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Alwar Nikay Chunav: बीजेपी की सुमनलता अग्रवाल अलवर नगर निगम की पहली मेयर चुनी गई हैं. उनके पक्ष में 42 वोट पड़े, जिसके साथ नगर निगम में बीजेपी का बोर्ड बन गया. बीजेपी को 13 निर्दलीय पार्षदों और एक बीएसपी पार्षद का समर्थन मिला. वहीं, कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी कमलेश शर्मा को 23 वोट ही मिल सके.
जीत के बाद बेटी को गले लगाकर रो पड़ीं सुमनलता
मेयर चुने जाने के बाद सुमनलता अग्रवाल भावुक हो गईं. उन्होंने अपनी बेटी को गले लगाया और रोने लगीं. दूसरी ओर, जीत की खबर मिलते ही उनके समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया. समर्थकों में काफी उत्साह नजर आया.
अलवर के विकास को बताया पहली प्राथमिकता
सुमनलता अग्रवाल ने भास्कर से बातचीत में कहा कि पार्टी के पदाधिकारियों ने चुनाव में काफी सहयोग किया. सभी लोगों ने साथ दिया और इस बार किसी तरह का डर नहीं था. उन्होंने कहा कि अलवर का विकास उनकी प्राथमिकता रहेगा. शहर को कचरा मुक्त बनाना, बिजली व्यवस्था सुधारना और नालियों की सफाई जैसे कामों पर खास ध्यान दिया जाएगा.
BJP के 28, कांग्रेस के 23 पार्षद
अलवर नगर निगम में बीजेपी के 28 और कांग्रेस के 23 पार्षद हैं. ऐसे में मेयर चुनाव में दोनों ही पार्टियों की नजर निर्दलीय पार्षदों पर टिकी हुई थी. बोर्ड बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 33 पार्षद था. इसलिए दोनों पार्टियों के लिए निर्दलीयों का समर्थन बेहद जरूरी था. आखिरकार निर्दलीयों और एक अन्य पार्षद के समर्थन से बीजेपी बहुमत तक पहुंच गई.
निर्दलीयों के समर्थन के बिना मुश्किल था बोर्ड बनाना
अलवर नगर निगम में कुल 65 वार्ड हैं और इतने ही पार्षद चुने गए हैं. इनमें बीजेपी के 28, कांग्रेस के 23 और 13 निर्दलीय पार्षद हैं. एक पार्षद बीएसपी से जीता है. बहुमत के लिए 33 पार्षदों की जरूरत थी. इस हिसाब से बीजेपी को कम से कम 5 निर्दलीयों का समर्थन चाहिए था, जबकि कांग्रेस को 10 निर्दलीयों का साथ जरूरी था.
दोनों पार्टियां बहुमत जुटाने का कर रही थीं दावा
बीजेपी की ओर से दावा किया जा रहा था कि उसके साथ कुल 40 पार्षद हैं. कांग्रेस भी बहुमत के लिए जरूरी संख्या जुटाने का दावा कर रही थी. चुनाव से पहले अलवर के पार्षद करीब 11 दिनों से बाड़ेबंदी में थे. ऐसे में मेयर चुनाव के नतीजे पर सभी की नजरें थीं.
वन मंत्री संजय शर्मा ने पहले ही किया था दावा
वन मंत्री संजय शर्मा ने नतीजे आने से पहले ही बीजेपी की जीत का दावा किया था. उन्होंने कहा था कि सुमनलता अग्रवाल अलवर नगर निगम की मेयर बनने जा रही हैं. उनके मुताबिक बीजेपी के पास उस समय 40 पार्षदों का समर्थन था. इनमें 28 पार्षद बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीते थे, जबकि 12 निर्दलीय पार्षद बीजेपी के साथ थे.
22 सितंबर को होगा डिप्टी मेयर का चुनाव
नगर निकाय के उपाध्यक्ष यानी डिप्टी मेयर पद के चुनाव की पूरी प्रक्रिया 22 सितंबर को होगी. इस दिन सुबह 10 बजे से 11 बजे तक नामांकन फॉर्म भरे और जमा किए जाएंगे. इसके बाद सुबह 11:30 बजे से नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी.