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8 साल तक पुलिस को चकमा देते रहे पति-पत्नी: एक गलती पड़ी भारी, ऐसे पहुंचे सलाखों के पीछे

Rajasthan News: जयपुर के बहुचर्चित राजलक्ष्मी बैंक लोन घोटाले में पुलिस ने 8 साल से फरार चल रहे पति-पत्नी प्रकाश भारद्वाज और निशा को गिरफ्तार किया है. दोनों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम था. मामले में फर्जी दस्तावेजों से 13 लोन खाते स्वीकृत कर करोड़ों रुपए हड़पने का आरोप है.

8 साल तक पुलिस को चकमा देते रहे पति-पत्नी: एक गलती पड़ी भारी, ऐसे पहुंचे सलाखों के पीछे
Image Credit: Rajlaxmi Bank Loan Scam Accused Couple Arrested (Zee Media)

Jaipur News: जयपुर में राजलक्ष्मी बैंक के बहुचर्चित लोन घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपए का लोन लेने के मामले में 8 साल से फरार चल रहे पति-पत्नी को गिरफ्तार किया गया है. दोनों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित था. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों लगातार ठिकाने बदल रहे थे, लेकिन तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र ने आखिरकार दोनों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया.

राजलक्ष्मी महिला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक से जुड़ा कथित लोन घोटाला
राजलक्ष्मी महिला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक से जुड़े करोड़ों के कथित लोन घोटाले में  वांटेड प्रकाश भारद्वाज और उसकी पत्नी निशा  को पुलिस ने प्रताप नगर सांगानेर से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने दोनों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था.

कहानी शुरू होती है साल 2018 से
माणकचौक थाने में 28 सितंबर 2018 को बैंक घोटाले का मामला दर्ज हुआ. आरोप था कि बैंक से जुड़े लोगों ने आपसी साजिश के तहत फर्जी पट्टों और विवादित संपत्तियों के दस्तावेजों को बैंक में गिरवी रखकर 13 लोन खाते स्वीकृत करवाए. आरोप है कि इस तरीके से करोड़ों रुपए की लोन राशि हड़पकर बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया. मामले में बैंक की पूर्व अध्यक्ष डॉ फिरोजा बानो सहित बैंक अधिकारी, ऋणी, वैल्युअर्स और एडवोकेट सहित 59 आरोपी नामजद थे. इस मामले में करीब दो करोड़ रुपए  से ज्यादा का गबन करने तथा आरोपी दम्पति पर दस लाख रुपए से ज्यादा लोन का मामला है.

क्या था राजलक्ष्मी बैंक घोटाला
2018 में FIR
59 नामजद आरोपी
13 लोन खाते
फर्जी-विवादित संपत्तियों के दस्तावेज
करोड़ों की लोन राशि का आरोप
IPC 420, 467, 468, 471, 120-B के तहत मामला दर्ज 

तकनीकी इंटेलिजेंस से पकड़े गए आरोपी
मामला गंभीर था और आरोपी लंबे समय से फरार थे. जो पुलिस से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहे थे. लेकिन माणकचौक पुलिस ने भी हार नहीं मानी.  तकनीकी इंटेलिजेंस और मुखबिर तंत्र को एक साथ एक्टिव किया गया. पुलिस टीम ने सादा कपड़ों में आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी. एक के बाद एक संभावित ठिकानों को चिन्हित किया गया. लोकेशन की पुख्ता पुष्टि होते ही पुलिस टीम ने दबिश दी और दोनों इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. राजलक्ष्मी बैंक घोटाले में पुलिस की कार्रवाई यहीं खत्म नहीं होती. अब गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के जरिए घोटाले में उनकी भूमिका और अन्य आरोपियों से जुड़े लिंक की जानकारी जुटाई जाएगी.

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About the Author

Vishnu Prakash Sharma

Vishnu Prakash Sharma

जी राजस्थान में सीनियर कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत विष्णु प्रकाश शर्मा पत्रकारिता के क्षेत्र में विगत 30 वर्षों से सक्रिय हैं. जी मीडिया में वे BJP, तीसरा मोर्चा,  RSS सहित अन्य राजनीतिक विषय या गृह, वित्त और क्राइम से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से कवर करते हैं. बात चाहे बीजेपी संगठन में किसी भी हलचल की या फिर पार्टी के वीवीआईपी दौरों से लेकर कानून व्यवस्था से जुड़ी खबरों की, विष्णु शर्मा सक्रिय रूप से इन सभी की न्यूज कवर कर दर्शकों तक पहुंचाते हैं। राजनीतिक और गृह-पुलिस की खबरों पर भी गहरी पकड़ रखते हैं. राजनीति से जुड़ी हर छोटी बड़ी खबरों को भी दर्शकों तक पहुंचाते हैं.  विष्णु प्रकाश शर्मा जी मीडिया समूह से पहले दैनिक भास्कर में 10 साल, राजस्थान पत्रिका में 12 साल, फर्स्ट इंडिया न्यूज 7 महीने कार्य कर चुके हैं.
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