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घड़साना में बड़ा किसान आंदोलन: 21वें दिन जन आक्रोश महासभा, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचे किसान

Rajasthan News: श्रीगंगानगर के घड़साना में सिंचाई पानी सहित 4 मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन 21वें दिन भी जारी रहा. एसडीएम कार्यालय के बाहर जन आक्रोश महासभा हुई. किसान पर्याप्त पानी और फसल नुकसान के मुआवजे की मांग पर अड़े हैं.

Written By SAGAR CHAUDHARY
Published: Sep 30, 2026, 06:35 PM IST | Updated: Sep 30, 2026, 06:37 PM IST
Image Credit: Sri Ganganagar Ghadsana Farmers Protest
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Sri Ganganagar News: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले की नई मंडी घड़साना में सिंचाई पानी सहित अलग-अलग मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन बुधवार को 21वें दिन भी जारी रहा. खेत बचाओ किसान बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसान 10 सितंबर से एसडीएम कार्यालय के बाहर महापड़ाव डाले हुए हैं. प्रशासन के साथ शुरुआती दौर में हुई बातचीत के बावजूद मांगों पर ठोस सहमति नहीं बनने से आंदोलन लगातार आगे बढ़ता गया.

धरना, प्रदर्शन और चक्का जाम
आंदोलन के दौरान किसानों ने धरना देने के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से प्रदर्शन, बाजार बंद, चक्का जाम और पंचायत समिति का घेराव किया. आंदोलन के 15वें दिन किसानों ने एनएच-911 पर चक्का जाम किया था. इसी दौरान पंचायत चुनाव की आरक्षण लॉटरी प्रक्रिया भी रुकवाई गई. किसानों का कहना है कि सिंचाई पानी की समस्या का स्थायी समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा.

किसानों की चार प्रमुख मांगें
किसानों की चार मुख्य मांगें हैं. इनमें अनूपगढ़ शाखा के लिए पानी का कोटा आरक्षित करना, चार में से दो समूह के आधार पर छह महीने का रेगुलेशन लागू करना, खराब हुई खरीफ फसलों की विशेष गिरदावरी करवाना और प्रभावित किसानों को फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा दिलाना शामिल है.

अधिकारी का तबादला, फिर भी आंदोलन जारी
आंदोलन के दौरान किसानों ने सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता प्रदीप रस्तोगी को हटाने की मांग भी उठाई थी. सरकार ने बाद में रस्तोगी का स्थानांतरण कर दिया, लेकिन इसके बावजूद किसानों ने आंदोलन खत्म नहीं किया. किसान नेताओं का कहना है कि अधिकारी का तबादला उनकी मांगों में से केवल एक मुद्दे का आंशिक समाधान है. सिंचाई पानी सहित बाकी प्रमुख मांगों पर अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है.

21वें दिन जन आक्रोश महासभा
बुधवार को आंदोलन के 21वें दिन एसडीएम कार्यालय के बाहर जन आक्रोश महासभा का आयोजन किया गया. इससे पहले सुबह धरना स्थल पर किसानों ने श्री हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया. इसके बाद बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ महासभा में पहुंचे.

भारी भीड़ के चलते सुरक्षा बढ़ाई
महासभा में किसानों की बड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी. एसडीएम कार्यालय के आसपास बैरिकेडिंग की गई और पुलिस का अतिरिक्त जत्था तैनात किया गया. प्रशासन की ओर से भी पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी गई.

पानी की मांग पर अड़े किसान
किसान नेताओं ने साफ किया कि मांगों पर स्पष्ट और ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा. इलाके के किसान इंदिरा गांधी नहर परियोजना की अनूपगढ़ शाखा से पर्याप्त और नियमित सिंचाई पानी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि पानी की कमी से खरीफ फसलों को पहले ही नुकसान हो चुका है और अब रबी सीजन की बिजाई पर भी असर पड़ने का खतरा बना हुआ है.

अब किसानों और प्रशासन के बीच समाधान को लेकर होने वाली अगली वार्ता पर सभी की नजरें टिकी हैं. किसानों का रुख है कि मुख्य मांगों पर फैसला होने के बाद ही आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी.

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सागर चौधरी, अप्रैल 2024 से वे ज़ी न्यूज़ संस्थान का हिस्सा हैं और अपनी मेहनत व काम करने की क्षमता से लगातार टीम में योगदान दे रहे हैं.सागर चौधरी का संबंध हरियाणा के फरीदाबाद से है, जहां उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की और मीडिया क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की.
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