महाराष्ट्र के नेता, राजस्थान में वोट ! जानिए कैसे 'राजभवन' बन जाता है राज्यपाल का लोकल एड्रेस ?
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के लिए वोटिंग के दौरान मूलरूप से महाराष्ट्र के रहने वाले और वर्तमान में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने भी वोटिंग की. अगर आपके जहन में सवाल है कि ऐसा कैसे हो सकता है, क्योंकि राज्यपाल तो राजस्थान के मूल निवासी है नहीं तो जवाब हम बताते हैं.
Rajasthan Nagar Nikay Chunav : राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जयपुर के केशवनगर सामुदायिक भवन स्थित मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला. राज्यपाल मूलत महाराष्ट्र के रहने वाले हैं. ऐसे में सवाल ये कि राजस्थान के लोकल इलेक्शन में राज्यपाल ने वोट कैसे डाल दिया ? क्या ये कोई विशेष वीआईपी (VIP) अधिकार है या इसके पीछे कोई ठोस कानूनी नियम है ?
सरकारी नियम क्या कहता है ?
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के मुताबिक, किसी भी विधानसभा या स्थानीय क्षेत्र में वोटर बनने के लिए आपका वहां का 'सामान्य निवासी' होना सबसे बड़ी शर्त है, वहीं 'रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1950' (RPA) वो दिलचस्प और प्रामाणिक नियम, जो किसी भी राज्य के राज्यपाल को उनके तैनाती वाले शहर का 'सामान्य निवासी' बनाकर वोटिंग का अधिकार देता है.
सामान्य निवासी का गणित क्या है ?
कानून स्पष्ट करता है कि "सामान्य निवास" का अर्थ है वो जगह जहां व्यक्ति वास्तव में और नियमित रूप से रह रहा हो. जब कोई व्यक्ति किसी उच्च संवैधानिक पद (जैसे राज्यपाल) पर नियुक्त होता है, तो उन्हें अपने मूल राज्य को छोड़कर दूसरे राज्य में रहना पड़ता है. ऐसे में उनका आधिकारिक और वास्तविक निवास 'राजभवन' बन जाता है.
वोटर ट्रांसफर की प्रक्रिया
RPA 1950 के प्रावधानों के तहत, राज्यपाल अपने आधिकारिक निवास यानी राजभवन के पते पर अपना नाम स्थानीय वोटर लिस्ट में जुड़वा सकते हैं. इसके लिए एकमात्र शर्त ये है कि उन्हें अपने गृह राज्य की वोटर लिस्ट से अपना नाम कटवाना होता है, क्योंकि कोई भी नागरिक एक ही समय में दो जगहों का वोटर नहीं हो सकता.
यही वजह है कि जब राज्यपाल अपने कर्तव्यों के तहत राजभवन में लंबे समय तक रहते है तो निर्वाचन आयोग की विधिवत प्रक्रिया का पालन करते हुए, उन्हें उस इलाके का वोटर मान लिया जाता है और वे आम नागरिक की तरह वोट कर पाते हैं.
आज जब वोटिंग के लिए राज्यपाल हरिभाऊ बागडे आए तो उन्होने कहा कि सभी लोगों को अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए. राजस्थान में कम बारिश को लेकर राज्यपाल ने चिंता जताई और कहा कि हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि जब गणेश चतुर्थी आएगी. गणपति बप्पा की स्थापना के अगले 10 दिन में अच्छी बारिश जरूर होगी.