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Banswara News: बांसवाड़ा के नवनिर्वाचित उपसभापति चंकी शाह का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उनके बयान को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है. वीडियो में शाह कहते सुनाई दे रहे हैं- “केंद्र और राज्य में बीजेपी की सरकार है, देने वाला खुलकर दे रहा है. जितना लूट सको लूट लो.” उनका यह बयान सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे लेकर बीजेपी पर निशाना साधना शुरू कर दिया है. हालांकि, बाद में चंकी शाह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से प्रचारित किया गया है. उन्होंने कहा कि उनका मतलब सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा जनता तक पहुंचाने से था.
उपसभापति बनने के बाद दिया था बयान
उपसभापति बनने के बाद चंकी शाह ने अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर खुशी जताई थी. उन्होंने कहा था कि एक छोटे से कार्यकर्ता को यह उपलब्धि मिलना उनके लिए बड़ी बात है और शहर की जनता की सेवा करने का मौका मिलना सम्मान की बात है.
उन्होंने कहा था कि वह अपनी पूरी क्षमता के साथ व्यवस्था को बेहतर करने की कोशिश करेंगे. उनका लक्ष्य बांसवाड़ा को सुखी, समृद्ध और सुंदर बनाना है. शाह ने यह भी कहा था कि उनकी प्राथमिकता सबसे पहले शहर की सफाई व्यवस्था होगी और आने वाले दो महीनों में इसका असर दिखाई देने लगेगा.
सड़क और विकास के काम पूरे करने की बात
चंकी शाह ने कहा था कि नगर अध्यक्ष ने सड़कों को लेकर जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करने की कोशिश की जाएगी. इसी दौरान उन्होंने केंद्र और राजस्थान में बीजेपी की सरकार होने का जिक्र किया. इसी बयान में उन्होंने कहा था- “केंद्र में भी बीजेपी की सरकार, राज्य में भी बीजेपी की सरकार और बांसवाड़ा में भी बीजेपी की सरकार है. कोई चिंता की बात नहीं है, देने वाला खुलकर दे रहा है, जितना लूट सको उतना लूटो.” इसी लाइन को लेकर अब राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है और कांग्रेस इसे बीजेपी पर निशाना साधने के लिए इस्तेमाल कर रही है.
चंकी शाह ने अब दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद चंकी शाह ने अपने बयान को लेकर सफाई दी. उन्होंने कहा कि देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और बांसवाड़ा में बीजेपी का बोर्ड है. उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रचारित और प्रसारित किया गया है.
शाह ने बताया कि उनके कहने का मतलब यह था कि बीजेपी की सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर शहर के हर वार्ड तक पहुंचेगी. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ आम जनता को मिले, यही उनकी बात का उद्देश्य था.
बोले- जनता मांगेगी, हम देते नहीं थकेंगे
चंकी शाह ने अपनी सफाई में कहा कि उनकी बात का आशय था कि नगर की जनता उनसे जो मांगेगी, उसे देने में वे पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने कहा कि वह “दिल खोलकर लुटा रहे हैं” वाली बात कह रहे थे, न कि किसी चीज को “लूटने” की बात. उनकी सफाई के बाद भी उनके पुराने बयान को लेकर सियासी चर्चा जारी है. खास तौर पर “जितना लूट सको उतना लूटो” वाली टिप्पणी सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है.