागू हुआ आदेश
जयपुर पुलिस का यह आदेश 4 अक्टूबर 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आचार संहिता समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा. आदेश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी. यानी पंचायत चुनाव में शांतिपूर्ण मतदान के लिए जयपुर पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का पूरा खाका तैयार कर लिया है. अब चुनावी मैदान में प्रचार के साथ-साथ पुलिस की निगरानी भी और सख्त रहेगी.

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About the Author

जी राजस्थान में सीनियर कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत विष्णु प्रकाश शर्मा पत्रकारिता के क्षेत्र में विगत 30 वर्षों से सक्रिय हैं. जी मीडिया में वे BJP, तीसरा मोर्चा,  RSS सहित अन्य राजनीतिक विषय या गृह, वित्त और क्राइम से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से कवर करते हैं. बात चाहे बीजेपी संगठन में किसी भी हलचल की या फिर पार्टी के वीवीआईपी दौरों से लेकर कानून व्यवस्था से जुड़ी खबरों की, विष्णु शर्मा सक्रिय रूप से इन सभी की न्यूज कवर कर दर्शकों तक पहुंचाते हैं। राजनीतिक और गृह-पुलिस की खबरों पर भी गहरी पकड़ रखते हैं. राजनीति से जुड़ी हर छोटी बड़ी खबरों को भी दर्शकों तक पहुंचाते हैं.  विष्णु प्रकाश शर्मा जी मीडिया समूह से पहले दैनिक भास्कर में 10 साल, राजस्थान पत्रिका में 12 साल, फर्स्ट इंडिया न्यूज 7 महीने कार्य कर चुके हैं.
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