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डेढ़ से दो करोड़ का ऑफर: निकाय चुनावों में खरीद-फरोख्त पर भड़के गहलोत, BJP पर लगाए गंभीर आरोप

Jaipur News: राजस्थान निकाय चुनाव के बाद अशोक गहलोत ने BJP पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि पार्षदों को डेढ़ से ढाई करोड़ रुपये तक के प्रलोभन दिए जा रहे हैं और पुलिस-सरकारी मशीनरी के जरिए दबाव बनाया जा रहा है. BJP ने आरोपों को निराधार बताया है.

डेढ़ से दो करोड़ का ऑफर: निकाय चुनावों में खरीद-फरोख्त पर भड़के गहलोत, BJP पर लगाए गंभीर आरोप
Image Credit: निकाय चुनाव के बाद नया सियासी संग्राम.

Jaipur News: राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर और चेयरमैन पदों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को जयपुर में प्रेस वार्ता कर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए. गहलोत ने दावा किया कि जिन निकायों में भाजपा को साफ बहुमत नहीं मिला, वहां बोर्ड बनाने के लिए धनबल और सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है.

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए डेढ़ करोड़, दो करोड़ और ढाई करोड़ रुपये तक का लालच दिया जा रहा है. ये गहलोत द्वारा लगाए गए आरोप हैं, जिन पर भाजपा की ओर से अलग प्रतिक्रिया सामने आई है.

19 जिलों में बोर्ड बनाने को लेकर खींचतान का दावा
गहलोत ने कहा कि प्रदेश के कई निकायों में भाजपा को साफ बहुमत नहीं मिला है. उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह क्षेत्र भरतपुर के अलावा अजमेर, अलवर, जोधपुर, पाली और झालावाड़ का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में निर्दलीय और विपक्षी पार्षदों की भूमिका अहम हो गई है.

गहलोत ने दावा किया कि भाजपा इन पार्षदों को अपने साथ लाने के लिए अलग-अलग स्तर पर दबाव बना रही है. उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक तंत्र के कथित इस्तेमाल का भी आरोप लगाया.

10,244 वार्डों के आंकड़े गिनाए
पूर्व मुख्यमंत्री ने निकाय चुनाव के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राजस्थान के कुल 10,244 वार्डों में भाजपा 6,065 वार्डों में चुनाव हार गई. साथ ही उन्होंने दावा किया कि 309 निकायों में से 223 में भाजपा को साफ बहुमत नहीं मिला.

गहलोत के मुताबिक, इन आंकड़ों के बाद भी जहां भाजपा बोर्ड बनाने की स्थिति में नहीं है, वहां निर्दलीय और अन्य दलों के पार्षदों के समर्थन से बहुमत जुटाने की कोशिश की जा रही है. स्वतंत्र रिपोर्टों में भी यह सामने आया है कि कई निकायों में बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण है.

जोधपुर के नतीजों और परिसीमन पर उठाए सवाल
गहलोत ने निकायों के परिसीमन को लेकर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने दावा किया कि जोधपुर में कांग्रेस को भाजपा से 14,282 वोट अधिक मिले, लेकिन दोनों दलों को 44-44 सीटें मिलीं. जोधपुर के अंतिम नतीजों में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच 44-44 सीटों की बराबरी दर्ज हुई थी.

उन्होंने जयपुर में भी कांग्रेस को अधिक वोट मिलने का दावा करते हुए परिसीमन की प्रक्रिया पर सवाल उठाया. गहलोत का आरोप है कि परिसीमन के कारण कुछ क्षेत्रों में सीटों का गणित इस तरह बदला कि उसका चुनावी परिणाम पर असर पड़ा.

धनबल को लेकर गहलोत ने जताई चिंता
गहलोत ने कहा कि यदि करोड़ों रुपये खर्च करके मेयर या चेयरमैन चुने जाएंगे तो ऐसे जनप्रतिनिधियों के सामने खर्च की गई रकम वापस हासिल करने का दबाव रहेगा. उनके मुताबिक, इसका असर शहरों के विकास और आम जनता के हितों पर पड़ सकता है.

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी दलों को समान अवसर मिलना चाहिए और पार्षदों को बिना दबाव अपने फैसले लेने की स्वतंत्रता होनी चाहिए.

भाजपा की ओर से आरोपों को बताया गया निराधार
गहलोत के आरोपों पर राजस्थान सरकार में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें निराधार बताया. उन्होंने गहलोत पर पलटवार करते हुए कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से जुड़े पुराने राजनीतिक विवादों का भी जिक्र किया. इस तरह निकाय चुनाव के बाद बोर्ड गठन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.

 

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About the Author

Ashutosh Sharma

Ashutosh Sharma

आशुतोष शर्मा वर्ष 2011 से मुख्यधारा की मीडिया में सक्रिय एक वरिष्ठ पत्रकार हैं. डेढ़ दशक से अधिक के अपने समृद्ध पत्रकारिता करियर में उन्होंने इंडिया न्यूज़,ज़ी न्यूज़ और न्यूज़ नेशन जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों के साथ काम किया है. वर्तमान में वे ज़ी राजस्थान न्यूज़ में सीनियर स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत हैं और राजधानी जयपुर से राज्य के महत्वपूर्ण विषयों को कवर कर रहे हैं.उनकी मुख्य विशेषज्ञता राजस्थान की राजनीति,प्रशासनिक फैसलों,चुनाव और जनहित के मुद्दों के साथ-साथ अपराध और कानून-व्यवस्था की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग में है. पुलिस मुख्यालय (PHQ), जयपुर पुलिस कमिश्नरेट और विभिन्न जांच एजेंसियों से जुड़े बड़े व चर्चित मामलों की एक्सक्लूसिव कवरेज उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है. ब्रेकअप न्यूज़,गहन राजनीतिक विश्लेषण और एक्सक्लूसिव क्राइम स्टोरीज़ के ज़रिए आशुतोष शर्मा ने राजस्थान मीडिया जगत में अपनी एक विश्वसनीय और प्रभावशाली पहचान बनाई है.
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