)
Jaipur News: जयपुर के बड़ी चौपड़ स्थित पुरोहितजी के कटले में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं. देर रात तक सेठी कॉम्प्लेक्स की कॉस्मेटिक सामान की दुकान में चिंगारी उठती रही. शुक्रवार सुबह दुकानदार अपनी दुकानों में बचे सामान को निकालकर बचाने की कोशिश में जुटे नजर आए. आग के बाद से सेठी कॉम्प्लेक्स की करीब 250 दुकानें बंद हैं. व्यापारी अब मलबा हटने और दुकानें दोबारा खुलने का इंतजार कर रहे हैं. मामले की जांच के लिए FSL की टीम भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाएगी.
राख हुए सामान को बचाने में जुटे व्यापारी
आग से प्रभावित दुकानों के व्यापारी शुक्रवार सुबह मौके पर पहुंचे. दुकान के अंदर और बाहर मलबा फैला हुआ था. दुकानदार राख और मलबे के बीच अपने बचे हुए सामान को तलाशते नजर आए. व्यापारियों का कहना है कि इस आग में करीब 15 से 20 करोड़ रुपए का सामान जलकर राख हो गया. अब उनकी नजर इस बात पर है कि मलबा कब हटेगा और दुकानें कब खोली जा सकेंगी.
FSL टीम जुटाएगी साक्ष्य
अग्निकांड की जांच के लिए FSL की टीम मौके पर पहुंचेगी. टीम आग लगने की वजह और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाएगी. दूसरी ओर, आग के बाद से सेठी कॉम्प्लेक्स की करीब ढाई सौ दुकानें बंद हैं. व्यापारियों को उम्मीद है कि जांच और मलबा हटाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही बाजार को दोबारा शुरू किया जा सकेगा.
पुरोहितजी के कटले पहुंचे अशोक गहलोत
अग्निकांड की जानकारी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी पुरोहितजी के कटले पहुंचे. उन्होंने मौके का जायजा लिया और व्यापारियों से बातचीत की. इस दौरान व्यापारियों ने आग से हुए नुकसान की जानकारी दी. दुकानदारों ने बताया कि बड़ी मात्रा में सामान जलने से उन्हें करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है.
गुरुवार सुबह लगी थी भीषण आग
गुरुवार सुबह पुरोहितजी के कटले के सेठी कॉम्प्लेक्स की दूसरी मंजिल पर चूड़ियों के गोदाम में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी. इसके बाद आग करीब 20 दुकानों तक फैल गई थी. कपड़े, चूड़ियां, रेडीमेड और कॉस्मेटिक सामान होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई थी. तंग गलियों की वजह से दमकल की गाड़ियां अंदर तक नहीं पहुंच पाई थीं. मुख्य सड़क से पाइप अंदर ले जाकर 20 से ज्यादा दमकल गाड़ियों और करीब 50 कर्मचारियों ने लगभग 7 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था.
बंद दुकानें होने से टली थी बड़ी जनहानि
आग सुबह दुकानें खुलने से पहले लगी थी, इसलिए मौके पर लोगों की मौजूदगी कम थी और बड़ी जनहानि टल गई थी. आग के दौरान इलाके की बिजली भी बंद कर दी गई थी. बिल्डिंग में रखे पांच कॉमर्शियल LPG सिलेंडरों को भी फायरकर्मियों ने समय रहते बाहर निकाल लिया था. घटना के बाद स्थानीय नेताओं ने फायर सिस्टम और दूसरी व्यवस्थाओं की जांच की मांग की थी.