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Hanumangarh News: हनुमानगढ़ नगरपरिषद सभापति के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी मंजू रिणवा ने धमाकेदार जीत दर्ज की है. 60 पार्षदों के मतदान में मंजू रिणवा को 35 वोट मिले और उन्होंने भाजपा की विनीता बत्तरा को 19 वोटों के अंतर से मात दी. विनीता बत्तरा को 16, जबकि कांग्रेस की सुशीला खीचड़ को 9 वोट मिले.
जीत के बाद समर्थकों ने मनाया जश्न
मंजू रिणवा की जीत के साथ ही नगरपरिषद परिसर और समर्थकों के बीच जश्न का माहौल बन गया. जीत के बाद समर्थकों ने मंजू रिणवा को रंग-गुलाल लगाया और जमकर खुशी मनाई. समर्थकों में अपनी नई सभापति को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला.
कांग्रेस के एक पार्षद ने की क्रॉस वोटिंग
चुनाव परिणाम में एक अहम बात यह रही कि कांग्रेस के 10 पार्षदों में से एक पार्षद ने क्रॉस वोटिंग की. कांग्रेस प्रत्याशी सुशीला खीचड़ को 9 वोट मिलने के बाद यह स्थिति सामने आई. वहीं निर्दलीय मंजू रिणवा के खाते में 35 वोट आए और उन्होंने स्पष्ट बहुमत के साथ सभापति पद पर कब्जा जमाया.
सुमित रिणवा ने शहरवासियों और पार्षदों का जताया आभार
मंजू रिणवा के जीतने के बाद उनके पति एवं पूर्व सभापति सुमित रिणवा ने शहरवासियों और पार्षदों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि शहरवासियों ने उनकी धर्मपत्नी को इतना प्यार और स्नेह दिया है और सभी वार्ड पार्षदों ने उन्हें सभापति की कमान सौंपी है. उन्होंने कहा कि मंजू रिणवा इस जिम्मेदारी पर खरा उतरेंगी.
पानी निकासी की समस्या दूर करने की बात
सुमित रिणवा ने कहा कि शहर में पिछले दिनों पानी निकासी को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. उन्होंने कहा कि जल्द ही एसटीपी बनाया जाएगा और पानी निकासी की समस्या से शहरवासियों को निजात दिलाने के लिए काम किया जाएगा.
पूर्व मंत्री रामप्रताप और उनके बेटे पर निशाना
जीत के बाद अपने बयान में सुमित रिणवा ने पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप और उनके पुत्र पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया. सुमित रिणवा के अनुसार, लोगों के घरों पर छापे मारे गए, जीएसटी की रेड डलवाई गई, किसी के पैलेस की जांच करवाई गई और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया. उन्होंने कहा कि अगर सरकार लोकतंत्र की हत्या करना चाहती है तो फिर चुनाव क्यों होंगे? उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में फिर राजतंत्र और प्रजातंत्र की जरूरत ही क्या रह जाएगी.
हाईकोर्ट के आदेशों के लिए जताया धन्यवाद
सुमित रिणवा ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान उच्च न्यायालय की ओर से मिले आदेशों के लिए भी धन्यवाद जताया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र बचाने के लिए रविवार को चीफ जस्टिस के आदेश पर कार्यालय खोला गया. उन्होंने कहा कि उनकी धर्मपत्नी के संबंध में निष्पक्ष तरीके से चुनाव करवाने और मतदान से नहीं रोकने के आदेश दिए गए. सुमित रिणवा ने कहा कि उन्हें आशंका थी कि उनकी धर्मपत्नी को मतदान करने से रोका जा सकता है. उन्होंने गिरफ्तारी पर मिले स्टे का भी उल्लेख किया.
हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से निष्पक्ष मतदान का दावा
सुमित रिणवा ने कहा कि उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से निष्पक्ष तरीके से मतदान हुआ और लोकतंत्र की गरिमा बनी रही. इसके लिए उन्होंने उच्च न्यायालय का आभार जताया.