शहर की सरकार का पहला इम्तिहान, अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा और बीकानेर की सत्ता किसके हाथ? कल 11 घंटे EVM में कैद होगा जनादेश
Rajasthan News: राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण में अलवर, बीकानेर, भीलवाड़ा और भरतपुर नगर निगम समेत अजमेर की छह नगर पालिकाओं में मतदान होगा. खास बात यह है कि वोटर ID नहीं होने पर भी 11 वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक मूल दस्तावेज से वोट डाल सकेंगे.
Rajasthan Nikay Chunav: राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में अब मतदान की बारी आ गई है. पहले चरण में अलवर, बीकानेर, भीलवाड़ा और भरतपुर नगर निगम के साथ अजमेर जिले की छह नगर पालिकाओं में भी वोट डाले जाएंगे. इन शहरों में चुनावी मुकाबला कई मायनों में खास है. कहीं विकास और पानी बड़ा मुद्दा है तो कहीं सफाई, ट्रैफिक, उद्योग और पुराने शहर की समस्याएं वोटरों के सामने हैं. खास बात यह भी है कि अगर किसी मतदाता के पास वोटर ID कार्ड नहीं है, तो उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है. निर्वाचन विभाग ने पहचान के लिए 11 दूसरे फोटोयुक्त दस्तावेजों को भी मान्य किया है. यानी इनमें से कोई एक मूल दस्तावेज दिखाकर वोट डाला जा सकता है.
अलवर नगर निगम में 65 वार्ड, 2.66 लाख से ज्यादा मतदाता
एनसीआर का हिस्सा होने के कारण अलवर का नगर निगम चुनाव सिर्फ स्थानीय चुनाव नहीं माना जाता. यहां होने वाला चुनाव शहर के विकास के साथ-साथ बड़े राजनीतिक समीकरणों पर भी असर डाल सकता है. अलवर नगर निगम में कुल 65 वार्ड हैं. यहां कुल 2,66,405 मतदाता हैं, जिनमें 1,36,664 पुरुष, 1,29,723 महिलाएं और 18 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. अलवर में 9 सितंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा.
इस चुनाव में शहर की सड़कों, पानी की समस्या, सफाई, ट्रैफिक और आधारभूत सुविधाओं के साथ औद्योगिक विकास भी बड़ा मुद्दा है. एनसीआर में शामिल होने के कारण अलवर में यह सवाल भी अहम है कि आने वाले समय में शहर का विकास किस तरह की योजना के तहत होगा. मतदाता यह देखेंगे कि उम्मीदवार सिर्फ चुनावी वादे कर रहे हैं या उनके पास शहर की समस्याओं का कोई ठोस समाधान भी है.
बीकानेर में 80 वार्ड, 373 उम्मीदवार मैदान में
रियासती इतिहास और अपनी खास पहचान के लिए मशहूर बीकानेर में इस बार 80 वार्डों में चुनाव हो रहा है. यहां कुल 373 उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें भाजपा के 79, कांग्रेस के 78 और 216 अन्य उम्मीदवार शामिल हैं. बीकानेर में 9 सितंबर को मतदान होना है. 80 वार्डों में 373 उम्मीदवार होने से कई वार्डों में मुकाबला काफी दिलचस्प बन गया है.
बीकानेर के चुनाव में सबसे बड़ा सवाल पुराने शहर और नए शहर के बीच विकास का है. परकोटे के अंदर की संकरी गलियां, सफाई, सीवरेज, ट्रैफिक और पर्यटन से जुड़ी सुविधाएं यहां के बड़े मुद्दे हैं. वहीं शहर के बाहर तेजी से बढ़ते इलाकों में सड़क, पानी और दूसरी मूलभूत सुविधाओं की जरूरत है. ऐसे में यहां पार्टी के साथ-साथ स्थानीय उम्मीदवार की पकड़ भी काफी मायने रख सकती है.
भीलवाड़ा में 70 वार्ड और 2.96 लाख मतदाता
भीलवाड़ा को टेक्सटाइल सिटी के तौर पर जाना जाता है और इसी वजह से यहां का नगर निगम चुनाव भी काफी अहम है. शहर में कुल 70 वार्ड हैं और कुल 2,96,682 मतदाता हैं. इनमें 1,50,999 पुरुष और 1,45,675 महिला मतदाता हैं. इस चुनाव में कुल 277 उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें भाजपा के 70 और कांग्रेस के 53 उम्मीदवार हैं, जबकि 154 अन्य उम्मीदवार हैं.
भीलवाड़ा में उद्योग और रोजगार के साथ-साथ प्रदूषण, साफ पानी, सड़क, ट्रांसपोर्ट नगर और शहर की सफाई जैसे मुद्दे भी अहम हैं. यहां व्यापारी और मजदूर वर्ग की पसंद चुनावी नतीजे पर बड़ा असर डाल सकती है. खास बात यह है कि बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं, इसलिए कई वार्डों में मुकाबला सीधे भाजपा-कांग्रेस तक सीमित नहीं रहने वाला.
भरतपुर में 65 वार्ड, 2.09 लाख मतदाता
पूर्वी राजस्थान के बड़े शहर भरतपुर में नगर निगम के 65 वार्ड हैं. यहां करीब 2,09,625 मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे और मतदान के लिए 200 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. भरतपुर नगर निगम का मतदान भी 9 सितंबर को होगा.
