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Jaipur Nagar Nigam Councilors Age: जयपुर की नई शहरी सरकार में 21 साल का जोश भी है और 67 साल का अनुभव भी. कोई कॉलेज की उम्र में चुनावी मैदान जीतकर निगम पहुंचा है, तो कोई छह दशक से ज्यादा का जीवन अनुभव लेकर सदन में बैठने जा रहा है. 146 विजेताओं की उम्र का हिसाब लगाएं तो निगम की औसत उम्र 45 साल निकलती है. सबसे बड़ी ताकत 35 से 50 साल वालों की है-हर दूसरा पार्षद इसी उम्र का है. वहीं हर तीसरा पार्षद 50 पार है. सबसे युवा भाजपा की पलक यादव और कांग्रेस के फैज हसन महज 21 साल के हैं, जबकि 67 साल की निर्दलीय जमीला बेगम सबसे वरिष्ठ. यानी जयपुर की नई शहर सरकार में इस बार जेनरेशन गैप नहीं, जेनरेशन का संगम दिखाई देगा. सभी 146 विजेताओं की उम्र जोड़कर औसत निकालें तो जयपुर की नई शहर सरकार की औसत उम्र 45.3 साल बैठती है.
दो सबसे युवा पार्षदों की महज 21 साल उम्र
नगर निगम जयपुर के दो सबसे युवा पार्षद महज 21 साल के हैं. इनमें वार्ड-10 से भाजपा की पलक यादव और वार्ड-71 से कांग्रेस के फैज हसन हैं. यानी सबसे युवा चेहरे की बाजी में भाजपा और कांग्रेस बराबर हैं. इसके बाद 22 साल के भी दो विजेता हैं. वार्ड-72 से कांग्रेस की सुमन मरेठा और वार्ड-95 से कांग्रेस के मानवेन्द्र सिंह शेखावत जीते हैं. 29 साल की उम्र के वार्ड-115 से भाजपा के सूरज गोडीवाल और वार्ड-137 से कांग्रेस के सलमान मंसूरी पार्षद बने. वहीं 30 साल की उम्र में वार्ड-61 से कांग्रेस के सुरेश मीना और वार्ड-68 से भाजपा की मौसमी मीणा ने जीत दर्ज की.
निगम का AGE मीटर
वरिष्ठ चेहरों का पलड़ा भारी
नई शहर सरकार में युवाओं की एंट्री जरूर हुई है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि वरिष्ठ चेहरों का पलड़ा काफी भारी है. 35 साल से कम उम्र के 18 पार्षदों के मुकाबले 50 साल से ज्यादा उम्र के 47 पार्षद हैं. वहीं 35 से 50 साल के 81 पार्षद जोड़ दें तो 146 में से 128 पार्षद की उम्र 35 साल या उससे अधिक है. एक-एक उम्र के हिसाब से देखें तो 37 साल के सर्वाधिक 9 पार्षद चुनाव जीते हैं. इसके बाद 42 और 44 साल की उम्र के 8-8 विजेता हैं. इससे साफ है कि सदन में 35 से 50 साल वाली पीढ़ी संख्याबल के लिहाज से सबसे ताकतवर रहेगी. उम्र के दूसरे छोर पर वार्ड-136 से निर्दलीय जमीला बेगम हैं. 67 साल की जमीला घोषित 146 विजेताओं में सबसे वरिष्ठ हैं. उनके बाद वार्ड-118 से कांग्रेस की सुनीता मावर 66 साल की हैं. वही 65 साल के तीन पार्षद हैं वार्ड-17 से भाजपा के सुमेर सिंह, वार्ड-42 से अशोक रावतानी और वार्ड-43 से शैलेंद्र भार्गव है. 64 साल की उम्र में वार्ड-51 से कांग्रेस के मनमोहन गुर्जर और वार्ड-146 से निर्दलीय फिरोज जीते हैं.
बहरहाल,जयपुर की नई शहरी सरकार की तस्वीर साफ है. उम्र अलग-अलग, लेकिन जिम्मेदारी एक शहर की. 21 साल के युवा चेहरे नई सोच के साथ सदन में पहुंचेंगे तो 67 साल तक के पार्षद अपने अनुभव के साथ मौजूद रहेंगे. बीच में 35 से 50 साल की वो मजबूत ब्रिगेड है. जिसके पास निगम में सबसे बड़ा संख्याबल है. यानी अगले पांच साल जयपुर के सदन में सिर्फ सियासी दलों का मुकाबला नहीं होगा, युवा सोच और पुराने अनुभव की जुगलबंदी का इम्तिहान भी होगा.