राजस्थान में अधिस्वीकृत पत्रकारों के लिए आवास पाने का रास्ता खुल गया है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में पत्रकार आवास योजना की शुरुआत करते हुए फ्लैट की कीमतों में बड़ी छूट देने का ऐलान किया. इस योजना के तहत पत्रकारों को 3 बीएचके फ्लैट पर 15 लाख रुपये और 2 बीएचके फ्लैट पर 12 लाख रुपये की राहत मिलेगी. राजस्थान आवासन मंडल ने योजना के पहले चरण में 72 फ्लैट के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.
जयपुर के जगतपुरा में बनेंगे 180 फ्लैट
राजस्थान आवासन मंडल की ओर से जयपुर के जगतपुरा स्थित इंदिरा गांधी नगर में पत्रकार आवास योजना प्रस्तावित की गई है. इस योजना में बेसमेंट, स्टिल्ट और नौ मंजिलों वाली इमारत में कुल 180 फ्लैट बनाए जाएंगे. यह योजना अधिस्वीकृत पत्रकारों के लिए तैयार की गई है.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित कार्यक्रम में रिमोट का बटन दबाकर योजना का शुभारंभ किया. इस अवसर पर उन्होंने और अन्य अतिथियों ने योजना की आवेदन पुस्तिका का विमोचन भी किया. कार्यक्रम में नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा, सांसद मंजू शर्मा, महापौर सुनील कोठारी और नगरीय विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता सहित आवासन मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
3 बीएचके फ्लैट पर 15 लाख की छूट
योजना की शुरुआत के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को फ्लैट की कीमतों में विशेष छूट देने की घोषणा की. इसके तहत 3 बीएचके फ्लैट खरीदने वाले पात्र पत्रकारों को 15 लाख रुपये और 2 बीएचके फ्लैट के लिए 12 लाख रुपये की छूट दी जाएगी.
आवासन मंडल ने पहले चरण में 72 फ्लैट के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए हैं. ये सभी मकान 3 बीएचके श्रेणी के हैं. इनके लिए 16 नवंबर 2026 को शाम 6 बजे तक आवेदन किया जा सकेगा. बाकी 108 फ्लैट 2 बीएचके श्रेणी के होंगे. इनके लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू करने की तैयारी है.
मंत्री बोले, पिछली सरकार में आगे नहीं बढ़ी योजना
कार्यक्रम में नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि पिछली सरकार के समय पत्रकारों के लिए आवास योजना की घोषणा तो हुई, लेकिन इसे जमीन पर नहीं उतारा गया. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस मामले में जल्द कार्रवाई कर योजना को लागू करने के निर्देश दिए थे.
मुख्यमंत्री ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में सरकार के पिछले पौने तीन साल के कार्यकाल में किए गए कार्यों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में पानी से जुड़े 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत के प्रोजेक्ट चल रहे हैं. बिजली के क्षेत्र में भी राजस्थान आत्मनिर्भर बन गया है.
उन्होंने युवाओं को सरकारी नौकरी देने के वादे का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने चार लाख नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है और इससे अधिक युवाओं को रोजगार दिया जाएगा.
पानी के मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं पर निशाना
मुख्यमंत्री ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के घोषणा पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें राजस्थान को पानी देने में कटौती की बात कही गई थी. उन्होंने कहा कि इस घोषणा पत्र को जारी करने वालों में राजस्थान के कांग्रेस नेता भी शामिल थे और उनसे इस संबंध में सवाल पूछे जाने चाहिए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि देश में पानी को लेकर दस अंतरराज्यीय समझौते हुए हैं, जिनमें से चार राजस्थान से जुड़े हैं.