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Banswara News: बांसवाड़ा जिले में धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने, प्रलोभन देने और मारपीट के आरोपों का मामला सामने आया है. सल्लोपाट थाना क्षेत्र के शिवपुरा गांव में यूथ फेस्टिवल के नाम पर लोगों को जुटाकर कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया गया है. मामले में माकड़ीचोर गांव निवासी आदित्य डिंडोर की शिकायत पर 14 नामजद लोगों समेत करीब 150 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. शिकायत में ₹1 लाख, हर महीने ₹25 हजार, कार और दूसरी सुविधाएं देने के साथ RPSC के जरिए RAS में चयन कराने का लालच देने का भी आरोप लगाया गया है. पुलिस ने राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
चार साल से पिता से अलग रह रहा था युवक
सल्लोपाट थानाधिकारी जयेश पाटीदार के मुताबिक, माकड़ीचोर निवासी आदित्य डिंडोर ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई है. आदित्य ने शिकायत में बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते वह करीब चार साल से अपने पिता से अलग रह रहा है. इसी दौरान उसकी पहचान आशीष डामोर से हुई थी.
शिकायत के अनुसार, आशीष ने आदित्य के बांसवाड़ा शहर में रहने की व्यवस्था कराई थी. इसके बाद 18 सितंबर की शाम आशीष डामोर कुछ अन्य लोगों के साथ उसके घर पहुंचा. आरोप है कि इन लोगों ने आदित्य को 22 सितंबर को शिवपुरा गांव में बलवंत बारिया के घर होने वाले यूथ फेस्टिवल में आने के लिए कहा.
धार्मिक ग्रंथ देकर स्वागत करने का आरोप
आदित्य के मुताबिक, उसे बलवंत बारिया के मकान पर ले जाया गया. वहां एक हॉल में काफी संख्या में लोग मौजूद थे. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वहां माला पहनाकर और धार्मिक ग्रंथ की प्रति देकर उसका स्वागत किया गया.
इसके बाद हॉल में मौजूद लोगों को धार्मिक तरीके से पानी पिलाने और स्नान कराने की प्रक्रिया चल रही थी. आदित्य ने आरोप लगाया कि इस दौरान लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था और उसे भी ऐसा करने के लिए कहा गया.
₹1 लाख और हर महीने ₹25 हजार देने का प्रलोभन
शिकायत में आदित्य ने आरोप लगाया कि उसे धर्म परिवर्तन करने के बाद पादरी बनाने और हर महीने ₹25 हजार देने की बात कही गई. इसके साथ ही घूमने के लिए कार और दूसरी सुविधाएं देने का भी लालच दिए जाने का आरोप है. आरोप के मुताबिक, उसे अगले दिन ₹1 लाख देने का प्रलोभन भी दिया गया. इसके अलावा शिकायत में यह भी कहा गया है कि RPSC के जरिए RAS में चयन कराने का लालच दिया गया था. आदित्य ने इन बातों को स्वीकार करने से इनकार किया तो कथित तौर पर उस पर दबाव बनाया गया.
धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर मारपीट का आरोप
आदित्य ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि जब उसने धर्म परिवर्तन करने से मना कर दिया तो उसके साथ मारपीट की गई. शिकायत के मुताबिक, उसके साथ लात-घूंसों और लट्ठ से मारपीट की गई और उसे धमकाया गया. शिकायत में जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित करने और हिंदू देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक बातें करने के आरोप भी लगाए गए हैं. हालांकि, इन सभी आरोपों की पुलिस जांच कर रही है.
22 सितंबर को हुआ था कार्यक्रम
FIR के मुताबिक, 22 सितंबर को शिवपुरा में यूथ फेस्टिवल का कार्यक्रम आयोजित किया गया था. शिकायत में दावा किया गया है कि कार्यक्रम में करीब 100 से 150 लोग मौजूद थे. बलवंत बारिया के मकान परिसर में चर्च संचालित होने और एक बड़े समूह द्वारा करीब 10 हजार लोगों के धर्मांतरण के दावे भी शिकायत में किए गए हैं. पुलिस ने इन दावों और कार्यक्रम के दौरान हुई गतिविधियों से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कार्यक्रम में कौन-कौन लोग शामिल हुए थे और वहां वास्तव में क्या हुआ था.
14 नामजद समेत 150 लोगों पर केस
थानाधिकारी जयेश पाटीदार के अनुसार, शिकायत के आधार पर मसीहा सेवा समिति के सनी मईडा, सुनील गरासिया, बलवंत बारिया, रेव. विजय बलबीर राणा, अजय डामोर, दीपक कटारा, अनिल पटेल, जवान सिंह गरासिया, प्रदीप बारिया, सुमित गरासिया, धर्मेंद्र मईडा, पॉल थॉमस, आशीष डामोर और जेवन को नामजद किया गया है. इन नामजद लोगों के अलावा कुल करीब 150 लोगों के खिलाफ राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल पुलिस आरोपों की जांच कर रही है और कार्यक्रम में मौजूद लोगों के साथ-साथ पूरे घटनाक्रम से जुड़े दूसरे तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है.