मेहता vs सोलंकी... जोधपुर महापौर चुनाव में बढ़ा रोमांच, 51 वोटों पर पूरा खेल
Rajasthan News: जोधपुर महापौर चुनाव में भाजपा ने प्रसन्न चंद मेहता और कांग्रेस ने राजेंद्र सोलंकी को प्रत्याशी बनाया है. भाजपा 52 और कांग्रेस 48 पार्षदों के समर्थन का दावा कर रही है. बहुमत के लिए 51 वोट जरूरी हैं. अंतिम समय में निर्दलीयों और क्रॉस वोटिंग की भूमिका अहम हो सकती है.
Jodhpur News: नगर निगम जोधपुर के महापौर चुनाव को लेकर सियासी तस्वीर अब साफ हो गई है. भारतीय जनता पार्टी ने प्रसन्न चंद मेहता को महापौर पद का प्रत्याशी घोषित किया है, वहीं कांग्रेस ने राजेंद्र सोलंकी के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी है. कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र सोलंकी ने शनिवार को अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया. दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशी सामने आने के बाद अब महापौर चुनाव को लेकर जोड़-तोड़ और समर्थन जुटाने की कवायद तेज हो गई है.
नगर निगम के चुनावी गणित पर नजर डालें तो भाजपा के पास 45 निर्वाचित पार्षद हैं. इसके अलावा 7 निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा है. इस तरह भाजपा का आंकड़ा 52 तक पहुंचता है. दूसरी ओर कांग्रेस के पास 44 पार्षद हैं और 4 निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से उसका आंकड़ा 48 बताया जा रहा है. महापौर चुनाव में बहुमत के लिए 51 वोट जरूरी हैं. ऐसे में मौजूदा आंकड़ों में भाजपा बहुमत के आंकड़े से एक वोट ऊपर नजर आ रही है, लेकिन चुनावी समीकरणों में अंतिम समय तक बदलाव की संभावना बनी हुई है.
भाजपा प्रत्याशी मेहता ने नाम की घोषणा के बाद कहा कि पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है, उस पर खरा उतरने के लिए वे पूरी तरह संकल्पित हैं. उन्होंने कहा कि जोधपुर की जनता की सेवा और शहर की समस्याओं के समाधान के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं, सहयोगियों, जनता और मीडिया के साथ मिलकर काम किया जाएगा.
मेहता ने शहर की मूलभूत समस्याओं को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है. उन्होंने कहा कि स्वच्छ सड़कें और बेहतर सफाई व्यवस्था, पर्याप्त रोशनी तथा लोगों को समय पर पानी उपलब्ध कराना प्रमुख प्राथमिकताएं रहेंगी. उनका कहना है कि इन बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाएगा.
इधर कांग्रेस ने भी प्रत्याशी के नाम को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगा दिया है. कांग्रेस ने राजेंद्र सोलंकी को महापौर पद का उम्मीदवार बनाया है. नामांकन दाखिल करने से पहले सोलंकी ने पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि सभी की भावना है कि मिलकर कांग्रेस का नगर निगम बोर्ड बनाया जाए.
सोलंकी ने टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल करने वाले कांग्रेस से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी वापस पार्टी की मुख्यधारा में आने की अपील की. उन्होंने कहा कि पार्टी सभी कार्यकर्ताओं के साथ न्याय करने का प्रयास करती है, लेकिन टिकट एक ही व्यक्ति को दिया जा सकता है. जनता से जीतकर आए कई पार्षदों की पहचान कांग्रेस से जुड़ी रही है और उन्हें उम्मीद है कि वे कांग्रेस की विचारधारा के साथ वापस जुड़ेंगे.
भाजपा के बहुमत के दावे पर सोलंकी ने कहा कि भाजपा की ओर से किए जा रहे दावे सही नहीं हैं. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस विचारधारा से जुड़े कई नाराज साथी उनके साथ खड़े हैं और आने वाले दिनों में कई पार्षद वापस कांग्रेस की मुख्यधारा में आ सकते हैं. उन्होंने कहा कि 25 सितंबर तक महापौर चुनाव की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी.
अब दोनों दलों की नजरें पार्षदों के समर्थन पर हैं. एक तरफ भाजपा अपने 52 के आंकड़े को मजबूत करने में जुटी है, तो कांग्रेस 48 के मौजूदा आंकड़े से आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है. ऐसे में क्रॉस वोटिंग, निर्दलीय पार्षदों की भूमिका और अंतिम समय के राजनीतिक समीकरण महापौर चुनाव में महत्वपूर्ण हो सकते हैं.