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बाल-बाल बची 32 बच्चों की जान: उदयपुर के भींडर में भरभराकर गिरी क्लासरूम की छत, 3 मासूम घायल

Rajasthan News: उदयपुर के भींडर में सरकारी स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने से 3 बच्चे घायल हो गए. घटना के समय क्लास में 32 बच्चे थे. जर्जर भवन को देखते हुए स्कूल बंद कर दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है.

Written By SAGAR CHAUDHARY
Published: Oct 06, 2026, 03:45 PM IST | Updated: Oct 06, 2026, 03:56 PM IST
Image Credit: Udaipur Govt School Roof Collapsed (Zee Media)
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Udaipur News: उदयपुर के भींडर क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक सरकारी स्कूल में बड़ा हादसा होते-होते टल गया. वाणियातलाई ग्राम पंचायत के नारदा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में करीब 11 बजे क्लास चल रही थी. इसी दौरान अचानक कमरे की छत का प्लास्टर भरभराकर नीचे गिर गया. उस समय कमरे में 32 बच्चे पढ़ रहे थे. मलबे की चपेट में आने से 3 बच्चों के सिर में गंभीर चोट लगी, जबकि 2 बच्चों को मामूली चोट आई. घायल बच्चों को तुरंत भींडर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया.

अचानक तेज आवाज के साथ गिरा प्लास्टर
जानकारी के मुताबिक, घटना के समय कमरे में अलग-अलग कक्षाओं के बच्चे पढ़ाई कर रहे थे. बच्चे अपनी पढ़ाई में लगे हुए थे, तभी अचानक छत से तेज आवाज के साथ प्लास्टर नीचे आ गिरा. इसके बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई. बच्चों और शिक्षकों ने तुरंत घायल बच्चों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया.

तीन बच्चों के सिर में लगी चोट
स्कूल के हेडमास्टर लालसिंह शक्तावत के मुताबिक, पहली कक्षा की छात्रा कृष्णा कुमारी, कार्तिक और पांचवीं कक्षा के छात्र गणेशलाल के सिर में चोट आई है. तीनों बच्चों को भींडर सरकारी अस्पताल में इलाज और पट्टी कराने के बाद घर भेज दिया गया. दो अन्य बच्चों को भी मामूली चोटें आई हैं.

स्कूल में 37 बच्चे, भवन 2001 में बना था
हेडमास्टर ने बताया कि नारदा का यह स्कूल पांचवीं कक्षा तक है और यहां कुल 37 बच्चे पढ़ते हैं. स्कूल का भवन साल 2001 में बनाया गया था. उनके मुताबिक, भवन की खराब हालत के बारे में पहले ही शिक्षा विभाग को जानकारी दी जा चुकी थी. उन्होंने आशंका जताई कि निर्माण की गुणवत्ता ठीक नहीं होने के कारण भवन कम समय में ही जर्जर हालत में पहुंच गया.

एहतियात के तौर पर स्कूल भवन बंद
घटना के बाद शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के निर्देश पर स्कूल भवन को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है. अब स्कूल को माताजी के चबूतरे के पास दूसरी जगह शिफ्ट करके चलाया जाएगा. घटना की जानकारी मिलने के बाद सीबीईओ भींडर राजेंद्र कुमार चौबीसा भी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली.

ग्रामीणों में नाराजगी, पहले भी दी गई थी सूचना
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और बच्चों के अभिभावकों में नाराजगी है. ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की बिल्डिंग काफी समय से जर्जर हालत में है. स्कूल में दो कमरे और एक बरामदा है और ग्रामीणों के मुताबिक सभी की हालत खराब है. उनका आरोप है कि कई बार शिक्षा विभाग और प्रशासन को इसकी जानकारी देने के बावजूद समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

झालावाड़ स्कूल हादसे की आई याद
गनीमत रही कि सिर्फ छत का प्लास्टर गिरा और पूरी छत नहीं ढही. अगर ऐसा होता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी. ग्रामीणों ने झालावाड़ के पिपलोदी सरकारी स्कूल में हुए हादसे का भी जिक्र किया. 25 जुलाई 2025 को मनोहरथाना ब्लॉक के पिपलोदी स्कूल की बिल्डिंग का हिस्सा गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी और कई बच्चे घायल हुए थे. उस समय क्लास में बैठे 35 बच्चे मलबे में दब गए थे. ऐसे में नारदा स्कूल की घटना ने एक बार फिर जर्जर सरकारी स्कूल भवनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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About the Author

सागर चौधरी, अप्रैल 2024 से वे ज़ी न्यूज़ संस्थान का हिस्सा हैं और अपनी मेहनत व काम करने की क्षमता से लगातार टीम में योगदान दे रहे हैं.सागर चौधरी का संबंध हरियाणा के फरीदाबाद से है, जहां उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की और मीडिया क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की.
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