भरतपुर में चुनावी मुद्दों की बात करें तो बारिश के दौरान जलभराव, नालियों और ड्रेनेज की समस्या, सुजान गंगा नहर का विकास और शहर की बुनियादी सुविधाएं प्रमुख हैं. इसके साथ ही ब्रज क्षेत्र से जुड़े पर्यटन और विकास के मुद्दे भी लोगों के लिए अहम हैं. यहां स्थानीय राजनीतिक समीकरण भी काफी मजबूत हैं, इसलिए उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़ और वार्ड का स्थानीय गणित नतीजों में बड़ा रोल निभा सकता है.
अजमेर जिले की छह नगर पालिकाओं में भी मतदान
पहले चरण में अजमेर जिले की केकड़ी, सांवर, पीसांगन, नसीराबाद, टांटोटी और सरवाड़ नगर पालिकाओं में भी मतदान होगा. यहां मतदान 9 सितंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा. निर्वाचन विभाग के अनुसार इन छह नगर पालिका क्षेत्रों में करीब 86 हजार मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे.
मतदान को देखते हुए इन छह स्थानों पर अवकाश भी रहेगा, ताकि लोग आसानी से मतदान केंद्र तक पहुंचकर वोट डाल सकें. शहरों की सरकार चुनने में स्थानीय मुद्दे यहां भी सबसे ज्यादा अहम रहेंगे.
वोटर ID कार्ड नहीं है तो भी डाल सकेंगे वोट
अब सबसे जरूरी बात वोटरों के लिए है. अगर आपके पास निर्वाचन फोटो पहचान पत्र यानी वोटर ID कार्ड नहीं है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप वोट नहीं डाल पाएंगे. पहचान साबित करने के लिए निर्वाचन विभाग ने 11 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेज भी मान्य किए हैं.
मतदाता को इनमें से कोई एक मूल दस्तावेज मतदान केंद्र पर दिखाना होगा. दस्तावेज की मूल कॉपी साथ रखना जरूरी है. सिर्फ फोटो या मोबाइल में रखी हुई कॉपी पर निर्भर रहने के बजाय मूल दस्तावेज लेकर जाना बेहतर रहेगा.
ये 11 दस्तावेज मतदान के लिए मान्य होंगे
1. आधार कार्ड: पहचान साबित करने के लिए आधार कार्ड दिखाया जा सकता है.
2. मनरेगा कार्ड: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानी मनरेगा का फोटोयुक्त कार्ड भी मान्य होगा.
3. बैंक या डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक: बैंक या पोस्ट ऑफिस की ऐसी पासबुक जिसमें फोटो लगी हो, उसे भी पहचान के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है.
4. ड्राइविंग लाइसेंस: वैध फोटोयुक्त ड्राइविंग लाइसेंस दिखाकर भी मतदान किया जा सकता है.
5. स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड/आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड: फोटोयुक्त स्वास्थ्य संबंधी मान्य कार्ड भी पहचान के लिए काम आएगा.
6. फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज: पेंशन से जुड़ा फोटोयुक्त दस्तावेज भी मान्य विकल्पों में शामिल है.
7. पैन कार्ड: फोटो वाला पैन कार्ड भी मतदान के समय पहचान के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.
8. भारतीय पासपोर्ट: जिन मतदाताओं के पास भारतीय पासपोर्ट है, वे इसे पहचान के तौर पर दिखा सकते हैं.
9. सरकारी या सार्वजनिक कंपनी का कर्मचारी पहचान पत्र: केंद्र या राज्य सरकार, लोक उपक्रम या पब्लिक लिमिटेड कंपनी की ओर से जारी फोटोयुक्त कर्मचारी सेवा पहचान पत्र भी मान्य होगा.
10. सांसद या विधायक का सरकारी पहचान पत्र: सांसद और विधानसभा सदस्यों को जारी सरकारी पहचान पत्र भी इस सूची में शामिल है.
11. UDID कार्ड: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से जारी UDID कार्ड भी पहचान के लिए मान्य रहेगा.
मतदान से पहले एक बात जरूर याद रखें
मतदान केंद्र पर जाते समय सबसे जरूरी है कि मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में जरूर जांच लें और मतदान केंद्र की जानकारी पहले से देख लें. वोटर ID कार्ड नहीं होने पर ऊपर दिए गए 11 दस्तावेजों में से कोई एक मूल दस्तावेज साथ रखें. यानी सिर्फ वोटर कार्ड नहीं होने की वजह से मतदान से वंचित होने की जरूरत नहीं है. पहले चरण के इन निकाय चुनावों में 9 सितंबर को वोट डालने का मौका है, इसलिए आखिरी समय की परेशानी से बचने के लिए दस्तावेज और मतदान केंद्र की जानकारी पहले ही तैयार रखना सबसे बेहतर रहेगा.
रोचक तथ्य
1 वोट से जीत (जोधपुर दक्षिण)
नगर निगम चुनाव का सबसे करीबी और रोमांचक मुकाबला जोधपुर दक्षिण के वार्ड नंबर 48 में देखने को मिला. यहां भाजपा प्रत्याशी निशा चौधरी ने अपने प्रतिद्वंद्वी को सिर्फ 1 वोट के अंतर से हराकर जीत दर्ज की थी.
2,500 से ज्यादा वोटों का बड़ा अंतर (जयपुर ग्रेटर)
जयपुर ग्रेटर नगर निगम के वार्ड नंबर 61 यानी मालवीय नगर क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी राखी राठौड़ ने बड़ी जीत दर्ज की थी. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को करीब 2,700 से ज्यादा वोटों के भारी अंतर से हराया था. यह निगम चुनाव की सबसे बड़ी जीतों में से एक रही थी.